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सुभारती विश्वविद्यालय में जुटे कई देशों के बौद्घ भिक्षु, विद्वान

Sun, 11 Mar 2018 01:52 AM IST
Updated Sun, 11 Mar 2018 01:52 AM IST
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सुभारती विश्वविद्यालय में जुटे कई देशों के बौद्घ  भिक्षु, विद्वान
सुभारती में जुटे कई देशों के बौद्ध भिक्षु और विद्वान
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मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में प्राचीन बौद्घी वृक्ष को देखने के लिए शनिवार को कई देशों के बौद्घ भिक्षु और विद्वानों ने भाग लिया। सुबह दस बजे से बौद्घ वृक्ष और बुद्घ प्रतिमा की डॉ. धम्मापिया और भिक्षुओं ने पूजा अर्चना की।
सरदार पटेल प्रेक्षागृह में अंतरराष्ट्रीय बौद्घ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में जोग्या आर्डर के 25-26वें अध्यक्ष योई हयूं द्वारा बौद्घ धर्म के बारे में बताया। सम्मेलन के दूसरे सत्र में चीन, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस, श्रीलंका, वियतनाम, म्यांमार, स्विट्जरलैंड, कनाडा, नेपाल और जापान से आए विद्वानों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि के रूप में भारत में म्यांमार के राजदूत डॉ. मियो औंग ने गौद्घी वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध की प्रतिमा भेंट किए जाने की बात कही। डॉ. मियो औंग के साथ उनकी पत्नी नीलार औंग भी बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। सम्मेलन में म्यांमार से वरिष्ठ संघ सदस्य वेनेरेबल तिलोका, चीन के बीएनआर फाउंडेशन के आचार्या डॉ. जियांग, जापान से आए विश्व बुद्घिस्ट मिशन के अध्यक्ष वेनेरेबल मेधांकर रवि, अध्यक्ष भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के आचार्य डॉ. एसआर भट्ट, डॉ. अनीता शर्मा ने भी शोध पत्र प्रस्तुत किए।
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सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. धम्मापिया द्वारा बौद्घ धर्म के महायाना, थेरावादा एवं वज्रयाना तीनों शाखाओं के अनुयाइयों द्वारा मिलकर विश्व क्रांति के लिए काम करने की बात पर विशेष बल दिया। सम्मेलन में सुभारती की संस्थापक अध्यक्षा डॉ. मुक्ति भटनागर ने महात्मा बुद्ध के सिद्घांतों के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। एमटीवी ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. रोहित रविंद्र ने अतिथियों का धन्यवाद किया। विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। डांग बैंग विवि के कुलाधिपति डॉ. ची रान ली और सुभारती विवि के कुलपति डॉ. एनके आहूजा ने कला और संस्कृति के विकास के लिए साथ काम करने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।
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खास बातें:
अंतरराष्ट्रीय बौद्घ सम्मेलन में बौद्धी वृक्ष की हुई पूजा अर्चना
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