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कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कबड्डी के लिए नहीं है मैट
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कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कबड्डी के लिए नहीं है मैट
मेरठ। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाओं के लिए जद्दोजहद चल रही है। प्रो-कबड्डी जैसी प्रतियोगिता शुरू होने के बाद ग्रामीण युवाओं में कबड्डी की तरफ रुझान बढ़ा है, लेकिन स्टेडियम में मैट न होने के कारण खिलाड़ियों को मिट्टी पर ही खेलना पड़ रहा है।
स्टेडियम में वर्तमान में कई बडे़ प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें साढ़ेे पांच करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ बन रहा है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रोजेक्ट में स्टेडियम की शूटिंग रेंज शामिल हो गई है। वहीं खिलाड़ियों को अभ्यास के साथ प्रतियोगिताओं में मिट्टी पर ही खेलना पड़ रहा है। वुशू खेल के लिए भी खिलाड़ियों को बिना मैट के ही खेलना पड़ रहा है। कराटे के मैट पर खिलाड़ियों को अभ्यास करना पड़ता है, जबकि प्रतियोगिता के दौरान वुशू खिलाड़ी बाक्सिंग रिंग का इस्तेमाल करते हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कबड्डी के लिए दो मैट स्टेडियम में मौजूद हैं। जिला व मंडल स्तर कबड्डी प्रतियोगिताओं में मैट पर ही खिलाया जाता है। वुशू की प्रतियोगिता बाक्सिंग रिंग में कराई जाती है। वुशू के लिए अलग से रिंग बनाने के लिए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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मेरठ। कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय सुविधाओं के लिए जद्दोजहद चल रही है। प्रो-कबड्डी जैसी प्रतियोगिता शुरू होने के बाद ग्रामीण युवाओं में कबड्डी की तरफ रुझान बढ़ा है, लेकिन स्टेडियम में मैट न होने के कारण खिलाड़ियों को मिट्टी पर ही खेलना पड़ रहा है।
स्टेडियम में वर्तमान में कई बडे़ प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें साढ़ेे पांच करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ बन रहा है, जबकि मुख्यमंत्री के प्रोजेक्ट में स्टेडियम की शूटिंग रेंज शामिल हो गई है। वहीं खिलाड़ियों को अभ्यास के साथ प्रतियोगिताओं में मिट्टी पर ही खेलना पड़ रहा है। वुशू खेल के लिए भी खिलाड़ियों को बिना मैट के ही खेलना पड़ रहा है। कराटे के मैट पर खिलाड़ियों को अभ्यास करना पड़ता है, जबकि प्रतियोगिता के दौरान वुशू खिलाड़ी बाक्सिंग रिंग का इस्तेमाल करते हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कबड्डी के लिए दो मैट स्टेडियम में मौजूद हैं। जिला व मंडल स्तर कबड्डी प्रतियोगिताओं में मैट पर ही खिलाया जाता है। वुशू की प्रतियोगिता बाक्सिंग रिंग में कराई जाती है। वुशू के लिए अलग से रिंग बनाने के लिए उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
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