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मेरठ कॉलेज में मनाया संविधान दिवस
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:14 AM IST
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मेरठ कॉलेज में मनाया संविधान दिवस
मेरठ। मेरठ कॉलेज मेरठ के विधि विभाग में सोमवार को संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज में गोष्ठी का आयोजन हुआ। शुभारंभ विधि विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि मित्तल ने किया।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान अपने आप में एक वृहद दस्तावेज है। जो सभी नागरिकों को विभिन्न प्रकार के मौलिक अधिकार देता है। मुख्य अतिथि डॉ. चंद्रशेखर सेवानिवृत्त शिक्षक विधि विभाग मेरठ कॉलेज रहे। उन्होंने कहा कि विधि में होने से ज्यादा विधि का पालन करना जरूरी है। इससे संविधान की मूलभावना विधि का शासन स्थापित हो सके। विधि विभाग के छात्रों ने भी अपने विचार रखे। नरेंद्र ने कहा कि भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार की सुरक्षा के लिए प्रावधान बनाए गए हैं। शिवम ने कहा कि नागरिकों की गरिमा व विधि का शासन स्थापित करने के लिए व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करना है। वीके अग्रवाल ने बताया कि व्यवहारिक जीवन में सामान्य विधि का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति को होना चाहिए। अजय कुमार ने महिला सशक्तिकरण पर विचार रखे। सभी छात्रों ने संविधान के प्रस्तावना की शपथ ली। संचालन डॉ. विजय तालियान ने किया। डॉ. गोपीचंद, डॉ. केके गुप्ता, डॉ. हरिशंकर राय, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. द्वारिका प्रसाद, डॉ. एमपी वर्मा, अशोक शर्मा, मोहम्मद दानिश, जयवीर मौजूद रहे। डॉ. प्रवीण दुबलिश ने आभार दिया।
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मेरठ। मेरठ कॉलेज मेरठ के विधि विभाग में सोमवार को संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज में गोष्ठी का आयोजन हुआ। शुभारंभ विधि विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि मित्तल ने किया।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान अपने आप में एक वृहद दस्तावेज है। जो सभी नागरिकों को विभिन्न प्रकार के मौलिक अधिकार देता है। मुख्य अतिथि डॉ. चंद्रशेखर सेवानिवृत्त शिक्षक विधि विभाग मेरठ कॉलेज रहे। उन्होंने कहा कि विधि में होने से ज्यादा विधि का पालन करना जरूरी है। इससे संविधान की मूलभावना विधि का शासन स्थापित हो सके। विधि विभाग के छात्रों ने भी अपने विचार रखे। नरेंद्र ने कहा कि भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार की सुरक्षा के लिए प्रावधान बनाए गए हैं। शिवम ने कहा कि नागरिकों की गरिमा व विधि का शासन स्थापित करने के लिए व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करना है। वीके अग्रवाल ने बताया कि व्यवहारिक जीवन में सामान्य विधि का ज्ञान प्रत्येक व्यक्ति को होना चाहिए। अजय कुमार ने महिला सशक्तिकरण पर विचार रखे। सभी छात्रों ने संविधान के प्रस्तावना की शपथ ली। संचालन डॉ. विजय तालियान ने किया। डॉ. गोपीचंद, डॉ. केके गुप्ता, डॉ. हरिशंकर राय, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. द्वारिका प्रसाद, डॉ. एमपी वर्मा, अशोक शर्मा, मोहम्मद दानिश, जयवीर मौजूद रहे। डॉ. प्रवीण दुबलिश ने आभार दिया।
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