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मिनटों की बारिश में खुल गयी नाला सफाई की पोल
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:32 AM IST
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सिर्फ 25 मिनट की बारिश, शहर की सड़कें हुई जलमग्न
मेरठ। सब दावे झूठे निकले। मानसून की पहली मात्र 25 मिनट की बारिश ने ही दिखा दिया कि शहर में नालों की सफाई का कितना बुरा हाल है। नालों की सफाई के नाम पर चल रहे तमाम खेल-तमाशों पर इस बारिश ने पानी फेर दिया। नाले अवरुद्घ होेने के कारण जल निकासी नहीं हो पाई और घंटों तक शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की स्थिति रही।
दो माह से नाला सफाई के दावे कर रहा नगर निगम बुधवार को हुई बारिश के दौरान हांफ गया। शहर के नाले मात्र 25 मिनट की बारिश के पानी को भी नहीं झेल पाए। नाले उफने तो सड़क और भवन परिसरों में पानी भर गया। जलभराव से नगर निगम परिसर भी अछूता नहीं रहा। सड़कें लबालब हो गई। बारिश बंद होने के बाद कई घंटे जलभराव रहा। जिसके कारण शहर का यातायात भी प्रभावित हो गया।
निगम के दावे, तली झाड़ साफ हो रहे नाले
नगर निगम सभी नालों को तली झाड़ सफाई के दावे करता रहा है। अधिकारियों ने एलान किया था कि इस बार बरसात में शहर जलभराव के कारण टापू नहीं बनेगा। बुधवार को मानसून की पहली हल्की बारिश थी। जो शहर के कुछ ही इलाकों में हुई। उसके बावजूद जलभराव का यह हाल हुआ कि दिल्ली रोड, शारदा रोड, प्रहलादनगर, खैरनगर, रेलवे रोड़ से घंटाघर मार्ग, साकेत, सिविल लाइन, कमिश्नरी चौराहा, थापर नगर, बागपत रोड, फूलबाग कालोनी, नगर निगम परिसर, जिला महिला अस्पताल, सहित काफी स्थानों पर भारी जलभराव हुआ। इनके आसपास की कालोनियां जैसे ब्रह्मपुरी आदि इलाकों में भी जलभराव रहा।
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ओडियन और आबूनाले उफने
नगर निगम ने ओडियन और आबूनाले की तली झाड़ सफाई की बात कही थी। लेकिन बुधवार को हुई बारिश का पानी भी नाले नहीं झेल पाए। आगे भारी बारिश होेने के बाद शहर का हाल क्या हो, इसको लेकर शहर की जनता भी चिंतित है। इन बड़े नालों से जुड़ने वाले छोटे नालों की स्थिति भी साफ हो गई है। माना जा रहा है कि अगर निगम ने नालों की सफाई को गंभीरता से नहीं लिया तो बरसात में शहर तालाब बन जाएगा। थापर नगर नाले का तो यह हाल कि नाला अटकर सड़क के ही लेवल तक पहुंच गया है।
कचहरी में हुआ जलभराव
कचहरी में बारिश के पहले दिन ही जलभराव हो गया। जिसके चलते वादकारियों व वकीलों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर बारिश शुरू होते ही प्याऊ चौराहे पर कलक्ट्रेट व सिविल कोर्ट के बीच बने गेट पर पानी भर गया। वहीं भारद्वाज चैंबर के पास 13 कोर्ट बिल्डिंग में जाने वाले रास्ते में भी जलभराव हो गया। उधर मुख्य मार्ग पर सुलभ शौचालय के पास भी जलभराव रहा जिसमें वादकारियों को काफी परेशानी हुई। जिसकी शिकायत वकीलों ने मेरठ बार एसोसिएशन व जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व कोर्ट मैनेजर से भी की है।
नालों की सफाई लगातार की जा रही है। नालों की सफाई का ही असर है कि बारिश बंद होने के एक घंटे बाद पानी उतर गया।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
खास बातें:
- शहर भर की सड़कों और विभिन्न मोहल्लों में भरा पानी
- जल निकासी का नहीं था इंतजाम, अटे पड़े हैं शहर के नाले
- सड़कों पर जलभराव में बह गए निगम के दावे
- शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- नगर निगम परिसर भी बन गया तालाब
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मेरठ। सब दावे झूठे निकले। मानसून की पहली मात्र 25 मिनट की बारिश ने ही दिखा दिया कि शहर में नालों की सफाई का कितना बुरा हाल है। नालों की सफाई के नाम पर चल रहे तमाम खेल-तमाशों पर इस बारिश ने पानी फेर दिया। नाले अवरुद्घ होेने के कारण जल निकासी नहीं हो पाई और घंटों तक शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की स्थिति रही।
दो माह से नाला सफाई के दावे कर रहा नगर निगम बुधवार को हुई बारिश के दौरान हांफ गया। शहर के नाले मात्र 25 मिनट की बारिश के पानी को भी नहीं झेल पाए। नाले उफने तो सड़क और भवन परिसरों में पानी भर गया। जलभराव से नगर निगम परिसर भी अछूता नहीं रहा। सड़कें लबालब हो गई। बारिश बंद होने के बाद कई घंटे जलभराव रहा। जिसके कारण शहर का यातायात भी प्रभावित हो गया।
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निगम के दावे, तली झाड़ साफ हो रहे नाले
नगर निगम सभी नालों को तली झाड़ सफाई के दावे करता रहा है। अधिकारियों ने एलान किया था कि इस बार बरसात में शहर जलभराव के कारण टापू नहीं बनेगा। बुधवार को मानसून की पहली हल्की बारिश थी। जो शहर के कुछ ही इलाकों में हुई। उसके बावजूद जलभराव का यह हाल हुआ कि दिल्ली रोड, शारदा रोड, प्रहलादनगर, खैरनगर, रेलवे रोड़ से घंटाघर मार्ग, साकेत, सिविल लाइन, कमिश्नरी चौराहा, थापर नगर, बागपत रोड, फूलबाग कालोनी, नगर निगम परिसर, जिला महिला अस्पताल, सहित काफी स्थानों पर भारी जलभराव हुआ। इनके आसपास की कालोनियां जैसे ब्रह्मपुरी आदि इलाकों में भी जलभराव रहा।
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ओडियन और आबूनाले उफने
नगर निगम ने ओडियन और आबूनाले की तली झाड़ सफाई की बात कही थी। लेकिन बुधवार को हुई बारिश का पानी भी नाले नहीं झेल पाए। आगे भारी बारिश होेने के बाद शहर का हाल क्या हो, इसको लेकर शहर की जनता भी चिंतित है। इन बड़े नालों से जुड़ने वाले छोटे नालों की स्थिति भी साफ हो गई है। माना जा रहा है कि अगर निगम ने नालों की सफाई को गंभीरता से नहीं लिया तो बरसात में शहर तालाब बन जाएगा। थापर नगर नाले का तो यह हाल कि नाला अटकर सड़क के ही लेवल तक पहुंच गया है।
कचहरी में हुआ जलभराव
कचहरी में बारिश के पहले दिन ही जलभराव हो गया। जिसके चलते वादकारियों व वकीलों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। बुधवार दोपहर बारिश शुरू होते ही प्याऊ चौराहे पर कलक्ट्रेट व सिविल कोर्ट के बीच बने गेट पर पानी भर गया। वहीं भारद्वाज चैंबर के पास 13 कोर्ट बिल्डिंग में जाने वाले रास्ते में भी जलभराव हो गया। उधर मुख्य मार्ग पर सुलभ शौचालय के पास भी जलभराव रहा जिसमें वादकारियों को काफी परेशानी हुई। जिसकी शिकायत वकीलों ने मेरठ बार एसोसिएशन व जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व कोर्ट मैनेजर से भी की है।
नालों की सफाई लगातार की जा रही है। नालों की सफाई का ही असर है कि बारिश बंद होने के एक घंटे बाद पानी उतर गया।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
खास बातें:
- शहर भर की सड़कों और विभिन्न मोहल्लों में भरा पानी
- जल निकासी का नहीं था इंतजाम, अटे पड़े हैं शहर के नाले
- सड़कों पर जलभराव में बह गए निगम के दावे
- शहर के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- नगर निगम परिसर भी बन गया तालाब