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महिला सीट पर प्रचार की कमान पुरूषों के हाथ
Updated Mon, 13 Nov 2017 02:58 AM IST
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महिला सीट पर प्रचार पुरुषों के हाथ
मेरठ।
नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार तेजी पकड़ता जा रहा है। महापौर प्रत्याशी और उनके समर्थक गली-गली जाकर प्रचार और संपर्क में जुटे हैं। लेकिन इस प्रचार में जो स्थिति सामने आ रही है, उसे देखें तो महिला सीट पर भाजपा प्रत्याशी को छोड़ बाकी प्रत्याशियों के प्रचार की कमान पूरी तरह पुरुषों ने संभाली हुई है।
महापौर सीट इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। महापौर पद पर भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद के प्रत्याशियों सहित कुल आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इन महिला प्रत्याशियों का प्रचार शहर में नजर आने लगा है। हालांकि अभी तक प्रचार में भाजपा, बसपा और सपा ही सबसे आगे नजर आ रही हैं। लेकिन प्रचार का जो तरीका देखने में आ रहा है, उसमें महिला सीट होने के बावजूद भाजपा को छोड़ बाकी दलों से प्रचार और संपर्क की कमान पूरी तरह पुरुषों के हाथ है। चुनाव प्रचार में भाजपा महिला मोर्चा पूरी तरह मैदान में है। मंडल स्तर पर टोलियां बनाकर मोर्चा की सदस्याएं कांता कर्दम के साथ संपर्क में जुटी हैं। जबकि दूसरी तरफ बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा और सपा प्रत्याशी दीपू मनोठिया के पक्ष में भी खूब प्रचार हो रहा है, लेकिन उसमें महिलाओं की संख्या नगण्य ही है। यहां पर प्रचार और संपर्क की कमान पूरी तरह पुरुषों के हाथ नजर आ रही है।
खास बात
भाजपा को छोड़ बसपा, सपा, कांग्रेस और रालोद की तरफ से प्रचार में नहीं आ रही महिलाएं
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मेरठ।
नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार तेजी पकड़ता जा रहा है। महापौर प्रत्याशी और उनके समर्थक गली-गली जाकर प्रचार और संपर्क में जुटे हैं। लेकिन इस प्रचार में जो स्थिति सामने आ रही है, उसे देखें तो महिला सीट पर भाजपा प्रत्याशी को छोड़ बाकी प्रत्याशियों के प्रचार की कमान पूरी तरह पुरुषों ने संभाली हुई है।
महापौर सीट इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। महापौर पद पर भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद के प्रत्याशियों सहित कुल आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इन महिला प्रत्याशियों का प्रचार शहर में नजर आने लगा है। हालांकि अभी तक प्रचार में भाजपा, बसपा और सपा ही सबसे आगे नजर आ रही हैं। लेकिन प्रचार का जो तरीका देखने में आ रहा है, उसमें महिला सीट होने के बावजूद भाजपा को छोड़ बाकी दलों से प्रचार और संपर्क की कमान पूरी तरह पुरुषों के हाथ है। चुनाव प्रचार में भाजपा महिला मोर्चा पूरी तरह मैदान में है। मंडल स्तर पर टोलियां बनाकर मोर्चा की सदस्याएं कांता कर्दम के साथ संपर्क में जुटी हैं। जबकि दूसरी तरफ बसपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा और सपा प्रत्याशी दीपू मनोठिया के पक्ष में भी खूब प्रचार हो रहा है, लेकिन उसमें महिलाओं की संख्या नगण्य ही है। यहां पर प्रचार और संपर्क की कमान पूरी तरह पुरुषों के हाथ नजर आ रही है।
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खास बात
भाजपा को छोड़ बसपा, सपा, कांग्रेस और रालोद की तरफ से प्रचार में नहीं आ रही महिलाएं