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मांग से कम उपलब्धता कटवा रही बिजली
Updated Mon, 18 Sep 2017 02:47 AM IST
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मेरठ। प्रदेश में मांग से कम उपलब्धता बिजली गुल होने का कारण बनी है। बाढ़ के चलते हाइड्रो पावर प्लांट प्रभावित होने और एनर्जी एक्सचेंज से भी पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से चार से छह घंटे बिजली कटौती चल रही है। कंट्रोल से इमरजेंसी रोस्टिंग के अलावा लो वोल्टेज और लोकल कटौती से बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सितंबर में पारा 35 डिग्री तक पहुंचने और भारी उमस के चलते बिजली की मांग में 20 फीसदी बढ़ गई है। जबकि पूर्वांचल में बाढ़ के चलते हाइड्रो पावर प्लांट ठप हो गए हैं। पीवीवीएनएल को भी पिछले दो दिन से 5 हजार मेगावाट बिजली मांग के सापेक्ष 4 हजार से 4500 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश में चल रहे बिजली संकट को देखते हुए सिस्टम पर भी 20 से 30 फीसदी अतिरिक्त लोड आ गया है। इसके चले लखनऊ कंट्रोल से कोड भेजकर इमरजेंसी रोस्टिंग कराई जा रही है। ट्रांसमिशन से कम फ्रिक्वेंसी मिलने से कम वोल्टेज की समस्या आ रही है। रविवार को भी मेंटेनेंस के नाम पर जहां टीपीनगर, माधवपुरम और मोहकमपुर बिजलीघर पर दो घंटे शटडाउन लेकर बिजली बंद रखी गई वहीं पल्लवपुरम फेस वन और फेस टू बिजलीघर से शनिवार रात से लेकर रविवार दोपहर तक बार-बार कटौती होती रही। लिसाडी गेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी, रोहटा रोड, पुराना आरटीओ, बेगमपुल, शारदा रोड, घंटाघर, लेडीज पार्क, सदर, मेडिकल, मलियाना, कंकरखेड़ा, एमईएस और गंगानगर आदि बिजलीघर क्षेत्रों में तीन से पांच घंटे बिजली कटौती की गई। वहीं बिजली जाने से लोगों के सामने पानी का संकट भी खड़ा हो जाता है। क्योंकि निगम के कई नलकूप ऐसे हैं, जहां जेनरेटर की व्यवस्था नही है।
नवरात्रों की चल रही तैयारी
एक तरफ जहां प्रदेश में बिजली का संकट बरकरार है, वहीं सीएम ने त्योहारी मौसम में शहरों व मंदिरों को भरपूर बिजली आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। शासन से मिले निर्देशों के बाद पीवीवीएनएल अधिकारियों ने प्रमुख मंदिरों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करनी शुरू कर दी है। मंदिरों तक जाने वाली लाइनों व पोल आदि पर मेंटेनेंस का काम हो रहा है।
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मांग और उपलब्धता में अंतर आने सेे कुछ दिन से आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है और सिस्टम पर लोड भी बढ़ा है। जितनी बिजली वितरण के लिए ट्रांसमिशन से मिल रही है, उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। त्योहार के लिए तैयारी चल रही है। भरपूर बिजली आपूर्ति होगी। अभिषेक प्रकाश, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
खास बात
गर्मी बढ़ते ही फिर से बढ़ गई बिजली की डिमांड, बाढ़ के चलते हाइड्रो पावर प्लांट भी हुआ ठप
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सितंबर में पारा 35 डिग्री तक पहुंचने और भारी उमस के चलते बिजली की मांग में 20 फीसदी बढ़ गई है। जबकि पूर्वांचल में बाढ़ के चलते हाइड्रो पावर प्लांट ठप हो गए हैं। पीवीवीएनएल को भी पिछले दो दिन से 5 हजार मेगावाट बिजली मांग के सापेक्ष 4 हजार से 4500 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश में चल रहे बिजली संकट को देखते हुए सिस्टम पर भी 20 से 30 फीसदी अतिरिक्त लोड आ गया है। इसके चले लखनऊ कंट्रोल से कोड भेजकर इमरजेंसी रोस्टिंग कराई जा रही है। ट्रांसमिशन से कम फ्रिक्वेंसी मिलने से कम वोल्टेज की समस्या आ रही है। रविवार को भी मेंटेनेंस के नाम पर जहां टीपीनगर, माधवपुरम और मोहकमपुर बिजलीघर पर दो घंटे शटडाउन लेकर बिजली बंद रखी गई वहीं पल्लवपुरम फेस वन और फेस टू बिजलीघर से शनिवार रात से लेकर रविवार दोपहर तक बार-बार कटौती होती रही। लिसाडी गेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी, रोहटा रोड, पुराना आरटीओ, बेगमपुल, शारदा रोड, घंटाघर, लेडीज पार्क, सदर, मेडिकल, मलियाना, कंकरखेड़ा, एमईएस और गंगानगर आदि बिजलीघर क्षेत्रों में तीन से पांच घंटे बिजली कटौती की गई। वहीं बिजली जाने से लोगों के सामने पानी का संकट भी खड़ा हो जाता है। क्योंकि निगम के कई नलकूप ऐसे हैं, जहां जेनरेटर की व्यवस्था नही है।
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नवरात्रों की चल रही तैयारी
एक तरफ जहां प्रदेश में बिजली का संकट बरकरार है, वहीं सीएम ने त्योहारी मौसम में शहरों व मंदिरों को भरपूर बिजली आपूर्ति करने के आदेश दिए हैं। शासन से मिले निर्देशों के बाद पीवीवीएनएल अधिकारियों ने प्रमुख मंदिरों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करनी शुरू कर दी है। मंदिरों तक जाने वाली लाइनों व पोल आदि पर मेंटेनेंस का काम हो रहा है।
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मांग और उपलब्धता में अंतर आने सेे कुछ दिन से आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ी है और सिस्टम पर लोड भी बढ़ा है। जितनी बिजली वितरण के लिए ट्रांसमिशन से मिल रही है, उसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। त्योहार के लिए तैयारी चल रही है। भरपूर बिजली आपूर्ति होगी। अभिषेक प्रकाश, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
खास बात
गर्मी बढ़ते ही फिर से बढ़ गई बिजली की डिमांड, बाढ़ के चलते हाइड्रो पावर प्लांट भी हुआ ठप