{"_id":"685d9482d46e91ec01088064","slug":"20-people-died-prematurely-from-cancer-in-mahangi-in-one-year-meerut-news-c-30-1-smrt1014-152614-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगी में एक साल में 20 लोग हुए कैंसर से अकाल मौत के शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगी में एक साल में 20 लोग हुए कैंसर से अकाल मौत के शिकार
Fri, 27 Jun 2025 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 27 Jun 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
तीतरों। गांव महंगी में कैंसर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते एक वर्ष में ही 20 लोगों की अकाल मौत कैंसर की बीमारी से हो चुकी है। पिछले पांच वर्षों में यह आंकड़ा 35 के पार पहुंच चुका है। अभी भी कई लोग इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हो अपना उपचार करा रहे हैं। ग्रामीण इसके पीछे दूषित पेयजल को जिम्मेदार मानते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोह से जुड़े इस गांव में कैंसर तेजी के साथ पैर पसार रहा है। कैंसर से अब तक विक्रम सैनी, सरजीत सिंह, विश्वास सैनी, राजकुमार, गुडडी, जसंराज सिंह, रोहिताश सिंह, छिन्दर सिंह, सौसिंह सैनी, राकेश सैनी, इसमसिंह सैनी, सुदेश कोरी, फूलसिंह कोरी सहित करीब 20 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है।
गांव में अभी भी इसमपाल, बुद्ध सिंह, रजवीश कुमार, चंद्रपाल सिंह कोरी, कुसुम कोरी आदि कैंसर से पीड़ित हैं, जो विभिन्न अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण अंकित चौधरी, बिटटू चौधरी, पप्पू शर्मा, प्रवेश कुमार, ओम सिंह, महेंद्र कोरी आदि का कहना है कि गांव का पीने का पानी दूषित हो चुका है, जो कुछ ही देर में पीला पड़ जाता है।
उन्होंने बताया कि गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था, जो कई सालों से अधर में लटका पड़ा है। ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर गांव के पानी और मिट्टी की जांच कराने की मांग की है।
n ग्राम प्रधान अमित कोरी बताते हैं कि वह कई बार इस मुद्दे को लेकर अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
n पूर्व प्रधान रामकुमार वर्मा कहते हैं कि गांव में विशेषज्ञों की टीम भेजकर पानी और मिट्टी की जांच कराई जाए, जिससे बीमारी के मूल कारणों का पता चल सके।
n ग्रामीण धर्मवीर सैनी का कहना है कि गांव का पानी दूषित है और पेस्टीसाइड के अंधाधुंध इस्तेमाल के चलते मिट्टी भी खराब हो चुकी है।
n अंकित पंवार का कहना है कि यह बीमारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए, जिससे स्पष्ट वजह पता चल सके।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगोह से जुड़े इस गांव में कैंसर तेजी के साथ पैर पसार रहा है। कैंसर से अब तक विक्रम सैनी, सरजीत सिंह, विश्वास सैनी, राजकुमार, गुडडी, जसंराज सिंह, रोहिताश सिंह, छिन्दर सिंह, सौसिंह सैनी, राकेश सैनी, इसमसिंह सैनी, सुदेश कोरी, फूलसिंह कोरी सहित करीब 20 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
गांव में अभी भी इसमपाल, बुद्ध सिंह, रजवीश कुमार, चंद्रपाल सिंह कोरी, कुसुम कोरी आदि कैंसर से पीड़ित हैं, जो विभिन्न अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण अंकित चौधरी, बिटटू चौधरी, पप्पू शर्मा, प्रवेश कुमार, ओम सिंह, महेंद्र कोरी आदि का कहना है कि गांव का पीने का पानी दूषित हो चुका है, जो कुछ ही देर में पीला पड़ जाता है।
उन्होंने बताया कि गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था, जो कई सालों से अधर में लटका पड़ा है। ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर गांव के पानी और मिट्टी की जांच कराने की मांग की है।
n ग्राम प्रधान अमित कोरी बताते हैं कि वह कई बार इस मुद्दे को लेकर अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
n पूर्व प्रधान रामकुमार वर्मा कहते हैं कि गांव में विशेषज्ञों की टीम भेजकर पानी और मिट्टी की जांच कराई जाए, जिससे बीमारी के मूल कारणों का पता चल सके।
n ग्रामीण धर्मवीर सैनी का कहना है कि गांव का पानी दूषित है और पेस्टीसाइड के अंधाधुंध इस्तेमाल के चलते मिट्टी भी खराब हो चुकी है।
n अंकित पंवार का कहना है कि यह बीमारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए, जिससे स्पष्ट वजह पता चल सके।