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इकरामुददीन की जांच पूरी, कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट
Updated Sat, 10 Mar 2018 02:16 AM IST
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इकरामुद्दीन की जांच पूरी, कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट
मेरठ। नगर निगम के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन की सदस्यता पर उठे सवालों की जांच पूरी हो चुकी है। जिसमें उनके निगम में रजिस्टर्ड फर्म के रिकार्ड के साथ साथ फर्म निरस्त करने के आवेदन को आधार बनाया गया है। इसके आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि इकरामुद्दीन की कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की कुर्सी ही नहीं बल्कि पार्षदी पर भी संकट है।
नगर निगम के नए बोर्ड गठन के बाद से ही निगम की राजनीति गरमाई हुई है। न तो बसपा और भाजपा के पार्षदों में सामंजस्य बन पा रहा है और न ही महापौर और नगरायुक्त में। इसका सीधा असर महानगर के विकास, पर पड़ रहा है। दूसरा विवाद उस समय जन्मा जब निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव में बसपा की तरफ से इकरामुद्दीन निर्वाचित हो गए। इस पर भाजपा पार्षद ललित नागदेव सहित भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने इकरामुद्दीन को निगम का रजिस्टर्ड ठेकेदार बताते हुए सदस्यता खत्म किए जाने की मांग डीएम और कमिश्नर से की। कमिश्नर के आदेश पर मामले में नगरायुक्त ने जांच बैठा दी। शुक्रवार को देर शाम निगम अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट कमिश्नरी भेज दी। बताया गया है कि जांच रिपोर्ट में इकरामुद्दीन की पार्षदी को खतरा है।
खास बातें:
भाजपाइयों ने इकरामुद्दीन की सदस्यता पर उठाए थे सवाल
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मेरठ। नगर निगम के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन की सदस्यता पर उठे सवालों की जांच पूरी हो चुकी है। जिसमें उनके निगम में रजिस्टर्ड फर्म के रिकार्ड के साथ साथ फर्म निरस्त करने के आवेदन को आधार बनाया गया है। इसके आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि इकरामुद्दीन की कार्यकारिणी उपाध्यक्ष की कुर्सी ही नहीं बल्कि पार्षदी पर भी संकट है।
नगर निगम के नए बोर्ड गठन के बाद से ही निगम की राजनीति गरमाई हुई है। न तो बसपा और भाजपा के पार्षदों में सामंजस्य बन पा रहा है और न ही महापौर और नगरायुक्त में। इसका सीधा असर महानगर के विकास, पर पड़ रहा है। दूसरा विवाद उस समय जन्मा जब निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव में बसपा की तरफ से इकरामुद्दीन निर्वाचित हो गए। इस पर भाजपा पार्षद ललित नागदेव सहित भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने इकरामुद्दीन को निगम का रजिस्टर्ड ठेकेदार बताते हुए सदस्यता खत्म किए जाने की मांग डीएम और कमिश्नर से की। कमिश्नर के आदेश पर मामले में नगरायुक्त ने जांच बैठा दी। शुक्रवार को देर शाम निगम अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट कमिश्नरी भेज दी। बताया गया है कि जांच रिपोर्ट में इकरामुद्दीन की पार्षदी को खतरा है।
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खास बातें:
भाजपाइयों ने इकरामुद्दीन की सदस्यता पर उठाए थे सवाल