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नीट: दूसरा दिन, हुई दिक्कत, प्राचार्य का घेराव
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:55 AM IST
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नीट: दूसरे दिन 328 अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की हुई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नीट 2017 (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को 328 के सत्यापन हुए। एक हजार से ज्यादा ऐसे रहे, जिनके फॉर्म में गलतियां थीं या उनके पास ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स नहीं थे। जिन लोगों केसत्यापन छूट गए हैं, उन्हें 12 अगस्त को फिर मौका दिया जाएगा। इसके अलावा शुक्रवार को 211 से 320 अंक वाले अभ्यर्थियों केदस्तावेजों (डॉक्यूमेंट्स) का सत्यापन किया जाएगा।
दूसरी तरफ, दोपहर में कुछ अभिभावकों ने कार्यवाहक प्राचार्य का घेराव किया। उनका कहना था कि उनकेबच्चे बीमारी या किसी अन्य कारण से नहीं आ सके हैं, इसलिए उन्हें उनके प्रपत्रों की जांच और डॉक्यूमेंट्स जमा करने दिए जाएं। लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया जा रहा है। इस पर प्राचार्य ने सेंटर इंचार्ज डॉ. विभु साहनी को बुलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिजनों केलिए उन्होंने साढ़े तीन बजे का समय रखा हुआ है, तब जाकर मामला शांत हुआ। मेडिकल कॉलेज में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी और उनके परिजन पहुंचे थे। 12 अगस्त को 210 अंक वाले अभ्यर्थी और बाकी छूटे हुए अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर आवंटन के लिए सिक्योरिटी धनराशि 20 हजार रुपये और निजी क्षेत्र के मेडिकल डेंटल कॉलेजों की सीटों पर आवंटन के लिए दो लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अभिलेखों केसत्यापन के समय संबंधित केंद्र पर जमा करना अनिवार्य होगा। जुलाई में प्रपत्रों की जांच हुई थी। जो अभ्यर्थी रह गए थे, उन्हें यह दूसरा मौका दिया जा रहा है।
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खास बातें
आज 211 से 320 अंक वालों के अभिलेखों की होगी जांच
अभ्यर्थियों के परिजनों ने कार्यवाहक प्राचार्य का किया घेराव
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। नीट 2017 (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को 328 के सत्यापन हुए। एक हजार से ज्यादा ऐसे रहे, जिनके फॉर्म में गलतियां थीं या उनके पास ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स नहीं थे। जिन लोगों केसत्यापन छूट गए हैं, उन्हें 12 अगस्त को फिर मौका दिया जाएगा। इसके अलावा शुक्रवार को 211 से 320 अंक वाले अभ्यर्थियों केदस्तावेजों (डॉक्यूमेंट्स) का सत्यापन किया जाएगा।
दूसरी तरफ, दोपहर में कुछ अभिभावकों ने कार्यवाहक प्राचार्य का घेराव किया। उनका कहना था कि उनकेबच्चे बीमारी या किसी अन्य कारण से नहीं आ सके हैं, इसलिए उन्हें उनके प्रपत्रों की जांच और डॉक्यूमेंट्स जमा करने दिए जाएं। लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया जा रहा है। इस पर प्राचार्य ने सेंटर इंचार्ज डॉ. विभु साहनी को बुलाया। उन्होंने कहा कि ऐसे परिजनों केलिए उन्होंने साढ़े तीन बजे का समय रखा हुआ है, तब जाकर मामला शांत हुआ। मेडिकल कॉलेज में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी और उनके परिजन पहुंचे थे। 12 अगस्त को 210 अंक वाले अभ्यर्थी और बाकी छूटे हुए अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
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राजकीय मेडिकल कॉलेजों की सीटों पर आवंटन के लिए सिक्योरिटी धनराशि 20 हजार रुपये और निजी क्षेत्र के मेडिकल डेंटल कॉलेजों की सीटों पर आवंटन के लिए दो लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अभिलेखों केसत्यापन के समय संबंधित केंद्र पर जमा करना अनिवार्य होगा। जुलाई में प्रपत्रों की जांच हुई थी। जो अभ्यर्थी रह गए थे, उन्हें यह दूसरा मौका दिया जा रहा है।
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खास बातें
आज 211 से 320 अंक वालों के अभिलेखों की होगी जांच
अभ्यर्थियों के परिजनों ने कार्यवाहक प्राचार्य का किया घेराव