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मेडिकल में मिली गंदगी, लगे मिले जाले
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:36 AM IST
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मेडिकल में मिली गंदगी, लगे मिले जाले
मेरठ। गृह मंत्रालय की गुणवत्ता परखने वाली दो सदस्य टीम ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का सर्वे किया। उन्होंने मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि टीम को वार्डों में गंदगी मिली, मकड़ी के जाले लगे मिले। सफाई न होने के कारण कई जगह पानी भरा हुआ मिला। उन्होंने इसके लिए स्टाफ की क्लास भी ली। वह इसकी रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
गृह मंत्रालय की तरफ से तय किया जाएगा कि केंद्र सरकार की तरफ से कितना बजट दिया जा सकता है। साथ ही पहले जो बजट दिया गया है, उसका किस तरह से इस्तेमाल हुआ है। यह टीम सुबह साढ़े आठ बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग, प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा आदि उनके साथ रहे। टीम ने गायनिक वार्ड, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), कैंटीन, बच्चा वार्ड, आर्थोपैडिक, लाउंड्री सिस्टम और पानी में प्रदूषण आदि का सर्वे किया। इस दौरान कई जगह गंदगी समेत कई खामियां मिलीं। देर शाम करीब साढ़े आठ बजे टीम वापस लौटी। वहीं प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग का कहना है कि टीम केसदस्य यह जांचने के लिए आए थे कि यहां और किन सुविधाओं की जरूरत है।
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मेरठ। गृह मंत्रालय की गुणवत्ता परखने वाली दो सदस्य टीम ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का सर्वे किया। उन्होंने मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। हालांकि टीम को वार्डों में गंदगी मिली, मकड़ी के जाले लगे मिले। सफाई न होने के कारण कई जगह पानी भरा हुआ मिला। उन्होंने इसके लिए स्टाफ की क्लास भी ली। वह इसकी रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
गृह मंत्रालय की तरफ से तय किया जाएगा कि केंद्र सरकार की तरफ से कितना बजट दिया जा सकता है। साथ ही पहले जो बजट दिया गया है, उसका किस तरह से इस्तेमाल हुआ है। यह टीम सुबह साढ़े आठ बजे मेडिकल कॉलेज पहुंची। प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग, प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजीत चौधरी, उप अधीक्षक डॉ. दिनेश राणा आदि उनके साथ रहे। टीम ने गायनिक वार्ड, ऑपरेशन थियेटर (ओटी), कैंटीन, बच्चा वार्ड, आर्थोपैडिक, लाउंड्री सिस्टम और पानी में प्रदूषण आदि का सर्वे किया। इस दौरान कई जगह गंदगी समेत कई खामियां मिलीं। देर शाम करीब साढ़े आठ बजे टीम वापस लौटी। वहीं प्रधानाचार्य डॉ. एसके गर्ग का कहना है कि टीम केसदस्य यह जांचने के लिए आए थे कि यहां और किन सुविधाओं की जरूरत है।
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