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नगर पंचायत दौराला में ब्राहमण प्रत्याशी से बिगड़ा गणित
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:14 AM IST
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नगर पंचायत दौराला में ब्राह्मण को टिकट देने से बिगड़ा समीकरण
मेरठ। भाजपा द्वारा घोषित नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों में दो नगर पंचायतों में नाराजगी पैदा हो गई है। एक तरफ जहां दौराला में ब्राह्मण प्रत्याशी उतारे जाने पर जातीय समीकरण बिगड़ गया है, वहीं दूसरी तरफ बहसूमा में सामान्य सीट के बावजूद पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी बनाए जाने पर वैश्य वर्ग नाराज है।
जनपद की 13 नगर पंचायतों में से तीन नगर पंचायत सिवालखास, हर्रा और किठौर में भाजपा प्रत्याशी ही नहीं उतार पाई। वहीं बाकी 10 नगर पंचायतों में जो प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें दौराला और बहसूमा में नाराजगी का दौर है। सबसे ज्यादा चर्चा में दौराला नगर पंचायत आ रही है। दौराला नगर पंचायत महिला के लिए आरक्षित थी। सामान्य महिला के लिए आरक्षित इस सीट पर ब्राह्मण बिरादरी से प्रत्याशी घोषित की गई हैं, जबकि यहां के सांसद और विधायक किसी जाट को प्रत्याशी बनाये जाने की मांग कर रहे थे। इसके पीछे नगर पंचायत का जाट बहुल होना माना जा रहा है। ताकि जातीय गणित के सहारे जीत का रास्ता मजबूत किया जा सके। लेकिन पार्टी के ही कुछ पदाधिकारियों के दबाव में यहां ब्राह्मण कार्ड खेला गया है। जिससे समीकरण गड़बड़ा गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ बहसूमा नगर पंचायत लंबे समय बाद अनारक्षित घोषित हुई है। ऐसे में यहां से इस बार वैश्य बिरादरी के दो नेता अमित गोयल और डा. पवन गोयल दावेदारी कर रहे थे। लेकिन विधानसभा के समीकरण को देखते हुए इस नगर पंचायत से गुर्जर बिरादरी से प्रत्याशी मैदान में उतार दिया गया, जिसे लेकर वैश्य बिरादरी में यहां रोष है। चर्चा है कि बगावत कर वैश्य बिरादरी से निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारा जा सकता है।
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खास बात
बहसूमा में सामान्य सीट पर गुर्जर को प्रत्याशी बनाये जाने पर वैश्य नाराज
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मेरठ। भाजपा द्वारा घोषित नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों में दो नगर पंचायतों में नाराजगी पैदा हो गई है। एक तरफ जहां दौराला में ब्राह्मण प्रत्याशी उतारे जाने पर जातीय समीकरण बिगड़ गया है, वहीं दूसरी तरफ बहसूमा में सामान्य सीट के बावजूद पिछड़ा वर्ग से प्रत्याशी बनाए जाने पर वैश्य वर्ग नाराज है।
जनपद की 13 नगर पंचायतों में से तीन नगर पंचायत सिवालखास, हर्रा और किठौर में भाजपा प्रत्याशी ही नहीं उतार पाई। वहीं बाकी 10 नगर पंचायतों में जो प्रत्याशी उतारे हैं, उनमें दौराला और बहसूमा में नाराजगी का दौर है। सबसे ज्यादा चर्चा में दौराला नगर पंचायत आ रही है। दौराला नगर पंचायत महिला के लिए आरक्षित थी। सामान्य महिला के लिए आरक्षित इस सीट पर ब्राह्मण बिरादरी से प्रत्याशी घोषित की गई हैं, जबकि यहां के सांसद और विधायक किसी जाट को प्रत्याशी बनाये जाने की मांग कर रहे थे। इसके पीछे नगर पंचायत का जाट बहुल होना माना जा रहा है। ताकि जातीय गणित के सहारे जीत का रास्ता मजबूत किया जा सके। लेकिन पार्टी के ही कुछ पदाधिकारियों के दबाव में यहां ब्राह्मण कार्ड खेला गया है। जिससे समीकरण गड़बड़ा गए हैं।
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वहीं दूसरी तरफ बहसूमा नगर पंचायत लंबे समय बाद अनारक्षित घोषित हुई है। ऐसे में यहां से इस बार वैश्य बिरादरी के दो नेता अमित गोयल और डा. पवन गोयल दावेदारी कर रहे थे। लेकिन विधानसभा के समीकरण को देखते हुए इस नगर पंचायत से गुर्जर बिरादरी से प्रत्याशी मैदान में उतार दिया गया, जिसे लेकर वैश्य बिरादरी में यहां रोष है। चर्चा है कि बगावत कर वैश्य बिरादरी से निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारा जा सकता है।
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खास बात
बहसूमा में सामान्य सीट पर गुर्जर को प्रत्याशी बनाये जाने पर वैश्य नाराज