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नवीन मंडी में बुनियादी सुविधाओं का टोटा
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। हस्तिनापुर रोड स्थित मंडी में किसानों को सुविधा देने के लिए बनाई गई टंकी 13 साल बाद भी चालू नहीं हो सकी है। यही नहीं टूटी सड़क व किसान भवन में कबाड़ भरा होने से किसानों को रात में रुकने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि वर्ष 2006 में हस्तिनापुर रोड स्थित नवीन मंडी में टंकी का निर्माण यह सोचकर किया गया कि यहां आने वाले किसानों को पेयजल की दिक्कत ना हो सके। उन्हें स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। छह माह बीतते ही टंकी बंद हो गई। इसके बाद दोबारा शुरू नहीं हो सकी। न ही किसी ने इसके लिए प्रयास किया। 13 साल बीतने के बाद भी टंकी दोबारा चालू नहीं कराई जा सकी है। यही नहीं नवीन मंडी में बनाई गई सड़कें भी पूरी तरह टूट चुकी हैं। जिस कारण यहां आने वाले किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अप्रैल में गेहूं क्रय केंद्र नवीन मंडी में खोलें जाते हैं। जिसके लिए मंडी में किसान भवन बनाया गया था। उसमें कबाड़ भरा होने के कारण किसानों को नवीन मंडी में इधर-उधर घूमकर रात गुजारनी पड़ती है। नवीन मंडी के सचिव राजपाल का कहना है जल्द ही टंकी की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं, किसान भवन को खाली कराकर उसमें ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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मवाना। हस्तिनापुर रोड स्थित मंडी में किसानों को सुविधा देने के लिए बनाई गई टंकी 13 साल बाद भी चालू नहीं हो सकी है। यही नहीं टूटी सड़क व किसान भवन में कबाड़ भरा होने से किसानों को रात में रुकने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चलें कि वर्ष 2006 में हस्तिनापुर रोड स्थित नवीन मंडी में टंकी का निर्माण यह सोचकर किया गया कि यहां आने वाले किसानों को पेयजल की दिक्कत ना हो सके। उन्हें स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। छह माह बीतते ही टंकी बंद हो गई। इसके बाद दोबारा शुरू नहीं हो सकी। न ही किसी ने इसके लिए प्रयास किया। 13 साल बीतने के बाद भी टंकी दोबारा चालू नहीं कराई जा सकी है। यही नहीं नवीन मंडी में बनाई गई सड़कें भी पूरी तरह टूट चुकी हैं। जिस कारण यहां आने वाले किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अप्रैल में गेहूं क्रय केंद्र नवीन मंडी में खोलें जाते हैं। जिसके लिए मंडी में किसान भवन बनाया गया था। उसमें कबाड़ भरा होने के कारण किसानों को नवीन मंडी में इधर-उधर घूमकर रात गुजारनी पड़ती है। नवीन मंडी के सचिव राजपाल का कहना है जल्द ही टंकी की मरम्मत कराई जाएगी। वहीं, किसान भवन को खाली कराकर उसमें ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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