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अब निगम एनजीटी में पेश करेगा रिकार्डिंग स्टेटमेंट
Updated Tue, 06 Mar 2018 02:04 AM IST
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अब निगम एनजीटी ने पेश करेगा रिकॉर्डिंग स्टेटमेंट
मेरठ। मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी को लेकर एनजीटी ने नगर निगम से एक सप्ताह में रिकॉर्डिंग स्टेटमेंट मांगा है। इसके बाद अगली तारीख पर न्यायालय में सुनवाई होनी है। एनजीटी की तरफ से नगर निगम को यह अंतिम मौका बताया जा रहा है।
दिल्ली रोड पर मंगतपुरम में नगर निगम कूड़ा डलवाता रहा है। जिसके कारण अब मौके पर कूड़े की पहाड़ी बन गई है। वहां मृत पशुओं को काटकर उनकी खाल भी उतारी जाती है। बाकी पशुओं के अवशेष मौके पर ही पड़े रहते हैं। कूड़े और पशुओं के अवशेष से निकलने वाली बदबू से आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी का मामला एनजीटी में उठाया हुआ है। सोमवार को भी एनजीटी में मामले की सुनवाई थी। लेकिन न्यायाधीश जावेद रहीम ने नगर निगम अधिकारियों को एक और मौका दिया है। जिसमें नगर निगम प्रशासन को एक सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए रिकॉर्डिंग स्टेटमेंट देना होगा। ताकी निगम अपने स्टेटमेंट से मुकर न सके। लोकेश खुराना का कहना है कि निगम के स्टेटमेंट आने के बाद हम अपना पक्ष रखेंगे। जरूरत पड़ने पर कोर्ट कमीशन भी लाया जाएगा।
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मेरठ। मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी को लेकर एनजीटी ने नगर निगम से एक सप्ताह में रिकॉर्डिंग स्टेटमेंट मांगा है। इसके बाद अगली तारीख पर न्यायालय में सुनवाई होनी है। एनजीटी की तरफ से नगर निगम को यह अंतिम मौका बताया जा रहा है।
दिल्ली रोड पर मंगतपुरम में नगर निगम कूड़ा डलवाता रहा है। जिसके कारण अब मौके पर कूड़े की पहाड़ी बन गई है। वहां मृत पशुओं को काटकर उनकी खाल भी उतारी जाती है। बाकी पशुओं के अवशेष मौके पर ही पड़े रहते हैं। कूड़े और पशुओं के अवशेष से निकलने वाली बदबू से आसपास के लोगों को काफी परेशानी होती है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी का मामला एनजीटी में उठाया हुआ है। सोमवार को भी एनजीटी में मामले की सुनवाई थी। लेकिन न्यायाधीश जावेद रहीम ने नगर निगम अधिकारियों को एक और मौका दिया है। जिसमें नगर निगम प्रशासन को एक सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए रिकॉर्डिंग स्टेटमेंट देना होगा। ताकी निगम अपने स्टेटमेंट से मुकर न सके। लोकेश खुराना का कहना है कि निगम के स्टेटमेंट आने के बाद हम अपना पक्ष रखेंगे। जरूरत पड़ने पर कोर्ट कमीशन भी लाया जाएगा।
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