{"_id":"5a382d2c4f1c1bc5758b9ef3","slug":"201513631020-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलईडी का ठेका देकर माथा पीट रहे निगम अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलईडी का ठेका देकर माथा पीट रहे निगम अधिकारी
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एलईडी का ठेका देकर पछता रहे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
महानगर में सोडियम के स्थान पर एलईडी लगाने का ठेका ईईएसएल को देकर नगर निगम प्रशासन पछता रहा है। कंपनी के अधिकारी न तो बैठक में आने को तैयार हैं और न ही पत्रों का जवाब दे रहे हैं। निगम प्रशासन ने सोमवार को भी ईईएसएल के उप प्रबंधक टेक्निकल को पत्र भेजा है। जिसमें खराब लाइटों को समय पर ठीक न किए जाने और लगाई गई लाइटों का स्थलीय सत्यापन न कराए जाने की बात कही है।
सरकार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने महानगर से सोडियम लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइटें लगवाईं थीं। एलईडी लाइटें लगाने से लेकर रखरखाव का ठेका ईईएसएल को दिया गया। कंपनी के दावे के अनुसार महानगर में 42 हजार एलईडी लगाई गई हैं। जिनको दिन में बंद करने और शाम होते ही जलाने का काम कंपनी को करना था। महानगर में लगातार खराब हो रही लाइटों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। नगर निगम में बंद लाइटों की शिकायतों के अंबार हैं। निगम प्रशासन की मानें तो प्रतिदिन शिकायतों के संबंध में कंपनी को पत्र जारी किया जा रहा है। लेकिन कोई सुनने को ही तैयार नहीं है।
उधर, व्यवस्था सुधार के वादे को महापौर सुनीता वर्मा भी भूल गईं हैं। महापौर ने अभी तक न तो निगम अधिकारियों से ही बात की है और न ही कंपनी के अधिकारियों से। जिससे लगता है कि महापौर महानगर के पथ प्रकाश को लेकर गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
ये हैं अनुबंध की शर्तें
डबल ईईएसएल को महानगर में सीसीएमएस की स्थापना करनी थी। जो अभी तक नहीं हुई है।
निर्धारित मानक के अनुरूप लाइटें लगाई जानी थीं। लाइटें लगते ही खराब हो रही हैं। जिसके कारण लाइटों के मानक पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खराब लाइटों को शिकायत के बाद 48 घंटे में ठीक कराया जाना चाहिए। अब सप्ताह में ठीक नहीं हो रही हैं।
लाइटों को दिन में बंद करने और शाम होते ही चालू करना। इस व्यवस्था को कंपनी भूल गई है।
हम कंपनी को लगातार पत्र भेजकर व्यवस्था से अवगत करा रहे हैं। अब मजबूर होकर शासन को ही लिखना पड़ेगा। क्योंकि वह न तो लाइटों को ठीक कर रहे हैं और न ही बैठक में आने को तैयार हैं। अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त
खास बात
ईईएसएल के अधिकारी न पत्रों का जवाब दे रहे और न ही बैठक में आने को तैयार
शहर की खराब एलईडी लाइटों को नहीं किया जा रहा ठीक
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
महानगर में सोडियम के स्थान पर एलईडी लगाने का ठेका ईईएसएल को देकर नगर निगम प्रशासन पछता रहा है। कंपनी के अधिकारी न तो बैठक में आने को तैयार हैं और न ही पत्रों का जवाब दे रहे हैं। निगम प्रशासन ने सोमवार को भी ईईएसएल के उप प्रबंधक टेक्निकल को पत्र भेजा है। जिसमें खराब लाइटों को समय पर ठीक न किए जाने और लगाई गई लाइटों का स्थलीय सत्यापन न कराए जाने की बात कही है।
सरकार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने महानगर से सोडियम लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइटें लगवाईं थीं। एलईडी लाइटें लगाने से लेकर रखरखाव का ठेका ईईएसएल को दिया गया। कंपनी के दावे के अनुसार महानगर में 42 हजार एलईडी लगाई गई हैं। जिनको दिन में बंद करने और शाम होते ही जलाने का काम कंपनी को करना था। महानगर में लगातार खराब हो रही लाइटों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। नगर निगम में बंद लाइटों की शिकायतों के अंबार हैं। निगम प्रशासन की मानें तो प्रतिदिन शिकायतों के संबंध में कंपनी को पत्र जारी किया जा रहा है। लेकिन कोई सुनने को ही तैयार नहीं है।
विज्ञापन
उधर, व्यवस्था सुधार के वादे को महापौर सुनीता वर्मा भी भूल गईं हैं। महापौर ने अभी तक न तो निगम अधिकारियों से ही बात की है और न ही कंपनी के अधिकारियों से। जिससे लगता है कि महापौर महानगर के पथ प्रकाश को लेकर गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन
ये हैं अनुबंध की शर्तें
डबल ईईएसएल को महानगर में सीसीएमएस की स्थापना करनी थी। जो अभी तक नहीं हुई है।
निर्धारित मानक के अनुरूप लाइटें लगाई जानी थीं। लाइटें लगते ही खराब हो रही हैं। जिसके कारण लाइटों के मानक पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खराब लाइटों को शिकायत के बाद 48 घंटे में ठीक कराया जाना चाहिए। अब सप्ताह में ठीक नहीं हो रही हैं।
लाइटों को दिन में बंद करने और शाम होते ही चालू करना। इस व्यवस्था को कंपनी भूल गई है।
हम कंपनी को लगातार पत्र भेजकर व्यवस्था से अवगत करा रहे हैं। अब मजबूर होकर शासन को ही लिखना पड़ेगा। क्योंकि वह न तो लाइटों को ठीक कर रहे हैं और न ही बैठक में आने को तैयार हैं। अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त
खास बात
ईईएसएल के अधिकारी न पत्रों का जवाब दे रहे और न ही बैठक में आने को तैयार
शहर की खराब एलईडी लाइटों को नहीं किया जा रहा ठीक