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दहेज हत्या
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:00 AM IST
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दहेज हत्या में पति सहित चार को सजा
मेरठ। न्यायालय जिला जज आलोक सक्सेना ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास, देवरानी व देवर को 10-10 साल के कारावास और प्रत्येक को दस हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
मामला थाना सिविल लाइन थाने से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार विनीता उर्फ मनीता का विवाह अलीगढ़ के टप्पल के रहने वाले मुनीश तलान से फरवरी 2003 को हुआ था। शादी के बाद से ही विवाहिता के ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व अन्य सामान की मांग करते थे।
20 दिसंबर 2005 को विवाहिता के मायके वालों को फोन पर सूचित किया गया कि विनीता की मृत्यु हो गयी है। घटना को लेकर विवाहिता के पति मुनीश तलान, सास रामभूली, देवरानी विमलेश व देवर महेंद्र सिंह के खिलाफ अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए। न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर डीजीसी अनिल तोमर, एडीजीसी कृपाल सिंह ने पक्ष रखा। न्यायालय जिला सेशन जज आलोक सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चारों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए दंडित किया।
मेरठ। न्यायालय जिला जज आलोक सक्सेना ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास, देवरानी व देवर को 10-10 साल के कारावास और प्रत्येक को दस हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
मामला थाना सिविल लाइन थाने से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार विनीता उर्फ मनीता का विवाह अलीगढ़ के टप्पल के रहने वाले मुनीश तलान से फरवरी 2003 को हुआ था। शादी के बाद से ही विवाहिता के ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व अन्य सामान की मांग करते थे।
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20 दिसंबर 2005 को विवाहिता के मायके वालों को फोन पर सूचित किया गया कि विनीता की मृत्यु हो गयी है। घटना को लेकर विवाहिता के पति मुनीश तलान, सास रामभूली, देवरानी विमलेश व देवर महेंद्र सिंह के खिलाफ अलग-अलग दो मुकदमे दर्ज कराए। न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर डीजीसी अनिल तोमर, एडीजीसी कृपाल सिंह ने पक्ष रखा। न्यायालय जिला सेशन जज आलोक सक्सेना ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद चारों आरोपियों को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए दंडित किया।
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