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बुजुर्गों के लिए बनेगा जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड
Updated Thu, 20 Jul 2017 08:18 PM IST
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मेरठ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिए 10 बेड का स्पेशल वार्ड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को 40 लाख रुपये का बजट मिल गया है। इस वार्ड में 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की देखभाल होगी।
सीएमओ डॉ. राजकुमार के अनुसार शासन को करीब तीन माह पूर्व प्रस्ताव भेजकर जेरियाट्रिक (बुढ़ापा) केयर वार्ड बनाने की मांग की गई थी। यह वार्ड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बनाया जा रहा है। लेकिन यह जिला अस्पताल की निगरानी में रहेगा। अब वार्ड के लिए जगह चिह्नित करने का काम रह गया है। फिलहाल ग्राउंड फ्लोर पर मलेरिया विभाग के पास इसे बनाने के लिए बातचीत चल रही है। संभावना है कि अगस्त माह के आखिर तक यह वार्ड शुरू कर दिया जाएगा।
यह रहेगी व्यवस्था
वार्ड में मरीजों की चिकित्सा के साथ-साथ फिजियोथेरेपी, पौष्टिक आहार, योग और मनोरंजन का बंदोबस्त करने की योजना है। दो साल पहले मिशन के तहत लगाए गए कैंपों में बड़ी संख्या में वृद्ध लोगों में मधुमेह, हृदयघात और रक्तचाप की शिकायतें आई थीं।
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निजी चिकित्सक भी देंगे परामर्श
बुजुर्गों के लिए निजी चिकित्सकों की दो घंटे की नि:शुल्क ओपीडी की भी कवायद चल रही है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के पदाधिकारियों में वार्ता चल रही है। इस ओपीडी में मुख्य तौर पर हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग चिकित्सक, मानसिक रोग विशेषज्ञ, यूरोलोजिस्ट, मधुमेह (शुगर) विशेषज्ञ और फिजिशियन आदि मौजूद रह सकते हैं।
खास बात
- 10 बेड का होगा वार्ड, स्वास्थ्य विभाग को मिला 40 लाख रुपये बजट
- 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की होगी देखभाल
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सीएमओ डॉ. राजकुमार के अनुसार शासन को करीब तीन माह पूर्व प्रस्ताव भेजकर जेरियाट्रिक (बुढ़ापा) केयर वार्ड बनाने की मांग की गई थी। यह वार्ड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बनाया जा रहा है। लेकिन यह जिला अस्पताल की निगरानी में रहेगा। अब वार्ड के लिए जगह चिह्नित करने का काम रह गया है। फिलहाल ग्राउंड फ्लोर पर मलेरिया विभाग के पास इसे बनाने के लिए बातचीत चल रही है। संभावना है कि अगस्त माह के आखिर तक यह वार्ड शुरू कर दिया जाएगा।
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यह रहेगी व्यवस्था
वार्ड में मरीजों की चिकित्सा के साथ-साथ फिजियोथेरेपी, पौष्टिक आहार, योग और मनोरंजन का बंदोबस्त करने की योजना है। दो साल पहले मिशन के तहत लगाए गए कैंपों में बड़ी संख्या में वृद्ध लोगों में मधुमेह, हृदयघात और रक्तचाप की शिकायतें आई थीं।
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निजी चिकित्सक भी देंगे परामर्श
बुजुर्गों के लिए निजी चिकित्सकों की दो घंटे की नि:शुल्क ओपीडी की भी कवायद चल रही है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग और आईएमए के पदाधिकारियों में वार्ता चल रही है। इस ओपीडी में मुख्य तौर पर हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग चिकित्सक, मानसिक रोग विशेषज्ञ, यूरोलोजिस्ट, मधुमेह (शुगर) विशेषज्ञ और फिजिशियन आदि मौजूद रह सकते हैं।
खास बात
- 10 बेड का होगा वार्ड, स्वास्थ्य विभाग को मिला 40 लाख रुपये बजट
- 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की होगी देखभाल