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विश्वविद्यायल में नियुक्ति विज्ञापन की मुख्य सचिव से शिकायत
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:37 AM IST
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नियुक्ति विज्ञापन की शिकायत की
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हो रहीं नियुक्तियों को पुराने विज्ञापन पर कराए जाने के विरोध में शुक्रवार को मुख्य सचिव से शिकायत की गई है। एडवोकेट प्रदीप कुमार ने बताया कि विवि के विभागों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के विभिन्न पद दो वर्ष पहले यूजीसी संशोधन 2013 के आधार पर विज्ञापित किए गए थे, जबकि यूजीसी का नया संशोधन 2016 में लागू हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने इस चतुर्थ संशोधन को लागू कर दिया है। आरोप हैं कि इसके बाद भी विश्वविद्यालय में 2010 के नियम से ही भर्ती की जा रही है। प्रोफेसर डॉ. संजीव शर्मा को इंटरनल क्वालिटी एसोरेंस सेल का समन्वयक बनाया गया जबकि विजिलेंस जांच में पूर्व कुलपति प्रो. एसपी ओझा द्वारा उनको नियम विरुद्घ पदोन्नित देने के आरोप साबित हो चुके हैं। इस मामले में विजिलेंस पूर्व कुलपति के खिलाफ मेडिकल थाने में रिपोर्ट तक दर्ज करा चुकी है। इसके बाद भी उनको हटाया नहीं जा रहा है।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हो रहीं नियुक्तियों को पुराने विज्ञापन पर कराए जाने के विरोध में शुक्रवार को मुख्य सचिव से शिकायत की गई है। एडवोकेट प्रदीप कुमार ने बताया कि विवि के विभागों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के विभिन्न पद दो वर्ष पहले यूजीसी संशोधन 2013 के आधार पर विज्ञापित किए गए थे, जबकि यूजीसी का नया संशोधन 2016 में लागू हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने इस चतुर्थ संशोधन को लागू कर दिया है। आरोप हैं कि इसके बाद भी विश्वविद्यालय में 2010 के नियम से ही भर्ती की जा रही है। प्रोफेसर डॉ. संजीव शर्मा को इंटरनल क्वालिटी एसोरेंस सेल का समन्वयक बनाया गया जबकि विजिलेंस जांच में पूर्व कुलपति प्रो. एसपी ओझा द्वारा उनको नियम विरुद्घ पदोन्नित देने के आरोप साबित हो चुके हैं। इस मामले में विजिलेंस पूर्व कुलपति के खिलाफ मेडिकल थाने में रिपोर्ट तक दर्ज करा चुकी है। इसके बाद भी उनको हटाया नहीं जा रहा है।