{"_id":"6195643b2ed6056cda2eca92","slug":"25-thousands-fined-in-dust-burning-case-meerut-news-mrt565271277","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंटोमेंट बोर्ड पर दोबारा लगा 25 हजार का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंटोमेंट बोर्ड पर दोबारा लगा 25 हजार का जुर्माना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कूड़ा जलाने में कैंट बोर्ड पर फिर लगा 25 हजार का जुर्माना
मोदीपुुरम (मेरठ)। कैंट बोर्ड पर डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा जलाने के मामले में लगातार दूसरी बार 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। खरदौनी गांव में इसरार और मासूम के दो कोल्हुओं पर भी पॉलिथीन जलती मिली। कैंट बोर्ड के डंपिंग ग्राउंड पर दोबारा कूड़ा जलता पाया गया है। बुधवार को भी शहर में एक्यूआई 300 के पार रहा।
शहर में कूड़ा जलाएं जाने के कारण एक्यूआई का स्तर नीचे नहीं आ रहा है। इससे लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। बुधवार को बागपत में एक्यूआई 312, गाजियाबाद में 356, मुजफ्फरनगर में 265 व शामली में 250 एक्यूआई का स्तर दर्ज किया गया। उधर बुधवार को दिन का तापमान सीजन में सबसे कम दर्ज किया गया। जिस कारण ठंड का प्रकोप अधिक रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट का दौर बना रहेगा। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तामपान 26.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 08.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 93 व न्यूनतम आर्द्रता 43 प्रतिशत दर्ज की गई।
---
होगी सख्त कार्रवाई
बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जिले में छह टीमों का गठन किया गया है। जो लगातार मॉनेटिरिंग कर रही है। बुधवार को टीम अलग अलग हिस्से में पहुंची और निरीक्षण किया गया। कैंटोमेंट बोर्ड व खरदौनी के दो कोल्हुओं पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। - डॉ. योंगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय नियंत्रध प्रदूषण अधिकारी।
विज्ञापन
---
छह दिन में 3.5 लाख लीटर पानी का छिड़काव
मेरठ। शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से साफ हुए पानी के बजाय पीने के पानी का ही छिड़काव कर रहा है। निगम की तीन मशीनें रोजाना 54 हजार लीटर पानी का छिड़काव कर रही हैं। शहर से निकलने वाले सीवर को साफ करने के लिए जागृति विहार में 72 एमएलडीए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। जल निगम के दावे के अनुसार एसटीपी से निकलने वाले साफ पानी का इस्तेमाल फसलों व पार्कों की सिंचाई और सड़कों पर छिड़काव में किया सकता है। नगर निगम के डिपो प्रभारी अरुण खरखौदिया का कहना है कि एसटीपी पानी से मशीनों के बर्नर खराब होने का अंदेशा है। इसलिए नलकूपों से पानी लिया जा रहा है। ब्यूरो
विज्ञापन
मोदीपुुरम (मेरठ)। कैंट बोर्ड पर डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा जलाने के मामले में लगातार दूसरी बार 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। खरदौनी गांव में इसरार और मासूम के दो कोल्हुओं पर भी पॉलिथीन जलती मिली। कैंट बोर्ड के डंपिंग ग्राउंड पर दोबारा कूड़ा जलता पाया गया है। बुधवार को भी शहर में एक्यूआई 300 के पार रहा।
शहर में कूड़ा जलाएं जाने के कारण एक्यूआई का स्तर नीचे नहीं आ रहा है। इससे लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। बुधवार को बागपत में एक्यूआई 312, गाजियाबाद में 356, मुजफ्फरनगर में 265 व शामली में 250 एक्यूआई का स्तर दर्ज किया गया। उधर बुधवार को दिन का तापमान सीजन में सबसे कम दर्ज किया गया। जिस कारण ठंड का प्रकोप अधिक रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट का दौर बना रहेगा। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तामपान 26.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 08.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 93 व न्यूनतम आर्द्रता 43 प्रतिशत दर्ज की गई।
विज्ञापन
---
होगी सख्त कार्रवाई
बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम को लेकर जिले में छह टीमों का गठन किया गया है। जो लगातार मॉनेटिरिंग कर रही है। बुधवार को टीम अलग अलग हिस्से में पहुंची और निरीक्षण किया गया। कैंटोमेंट बोर्ड व खरदौनी के दो कोल्हुओं पर 25-25 हजार का जुर्माना लगाया गया है। - डॉ. योंगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय नियंत्रध प्रदूषण अधिकारी।
विज्ञापन
---
छह दिन में 3.5 लाख लीटर पानी का छिड़काव
मेरठ। शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से साफ हुए पानी के बजाय पीने के पानी का ही छिड़काव कर रहा है। निगम की तीन मशीनें रोजाना 54 हजार लीटर पानी का छिड़काव कर रही हैं। शहर से निकलने वाले सीवर को साफ करने के लिए जागृति विहार में 72 एमएलडीए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। जल निगम के दावे के अनुसार एसटीपी से निकलने वाले साफ पानी का इस्तेमाल फसलों व पार्कों की सिंचाई और सड़कों पर छिड़काव में किया सकता है। नगर निगम के डिपो प्रभारी अरुण खरखौदिया का कहना है कि एसटीपी पानी से मशीनों के बर्नर खराब होने का अंदेशा है। इसलिए नलकूपों से पानी लिया जा रहा है। ब्यूरो