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फकरपुर कबट्टा में तनाव बरकरार
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फकरपुर कबट्टा में तनाव बरकरार
खरखौदा। गांव फकरपुर कबट्टा में अनुसूचित जाति एवं जाट समाज के लोगों में कई माह से गांव में राशन की दुकान को लेकर विवाद है। यहां पर बुधवार रात्रि में फायरिंग एवं पथराव हुआ। हालांकि पुलिस ने अनुसूचित जाति पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, गांव में तनाव कायम है। इसको लेकर पुलिस बल तैनात है।
गांव फकरपुर कबट्टा में तीन माह पहले राशन की दुकान का आवंटन हुआ था। जिसमें अनुसूचित जाति एवं जाट समाज आमने-सामने आ गए थे। उसी समय से दोनों पक्षों में विवाद है। कुछ दिन पहले जाट समाज के शिवम ने गांव अतराड़ा निवासी ऊर्जा निगम में तैनात संविदाकर्मी लाइनमैन सोनिक को बिजली का बिल जमा करने के लिए रुपये दिए थे। लाइनमैन में बिल जमा नहीं किया तो मंगलवार को शिवम ने उससे रुपये वापस मांगे। इस पर गांव कबट्टा निवासी गोविंद लाइनमैन सोनिक के पक्ष में आया। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसकी शिवम ने थाने में तहरीर दी। दलित पक्ष भी थाने पहुंचा और तहरीर दी। चुनावी माहौल होने की वजह से पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जाट समाज के दो युवक बुधवार को अनुसूचित जाति के मोहल्ले में दुकान से सामान लेने गए। वहां दोनों पक्षों में पथराव एवं फायरिंग हो गई थी। जिसमें दलित समाज की एक महिला समेत तीन लोग घायल हुए। मामला जातीय होने पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस को कार्रवाई नहीं करने पर विरोध झेलना पड़ा था। लाखन पुत्र नत्थू सिंह ने ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार, पंकज, बच्चू, अंकुर, अरविंद, छोटू, शिवम, सुनील आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मामला फिर भड़कने से बचा
बृहस्पतिवार को जाट समाज के दो युवक अनुसूचित जाति के मोहल्ले में परचून की दुकान पर सामान खरीदने गए तो वहां दोनों पक्षों में विरोध हुआ। हांलाकि मौके पर पुलिस होने के कारण मामला जल्द ही काबू में कर लिया गया।
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पुलिस-प्रशासन नहीं कर रहा सहयोग
अनुसूचित जाति पक्ष का आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को उनके समाज के कुछ जिम्मेदार लोग एसएसपी से मिले। आरोप है कि एसएसपी ने भी इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं पर आरोप लगाया। 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश नहीं दी है। जिससे लग रहा है पुलिस प्रशासन उनका सहयोग नहीं कर रहा है।
गांव में शांति है। वहां सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। अनुसूचित पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। -आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर
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खरखौदा। गांव फकरपुर कबट्टा में अनुसूचित जाति एवं जाट समाज के लोगों में कई माह से गांव में राशन की दुकान को लेकर विवाद है। यहां पर बुधवार रात्रि में फायरिंग एवं पथराव हुआ। हालांकि पुलिस ने अनुसूचित जाति पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, गांव में तनाव कायम है। इसको लेकर पुलिस बल तैनात है।
गांव फकरपुर कबट्टा में तीन माह पहले राशन की दुकान का आवंटन हुआ था। जिसमें अनुसूचित जाति एवं जाट समाज आमने-सामने आ गए थे। उसी समय से दोनों पक्षों में विवाद है। कुछ दिन पहले जाट समाज के शिवम ने गांव अतराड़ा निवासी ऊर्जा निगम में तैनात संविदाकर्मी लाइनमैन सोनिक को बिजली का बिल जमा करने के लिए रुपये दिए थे। लाइनमैन में बिल जमा नहीं किया तो मंगलवार को शिवम ने उससे रुपये वापस मांगे। इस पर गांव कबट्टा निवासी गोविंद लाइनमैन सोनिक के पक्ष में आया। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसकी शिवम ने थाने में तहरीर दी। दलित पक्ष भी थाने पहुंचा और तहरीर दी। चुनावी माहौल होने की वजह से पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जाट समाज के दो युवक बुधवार को अनुसूचित जाति के मोहल्ले में दुकान से सामान लेने गए। वहां दोनों पक्षों में पथराव एवं फायरिंग हो गई थी। जिसमें दलित समाज की एक महिला समेत तीन लोग घायल हुए। मामला जातीय होने पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस को कार्रवाई नहीं करने पर विरोध झेलना पड़ा था। लाखन पुत्र नत्थू सिंह ने ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार, पंकज, बच्चू, अंकुर, अरविंद, छोटू, शिवम, सुनील आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मामला फिर भड़कने से बचा
बृहस्पतिवार को जाट समाज के दो युवक अनुसूचित जाति के मोहल्ले में परचून की दुकान पर सामान खरीदने गए तो वहां दोनों पक्षों में विरोध हुआ। हांलाकि मौके पर पुलिस होने के कारण मामला जल्द ही काबू में कर लिया गया।
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पुलिस-प्रशासन नहीं कर रहा सहयोग
अनुसूचित जाति पक्ष का आरोप है कि तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिसको लेकर बृहस्पतिवार को उनके समाज के कुछ जिम्मेदार लोग एसएसपी से मिले। आरोप है कि एसएसपी ने भी इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन्हीं पर आरोप लगाया। 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश नहीं दी है। जिससे लग रहा है पुलिस प्रशासन उनका सहयोग नहीं कर रहा है।
गांव में शांति है। वहां सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा। अनुसूचित पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। -आलोक कुमार सिंह, सीओ किठौर