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तीन माह तरसाकर

Sun, 03 Sep 2017 03:03 AM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 03:03 AM IST
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तीन माह तरसाकर
मोदीपुरम (मेरठ)। करीब तीन माह तरसाने के बाद दो दिनों में 74.4 मिमी बरसे बादलों ने इस मानसून सीजन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बरसात का दौर शनिवार शाम तक रुक रुककर चला। जबकि अकेले शनिवार को ही 62.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। इससे जहां किसानों के चेहरे खिल गए तो लोगों को भी गर्मी से राहत मिली है। रविवार को भी हल्की बारिश की संभावना है।
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गुजरते मानसून ने जोर पकड़ा
एक जून से आमद दर्ज कराने वाला मानसून सीजन 15 सितंबर तक वापस हो जाएगा। इन तीन माह में बादलों ने बरसने के बजाय लोगों को खूब तरसाया। मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो मानसून सीजन में वेस्ट यूपी में 600 मिमी तो मेरठ में 480 मिमी बारिश होनी चाहिए। जबकि 30 अगस्त तक यह बारिश 375 मिमी और 277 मिमी ही दर्ज हुई थी। इस सीजन में अच्छी बारिश के लिहाज से केवल 19 अगस्त को ही 59 मिमी बसात दर्ज हुई थी।
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दो दिनों का हाल
शुक्रवार को दिन की शुरुआत ही जहां बारिश से हुई तो आधी रात तक शहर और देहात में तेज बारिश हुई। बरसात का दौर शनिवार को भी जारी रहा और शाम करीब चार बजे तक रुक रुककर बारिश होती रही। इसके बाद मौसम खुला तो धूप भी निकल आई। जिससे दिन और रात के तापमान में कमी दर्ज की गई। इस सीजन में मेरठ में अभी तक 351.4 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र पर अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 97 व न्यूनतम 78 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई।
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अभी अच्छी बारिश के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार से मौसम थोड़ा बदलेगा। दिन में आसमान पर बादल रहेंगे। हल्की बारिश की संभावना है। जिससे मामूली रूप से तापमान बढ़ सकता है। लेकिन अमूमन मानसून वापसी के दौरान अच्छी बारिश का दौर बना रहता है। जिसके चलते अभी आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है।
फसलों के लिए वरदान
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर का कहना है कि
यह बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी। धान और गन्ने के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी है। दोनों ही फसलों को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है। रुक रुककर होने वाली बारिश से फसलों का उत्पादन बढे़गा।

कमी पूरी करेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष के अनुसार मानसून सीजन में मेरठ और वेस्ट यूपी में सामान्य से कम बारिश हुई है। अगर बारिश सामान्य के आसपास भी होती है तो आगे इसका लाभ मिलेगा। सर्दी के सीजन में बारिश कम होने के कारण फसलों और भूजल स्तर पर इसका असर दिखाई देता है। सितंबर में होने वाली बारिश तीन माह में कम हुई बारिश की पूर्ति करेगी।
खास बात
62.4 मिमी बारिश हुई शनिवार सुबह से शाम तक
74 मिमी कुल दर्ज हुई शुक्रवार और शनिवार दो दिन बरसात
59 मिमी बारिश हुई थी इस मानसून सीजन में केवल 19 अगस्त को
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