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बराल परतापुर गोशाला में स्थानांतरित होंगे गोवंश
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बराल परतापुर गोशाला में स्थानांतरित होंगे गोवंश
- अंतिम चरण में गोशाला का निर्माण
- गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे नगरायुक्त और अन्य अधिकारी
- 600 पशुओं के एक साथ रखने की रहेगी गोशाला में व्यवस्था
मेरठ। 600 गोवंश को रखने के लिए नगर निगम द्वारा तैयार कराई जा रही परतापुर बराल में गोशाला को अंतिम मूर्त दिया जा रहा है। मंगलवार को निगम अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। अगले माह सभी गोवंश को स्थाई गोशाला में स्थानांतरित करने की तैयारी है।
सरकार की मंशा के अनुरूप परतापुर के बराल में कान्हा उपवन यानी गौशाला तैयार की जा रही है। जिसमें पशुओं के रहने से लेकर चिकित्सा का भी उचित प्रबंध रहेगा। इतना ही नहीं पशुओं को नहाने के लिए स्वीमिंग पुल की भी व्यवस्था की जा रही है। मंगलवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा और चीफ इंजीनियर जितेंद्र कैन आदि अधिकारी बराल में गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने जहां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखी। वहीं अधूरे पड़े कार्य को तेजगति से निपटाने के निर्देश दिए। बता दें कि अभी तक निगम की अस्थाई गोशाला शहर में सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर, सूरजकुंड कांजी हाउस, और अछरोंडा में संचालित हैं। यहां पर भी निगम ने पशुओं के चर और पानी की स्थाई सुविधा हुई है। जिसको गोवंश के स्थानांतरित होते ही खत्म कर दिया जाएगा।
बराल में गोशाला का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोशाला पशुओं के लिए सभी सुविधाओं से लैस होगी। गोशाला में मूत्र से भी औषधि तैयार की जाएगी। - मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
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- अंतिम चरण में गोशाला का निर्माण
- गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे नगरायुक्त और अन्य अधिकारी
- 600 पशुओं के एक साथ रखने की रहेगी गोशाला में व्यवस्था
मेरठ। 600 गोवंश को रखने के लिए नगर निगम द्वारा तैयार कराई जा रही परतापुर बराल में गोशाला को अंतिम मूर्त दिया जा रहा है। मंगलवार को निगम अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। अगले माह सभी गोवंश को स्थाई गोशाला में स्थानांतरित करने की तैयारी है।
सरकार की मंशा के अनुरूप परतापुर के बराल में कान्हा उपवन यानी गौशाला तैयार की जा रही है। जिसमें पशुओं के रहने से लेकर चिकित्सा का भी उचित प्रबंध रहेगा। इतना ही नहीं पशुओं को नहाने के लिए स्वीमिंग पुल की भी व्यवस्था की जा रही है। मंगलवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा और चीफ इंजीनियर जितेंद्र कैन आदि अधिकारी बराल में गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने जहां निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखी। वहीं अधूरे पड़े कार्य को तेजगति से निपटाने के निर्देश दिए। बता दें कि अभी तक निगम की अस्थाई गोशाला शहर में सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर, सूरजकुंड कांजी हाउस, और अछरोंडा में संचालित हैं। यहां पर भी निगम ने पशुओं के चर और पानी की स्थाई सुविधा हुई है। जिसको गोवंश के स्थानांतरित होते ही खत्म कर दिया जाएगा।
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बराल में गोशाला का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गोशाला पशुओं के लिए सभी सुविधाओं से लैस होगी। गोशाला में मूत्र से भी औषधि तैयार की जाएगी। - मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
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