{"_id":"5b60caba4f1c1b49778b55ea","slug":"201533070010-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरी समाज ने कमिश्नरी पर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरी समाज ने कमिश्नरी पर किया प्रदर्शन
Updated Wed, 01 Aug 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कमिश्नरी पर किया प्रदर्शन
मेरठ। मंडल के जिलों में अनुसूचित जाति कोरी के प्रमाण पत्र बनवाए जाने की मांग को लेकर कोरी समाज विकास मंच के बैनर तले कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह कोरी ने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा 29 अगस्त 1977 में कोरी जाति को मान्यता दी गई थी, अब तक कोरी अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र बनते रहे हैं। लेकिन अब मेरठ मंडल के जिलों की तहसीलों में अधिकारी कोरी जाति को कोली कहकर प्रपत्रों पर रिपोर्ट लगाने से मना कर रहे हैं। जबकि कोरी और कोली एक ही जाति है। इस संबंध में एक ज्ञापन भी संगठन की तरफ से दिया गया। किशन सिंह, बाबूराम कोरी, जगदीश गागर, राजकुमार कोरी, मुकेश कोरी आदि रहे।
विज्ञापन
मेरठ। मंडल के जिलों में अनुसूचित जाति कोरी के प्रमाण पत्र बनवाए जाने की मांग को लेकर कोरी समाज विकास मंच के बैनर तले कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह कोरी ने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा 29 अगस्त 1977 में कोरी जाति को मान्यता दी गई थी, अब तक कोरी अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र बनते रहे हैं। लेकिन अब मेरठ मंडल के जिलों की तहसीलों में अधिकारी कोरी जाति को कोली कहकर प्रपत्रों पर रिपोर्ट लगाने से मना कर रहे हैं। जबकि कोरी और कोली एक ही जाति है। इस संबंध में एक ज्ञापन भी संगठन की तरफ से दिया गया। किशन सिंह, बाबूराम कोरी, जगदीश गागर, राजकुमार कोरी, मुकेश कोरी आदि रहे।