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लाइटों पर खर्च हुए लाखों, अंधेरे में बाईपास
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लाखों रुपये के खर्च से बिजली बंबा बाईपास पर लाइटें लगाई गई, लेकिन देखरेख के अभाव में लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां लगाई गईं कई लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। इस कारण यहां अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में वाहन चालकों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाईपास ही नहीं, शॉप्रिक्स तिराहा तक लाइट के अभाव में भगवान भरोेसे है।
दिल्ली रोड को हापुड़ रोड से जोड़ने वाला बिजली बंबा बाईपास 7.6 किमी लंबा है। हापुड़ रोड पर जहां बिजली बंबा पुलिस चौकी बनी हुई है, वहीं दिल्ली रोड पर शॉप्रिक्स मॉल के सामने पुलिस चौकी और सीओ ब्रह्मपुरी का ऑफिस है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस मार्ग पर सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक हर रोज औसतन 30 से 35 हजार वाहनों का आवागमन होता है। रात में सैकड़ों हल्के और भारी वाहन यहां से निकलते हैं।
इस बाईपास पर एक तरफ गहरी खाई है तो दूसरी तरह रजवाहा। दिसंबर माह में ही लाखों रुपये की लागत से पीडब्लूडी ने सड़क की मरम्मत कराई थी। जबकि लाइटों की व्यवस्था पूर्व में नगर निगम ने की थी। लेेकिन अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं। जो जलती हैं वो आंख मिचौनी सी खेलती नजर आती हैं। इन लाइटों को बदलने के नाम पर प्रशासन हर बार चुप्पी साध लेता है।
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शॉप्रिक्स तिराहे का भी बुरा हाल
सीओ ऑफिस होने के साथ ही शॉप्रिक्स तिराहा दिल्ली रोड का मुख्य स्थान है। इसके बावजूद यहां लाइटों की व्यवस्था नहीं सुधारी गई। जबकि पूर्व में कई बार यहां छेड़छाड़, मोबाइल लूट, पर्स लूट और चेन लूट की वारदात हो चुकी हैं।
दिल्ली रोड को हापुड़ रोड से जोड़ने वाला बिजली बंबा बाईपास 7.6 किमी लंबा है। हापुड़ रोड पर जहां बिजली बंबा पुलिस चौकी बनी हुई है, वहीं दिल्ली रोड पर शॉप्रिक्स मॉल के सामने पुलिस चौकी और सीओ ब्रह्मपुरी का ऑफिस है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार इस मार्ग पर सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक हर रोज औसतन 30 से 35 हजार वाहनों का आवागमन होता है। रात में सैकड़ों हल्के और भारी वाहन यहां से निकलते हैं।
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इस बाईपास पर एक तरफ गहरी खाई है तो दूसरी तरह रजवाहा। दिसंबर माह में ही लाखों रुपये की लागत से पीडब्लूडी ने सड़क की मरम्मत कराई थी। जबकि लाइटों की व्यवस्था पूर्व में नगर निगम ने की थी। लेेकिन अधिकांश लाइटें बंद पड़ी हैं। जो जलती हैं वो आंख मिचौनी सी खेलती नजर आती हैं। इन लाइटों को बदलने के नाम पर प्रशासन हर बार चुप्पी साध लेता है।
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शॉप्रिक्स तिराहे का भी बुरा हाल
सीओ ऑफिस होने के साथ ही शॉप्रिक्स तिराहा दिल्ली रोड का मुख्य स्थान है। इसके बावजूद यहां लाइटों की व्यवस्था नहीं सुधारी गई। जबकि पूर्व में कई बार यहां छेड़छाड़, मोबाइल लूट, पर्स लूट और चेन लूट की वारदात हो चुकी हैं।