फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   जानलेवा बीमारी से बचाएगा रूबेला का टीका

जानलेवा बीमारी से बचाएगा रूबेला का टीका

Wed, 04 Jul 2018 01:52 AM IST
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
जानलेवा बीमारी से बचाएगा रूबेला का टीका
जानलेवा बीमारी से बचाएगा रूबेला का टीका
विज्ञापन

मेरठ। बैक्टीरिया वायरस से होने वाली बीमारियों जैसे खसरा आदि की रोकथाम के लिए अब रूबेला का टीका लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत सितंबर माह से की जाएगी। अभियान को शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
जैसे ही गर्मी शुरू होती है कई बीमारियों के वायरस हवा में घूमने लगते हैं। उनमें खसरा रूबेला का वायरस भी है। यह वायरस दुनिया के लिए अब भी चुनौती है। विकसित देश जो बैक्टीरिया वायरस से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित समझे जाते हैं वहां भी खसरा रूबेला के मामले सामने आए हैं। पांच साल केदौरान बच्चों की मौत का एक कारण खसरा रूबेला भी है। यह हालात तब हैं जबकि खसरा का टीका मौजूद है और वह सामान्य टीकाकरण में शामिल है। एसीएमओ डॉ. विश्वास चौधरी ने बताया कि बच्चों को खसरा के दो टीके लगाए जाते हैं, एक नौ महीने में और दूसरा 16 से 24 महीनों के दौरान, जबकि मीजल्स रूबेला का टीका 15 साल तक के किशोरों को लगाया जाएगा। इसे पहली बार स्वास्थ्य विभाग के टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन


खसरा को लेकर हैं भ्रांतियां
खसरा को लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी हैं। इससे बचाव के लिए लोग देसी नुस्खे और टोटके अपनाते हैं, जबकि डॉक्टरों का मानना है कि खसरा से बचाव टीके द्वारा ही संभव है। रोग होने के बाद इसकी कोई दवा नहीं है सिर्फ सावधानी बरतनी होती है। खसरा के दो टीके पूरे जीवन के लिए पर्याप्त हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हैं लक्षण
आंखों का लाल होना, खांसी आना और नाक से पानी टपकना। इस रोग की शुरुआत को दर्शाता है। शरीर पर लाल दाने उभर आते हैं और रोगी को बुखार चढ़ जाता है। 80 प्रतिशत रोगी 15 वर्ष से कम उम्र के पाए गए हैं। रूबेला अगर किसी गर्भवती महिला को हो जाए तो उससे पैदा होने वाला बच्चा कमजोर, मानसिक और शारीरिक तौर पर अपंग या किसी कमी का शिकार हो सकता है।


हर बच्चे को लगाने की है योजना
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि यह टीका हर बच्चे को देने की योजना है। सरकारी, गैर सरकारी और अर्ध सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। खसरा रूबेला से निजात पाने के लिए 9 महीने से 15 वर्ष तक वालों को टीके लगाने होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय को यह टीके डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की सहायता से निशुल्क दिए जाएंगे। निजी डॉक्टर इसके लिए 400 से 900 रुपये लेते हैं। सीएमओ ने बताया कि रूबेला वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। किसी तरह के साइड इफेक्ट नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed