{"_id":"5b2c0bc44f1c1bf56e8b943d","slug":"21529613252-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्योगों को मिले उचित माहौल तो होगा औद्योगिक विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्योगों को मिले उचित माहौल तो होगा औद्योगिक विकास
Updated Fri, 22 Jun 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। आईआईए भवन में उद्यमियों ने आयुक्त, निदेशक उद्योग यूपी के समक्ष समस्याओं का पिटारा खोल दिया। कहा कि उचित माहौल मिलने से ही औद्योगिक विकास होगा। उद्यमियों ने बुनियादी समस्याओं से लेकर बाह्य विकास शुल्क, औद्योगिक क्षेत्र की कमी व अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन न होने की परेशानी को रखा।
एक जिला एक उत्पाद योजना पर उद्यमियों के साथ मंथन करने आए आयोजन के मुख्य अतिथि के. रविंद्र नायक आयुक्त, निदेशक उद्योग निदेशालय यूपी ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। आईआईए यूपी के उपाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि रेट कांट्रेक्ट प्रणाली व एमएसएमई डेवलपमेंट के तहत प्रदेश सरकार एमएसएमई इकाइयों से कम से कम 20 प्रतिशत सामग्री क्रय करे। लेकिन इस शासनादेश का पालन नहीं हो रहा। एमएसएमई क्रय नीति 2014 का पालन किया जाए।
संजीव गुप्ता ने एमएसएमई 2006 के तहत डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज की अध्यक्षता में गठित फेसिलेशन काउंसिलमें शिकायतों का निस्तारण न होने की शिकायत रखी। खेल उद्यमियों ने मेरठ में स्पोर्ट्स क्लस्टर बनाने, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट ट्रेनिंग सेंटर व एग्जीबिशन सेंटर बनाने व कानून व्यवस्था सुधारने की बात रखी। उद्यमियों ने एमएसएमई इकाइयों को प्राइस प्रिफरेंस मिलने, टेंडर फीस व अर्नेस्ट मनी में छूट मिलने, ई-टेंडर में टेंडर फीस टेंडर निरस्त होने के बाद वापस करने या अगले टेंडर में समायोजित करने की मांग उठाई।
विज्ञापन
कहा कि रेट कांट्रेक्ट प्रणाली में वस्तुओं का रेट कांट्रेक्ट ऑफ इंडस्ट्रीज द्वारा होता है। प्रदेश में आरसीसी पाईप बनाने वाली 120 लघु इकाइयां हैं। इकाइयों के नए रेट का कांट्रेक्ट जारी किया जाए। जब तक जारी नहीं होता तब तक पिछले रेट कांट्रेक्ट की अवधि बढ़ाई जाए। संचालन आईआईए मेरठ के चेयरमैन अतुल भूषण गुप्ता ने किया। परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया से अश्वनी गेरा, अनुराग अग्रवाल, त्रिलोक नाथ आनंद, संजीव गुप्ता, अजय गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, लोकेश वत्स व हरेंद्र आत्रे व अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।
तेजी से निस्तारित कर रहे समस्याएं
के. रविंद्र नायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देना है। इंवेस्टर्स समिट, ओडीओपी इसी के कदम हैं। फेसलीशन काउंसिल में 1100 में से 950 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। अन्य भी तेजी से निस्तारित कर रहे हैं। 10 जुलाई 2018 को लखनऊ में उद्यमी महासम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें सीएम अध्यक्षता करेंगे। ई-ट्रेडिंग की बढ़ी फीस पर उन्होंने पुन: विचार करने की बात कही।
इनर रिंग रोड, लोकल उड़ान जल्द हो चालू
विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री कमल ठाकुर ने कई मांगें उठाते हुए कहा कि मेरठ उद्योग की बड़ी मंडी है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यहां जल्द स्थानीय उड़ान के लिए हवाई अड्डा चालू हो। इनर रिंग रोड का काम तेजी से पूरा हो ताकि रोड के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो सके। जिला पंचायत में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए नगर निगम की तरह बजट बनाया जाए।
त्वरित हो समाधान
उद्यमियों ने कहा कि सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना, इंवेस्टर्स समिट आयोजन किया। लेकिन ये प्रयास तब तक सार्थक सिद्ध नहीं होंगे, जब तक उद्यमी को उद्योग लगाने के लिए लेने वाली एनओसी के त्वरित समाधान व शिकायतों के निस्तारण की सुविधा न मिले।
विज्ञापन
एक जिला एक उत्पाद योजना पर उद्यमियों के साथ मंथन करने आए आयोजन के मुख्य अतिथि के. रविंद्र नायक आयुक्त, निदेशक उद्योग निदेशालय यूपी ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं। आईआईए यूपी के उपाध्यक्ष पंकज गुप्ता ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि रेट कांट्रेक्ट प्रणाली व एमएसएमई डेवलपमेंट के तहत प्रदेश सरकार एमएसएमई इकाइयों से कम से कम 20 प्रतिशत सामग्री क्रय करे। लेकिन इस शासनादेश का पालन नहीं हो रहा। एमएसएमई क्रय नीति 2014 का पालन किया जाए।
विज्ञापन
संजीव गुप्ता ने एमएसएमई 2006 के तहत डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज की अध्यक्षता में गठित फेसिलेशन काउंसिलमें शिकायतों का निस्तारण न होने की शिकायत रखी। खेल उद्यमियों ने मेरठ में स्पोर्ट्स क्लस्टर बनाने, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट ट्रेनिंग सेंटर व एग्जीबिशन सेंटर बनाने व कानून व्यवस्था सुधारने की बात रखी। उद्यमियों ने एमएसएमई इकाइयों को प्राइस प्रिफरेंस मिलने, टेंडर फीस व अर्नेस्ट मनी में छूट मिलने, ई-टेंडर में टेंडर फीस टेंडर निरस्त होने के बाद वापस करने या अगले टेंडर में समायोजित करने की मांग उठाई।
विज्ञापन
कहा कि रेट कांट्रेक्ट प्रणाली में वस्तुओं का रेट कांट्रेक्ट ऑफ इंडस्ट्रीज द्वारा होता है। प्रदेश में आरसीसी पाईप बनाने वाली 120 लघु इकाइयां हैं। इकाइयों के नए रेट का कांट्रेक्ट जारी किया जाए। जब तक जारी नहीं होता तब तक पिछले रेट कांट्रेक्ट की अवधि बढ़ाई जाए। संचालन आईआईए मेरठ के चेयरमैन अतुल भूषण गुप्ता ने किया। परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया से अश्वनी गेरा, अनुराग अग्रवाल, त्रिलोक नाथ आनंद, संजीव गुप्ता, अजय गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, लोकेश वत्स व हरेंद्र आत्रे व अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।
तेजी से निस्तारित कर रहे समस्याएं
के. रविंद्र नायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उद्योगों को बढ़ावा देना है। इंवेस्टर्स समिट, ओडीओपी इसी के कदम हैं। फेसलीशन काउंसिल में 1100 में से 950 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। अन्य भी तेजी से निस्तारित कर रहे हैं। 10 जुलाई 2018 को लखनऊ में उद्यमी महासम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें सीएम अध्यक्षता करेंगे। ई-ट्रेडिंग की बढ़ी फीस पर उन्होंने पुन: विचार करने की बात कही।
इनर रिंग रोड, लोकल उड़ान जल्द हो चालू
विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री कमल ठाकुर ने कई मांगें उठाते हुए कहा कि मेरठ उद्योग की बड़ी मंडी है। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए यहां जल्द स्थानीय उड़ान के लिए हवाई अड्डा चालू हो। इनर रिंग रोड का काम तेजी से पूरा हो ताकि रोड के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो सके। जिला पंचायत में स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए नगर निगम की तरह बजट बनाया जाए।
त्वरित हो समाधान
उद्यमियों ने कहा कि सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना, इंवेस्टर्स समिट आयोजन किया। लेकिन ये प्रयास तब तक सार्थक सिद्ध नहीं होंगे, जब तक उद्यमी को उद्योग लगाने के लिए लेने वाली एनओसी के त्वरित समाधान व शिकायतों के निस्तारण की सुविधा न मिले।