{"_id":"5a04c3ca4f1c1b86698ba6e1","slug":"21510261706-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजावट के साथ शुद्ध हवा भी देंगे ये पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजावट के साथ शुद्ध हवा भी देंगे ये पौधे
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। वातावरण में छाई धुंध की चादर में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले पीएम 2.5 का घनत्व मानक से कहीं अधिक आ चुका है। सांस की बीमारियों के साथ कैंसर की प्रमुख कारक धुंध का असर वातावरण में तेजी से फैल चुका है। दिल्ली की दशा तो खराब है ही मेरठ का वायुमंडल भी खतरनाक धुंध से घिरा है। खतरनाक स्मॉग से बचने के लिए लोग मॉस्क का प्रयोग कर रहे हैं, साथ ही बाजार में प्रदूषण को सोख लेने वाले पौधों की मांग बढ़ी है। घर के बाहर और भीतर दोनों स्थानों पर लगने वाले ये विशेष पौधे वातावरण में 24 घंटे प्राणवायु ऑक्सीजन का उत्सर्जन करते हैं। साथ ही विषैली गैसों को सोखने में काफी हद तक काबिल हैं। शहरवासी नर्सरी से ऐसे प्रदूषण रोधक पौधों को खरीदकर घरों में सजा रहे हैं। ये पौधे घर के भीतर मौजूद विषैली गैसों के प्रभाव को कम करने में बेहद मददगार हैं।
स्नेक प्लांट- इनडोर प्लांट है। जो आराम से घर में लग सकता है। हफ्ते में दो बार पानी देने और 15 दिन में एक बार पौधे की सफाई करनी होती है। यह पौधा कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखकर 24 घंटे ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
जेमिया प्लांट- स्नेक प्लांट की तरह यह भी 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। दमे व सांस के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी पौधा है। इसके आसपास रहने से ऑक्सीजन की कमी दूर होती है। पौधे की इस खूबी को स्वयं पूना लैब ने प्रमाणित किया है।
विज्ञापन
एलोवेरा- पेट, त्वचा के विकारों के अलावा एलोवेरा वातावरण से पीएम 2.5 के स्तर को कम करता है। इस पौधे को घर में अंदर, बाहर कहीं भी रख सकते हैं। अधिक पानी की भी आवश्यकता नहीं होती। इसी तरह बैंबू व रबर प्लांट भी बेहद उपयोगी इनडोर प्लांट्स हैं।
तुलसी- भारतीय वेदों में पुरातन काल से तुलसी का महत्व है। शारीरिक विकारों, कफ आदि को दूर करने के अलावा तुलसी वातावरण को शुद्ध करती है। तुलसी एंटीबैक्टीरियल क्षमता वाला पौधा है।
मनीप्लांट- इनडोर और आउटडोर पौधा है। सजावट के अलावा भाग्यशाली पौधा है। जो समृद्धि का प्रतीक है। कम पानी में बहुत आसानी से बढ़ता है। ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
बोस्टन पाम- आउटडोर पौधा है शोपीस की तरह इस पौधे का प्रयोग करता है। यह पौधा100 मीटर तक जहरीली हवा को काटकर प्रदूषण दूर करता है। सजावट भी देता है। ठंडी के दिनों में जरूरी नमी को बनाने में कारगर है।
फिलोडेंड्रोन प्लांट- दिल के आकार की पत्तियों वाला यह पौधा बॉस्केट में टांगे। या घर के भीतर लगाएं, मनी प्लांट की प्रजाति का पौधा है। समृद्धि का प्रतीक है। हवा को शुद्ध करता है। बच्चों व घर के पालतू जीवों को इससे दूर रखें। क्योंकि इसकी पत्तियां जहरीली होती हैं इन्हें खाने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कनेर- बोनसाई बनाकर कनेर का पौधा घर के भीतर लगाएं, या फिर गमले व जमीन में घर के बाहर लगाएं। कनेर को प्रमुख प्रदूषण शोषक पौधा माना गया है। गुलाबी, लाल, पीले, सफेद व नीले रंग में कनेर के फूल उगते हैं। सड़क के किनारे मुख्यतौर पर कनेर का पौधा लगाया जाता है ताकि धुआं, कार्बन को सोखकर ऑक्सीजन मिलती रहे।
गोल्डन फोटोज- यह पौधा डेविल्स ईवी के नाम से भी मशहूर है। घर के भीतर गंदी हवा को तेजी से शुद्ध करता है। हवा क ो ताजा बनाए रखता है।
पीस लिली प्लांट- यह पौधा वातावरण से जाइलीन, बेंजीन, अमोनिया, फार्मोल्डिहाइड व ट्रिकलोरोएइथीन को दूर करने में सबसे कारगर है। शुद्धता देता है।
इंग्लिश ईवी- घरों में पालतू पशुओं को रखने वाले लोगों को घर में यह पौधा जरूर लगाना चाहिए। यह पौधा पेट्स से होने वाली बीमारियों व प्रदूषण से बचाता है। साथ ही बेंजीन व फार्मोल्डिहाइड को सोखता है।
स्पाइडर प्लांट - घर के अंदर लगने वाला यह पौधा दो दिनों में घर के भीतर वातावरण में एलर्जी फैलाने वाले तत्वों कोे 90 फीसद तक दूर करता है। पौधा विशेष रखरखाव नहीं मांगता। वातावरण से बेंजीन, फार्मोल्डिहाइड व कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन देता है।
--------------
वर्जन-
जेमिया, फिलोडेंड्रोन, पीसलिली, स्नेक प्लांट आदि ऐसे पौधे हैं जो भारी मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जन करते हैं। ये पौधे पर्यावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड व अन्य विषैली गैसों को तेजी से सोखक र जीवनदायनी ऑक्सीजन देते हैं। कम देखरेख में आसानी से ये पौधे विकसित होते हैं। -मनोज सैनी संचालक सावन नर्सरी
विज्ञापन
स्नेक प्लांट- इनडोर प्लांट है। जो आराम से घर में लग सकता है। हफ्ते में दो बार पानी देने और 15 दिन में एक बार पौधे की सफाई करनी होती है। यह पौधा कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखकर 24 घंटे ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
विज्ञापन
जेमिया प्लांट- स्नेक प्लांट की तरह यह भी 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। दमे व सांस के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी पौधा है। इसके आसपास रहने से ऑक्सीजन की कमी दूर होती है। पौधे की इस खूबी को स्वयं पूना लैब ने प्रमाणित किया है।
विज्ञापन
एलोवेरा- पेट, त्वचा के विकारों के अलावा एलोवेरा वातावरण से पीएम 2.5 के स्तर को कम करता है। इस पौधे को घर में अंदर, बाहर कहीं भी रख सकते हैं। अधिक पानी की भी आवश्यकता नहीं होती। इसी तरह बैंबू व रबर प्लांट भी बेहद उपयोगी इनडोर प्लांट्स हैं।
तुलसी- भारतीय वेदों में पुरातन काल से तुलसी का महत्व है। शारीरिक विकारों, कफ आदि को दूर करने के अलावा तुलसी वातावरण को शुद्ध करती है। तुलसी एंटीबैक्टीरियल क्षमता वाला पौधा है।
मनीप्लांट- इनडोर और आउटडोर पौधा है। सजावट के अलावा भाग्यशाली पौधा है। जो समृद्धि का प्रतीक है। कम पानी में बहुत आसानी से बढ़ता है। ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है।
बोस्टन पाम- आउटडोर पौधा है शोपीस की तरह इस पौधे का प्रयोग करता है। यह पौधा100 मीटर तक जहरीली हवा को काटकर प्रदूषण दूर करता है। सजावट भी देता है। ठंडी के दिनों में जरूरी नमी को बनाने में कारगर है।
फिलोडेंड्रोन प्लांट- दिल के आकार की पत्तियों वाला यह पौधा बॉस्केट में टांगे। या घर के भीतर लगाएं, मनी प्लांट की प्रजाति का पौधा है। समृद्धि का प्रतीक है। हवा को शुद्ध करता है। बच्चों व घर के पालतू जीवों को इससे दूर रखें। क्योंकि इसकी पत्तियां जहरीली होती हैं इन्हें खाने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
कनेर- बोनसाई बनाकर कनेर का पौधा घर के भीतर लगाएं, या फिर गमले व जमीन में घर के बाहर लगाएं। कनेर को प्रमुख प्रदूषण शोषक पौधा माना गया है। गुलाबी, लाल, पीले, सफेद व नीले रंग में कनेर के फूल उगते हैं। सड़क के किनारे मुख्यतौर पर कनेर का पौधा लगाया जाता है ताकि धुआं, कार्बन को सोखकर ऑक्सीजन मिलती रहे।
गोल्डन फोटोज- यह पौधा डेविल्स ईवी के नाम से भी मशहूर है। घर के भीतर गंदी हवा को तेजी से शुद्ध करता है। हवा क ो ताजा बनाए रखता है।
पीस लिली प्लांट- यह पौधा वातावरण से जाइलीन, बेंजीन, अमोनिया, फार्मोल्डिहाइड व ट्रिकलोरोएइथीन को दूर करने में सबसे कारगर है। शुद्धता देता है।
इंग्लिश ईवी- घरों में पालतू पशुओं को रखने वाले लोगों को घर में यह पौधा जरूर लगाना चाहिए। यह पौधा पेट्स से होने वाली बीमारियों व प्रदूषण से बचाता है। साथ ही बेंजीन व फार्मोल्डिहाइड को सोखता है।
स्पाइडर प्लांट - घर के अंदर लगने वाला यह पौधा दो दिनों में घर के भीतर वातावरण में एलर्जी फैलाने वाले तत्वों कोे 90 फीसद तक दूर करता है। पौधा विशेष रखरखाव नहीं मांगता। वातावरण से बेंजीन, फार्मोल्डिहाइड व कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन देता है।
--------------
वर्जन-
जेमिया, फिलोडेंड्रोन, पीसलिली, स्नेक प्लांट आदि ऐसे पौधे हैं जो भारी मात्रा में ऑक्सीजन उत्सर्जन करते हैं। ये पौधे पर्यावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड व अन्य विषैली गैसों को तेजी से सोखक र जीवनदायनी ऑक्सीजन देते हैं। कम देखरेख में आसानी से ये पौधे विकसित होते हैं। -मनोज सैनी संचालक सावन नर्सरी