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कलक्ट्रेट में काम रहा बंद, कर्मचारियों की हड़ताल जारी
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:56 AM IST
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कलक्ट्रेट में काम रहा बंद, हड़ताल रही जारी
मेरठ।
तहसील सदर के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और एक कर्मचारी को जेल भेजे जाने के मामले में कलक्ट्रेट कर्मचारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। लगातार तीन से जारी हड़ताल के चलते कलक्ट्रेट का काम जहां पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, वहीं अधिकारी भी डीएम कार्यालय में बैठकर समय काट रहे हैं।
बृहस्पतिवार को संयुक्त कार्यालय में सामने तीसरे दिन भी कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने धरना दिया। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि जब तक कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। सुरेश शर्मा ने कहा कि कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ एक भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान कलक्ट्रेट कर्मचारियों के आंदोलन को रजिस्ट्रान कानूनगो संघ, लेखपाल संघ ने भी समर्थन देने का ऐलान किया। इस दौरान विजय कुमार शर्मा, गुलशन शरण राजवंशी, दीपचंद, शकील, वीरेंद्र पाल, सिराज अख्तर, गुलफाम अली, उदयभान, सीमा गोस्वामी, ज्योति सिंह, कविता, पूनम गोयल आदि ने विचार रखे।
डीएम कार्यालय में बैठे अधिकारी
कलक्ट्रेट कर्मचारी मंगलवार को कलक्ट्रेट के सभी कार्यालयों की तालाबंदी कर हड़ताल पर चले गये थे। बुधवार को पुलिस फोर्स के साथ नजारत का ताला तुड़वाकर वहां से कार्यालयों की चाबी निकलवाई गई। लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण चाबी होने के बावजूद अधिकारियों के कार्यालय के ताले नहीं खुले और सभी अधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय में बैठने को मजबूर रहे।
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जनता हो रही परेशान
कलक्ट्रेट में लगातार तीन दिन से चल रही हड़ताल के कारण जनता परेशान है। कलक्ट्रेट में रोजाना सैकड़ों लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर आते हैं। इनके अलावा शस्त्र नवीनीकरण, संपत्तियों के पुराने रिकॉर्ड देखने, चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने आदि के साथ ही धरना, प्रदर्शन, रैली, सभा, धार्मिक आयोजन आदि की अनुमति भी कलक्ट्रेट से ही मिलती है। लेकिन तीन दिन से काम ठप होने से पूरा काम प्रभावित चल रहा ह्रै।
खास बात
तहसील कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से आक्रोशित हैं कर्मचारी
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मेरठ।
तहसील सदर के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने और एक कर्मचारी को जेल भेजे जाने के मामले में कलक्ट्रेट कर्मचारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। लगातार तीन से जारी हड़ताल के चलते कलक्ट्रेट का काम जहां पूरी तरह प्रभावित हो चुका है, वहीं अधिकारी भी डीएम कार्यालय में बैठकर समय काट रहे हैं।
बृहस्पतिवार को संयुक्त कार्यालय में सामने तीसरे दिन भी कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने धरना दिया। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि जब तक कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। सुरेश शर्मा ने कहा कि कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ एक भी कर्मचारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा। इस दौरान कलक्ट्रेट कर्मचारियों के आंदोलन को रजिस्ट्रान कानूनगो संघ, लेखपाल संघ ने भी समर्थन देने का ऐलान किया। इस दौरान विजय कुमार शर्मा, गुलशन शरण राजवंशी, दीपचंद, शकील, वीरेंद्र पाल, सिराज अख्तर, गुलफाम अली, उदयभान, सीमा गोस्वामी, ज्योति सिंह, कविता, पूनम गोयल आदि ने विचार रखे।
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डीएम कार्यालय में बैठे अधिकारी
कलक्ट्रेट कर्मचारी मंगलवार को कलक्ट्रेट के सभी कार्यालयों की तालाबंदी कर हड़ताल पर चले गये थे। बुधवार को पुलिस फोर्स के साथ नजारत का ताला तुड़वाकर वहां से कार्यालयों की चाबी निकलवाई गई। लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण चाबी होने के बावजूद अधिकारियों के कार्यालय के ताले नहीं खुले और सभी अधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय में बैठने को मजबूर रहे।
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जनता हो रही परेशान
कलक्ट्रेट में लगातार तीन दिन से चल रही हड़ताल के कारण जनता परेशान है। कलक्ट्रेट में रोजाना सैकड़ों लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर आते हैं। इनके अलावा शस्त्र नवीनीकरण, संपत्तियों के पुराने रिकॉर्ड देखने, चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने आदि के साथ ही धरना, प्रदर्शन, रैली, सभा, धार्मिक आयोजन आदि की अनुमति भी कलक्ट्रेट से ही मिलती है। लेकिन तीन दिन से काम ठप होने से पूरा काम प्रभावित चल रहा ह्रै।
खास बात
तहसील कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से आक्रोशित हैं कर्मचारी