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सहकारी मिलों के किसानों के खाते में पहुंचे 200 करोड़

Sat, 02 Sep 2017 02:36 AM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 02:36 AM IST
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सहकारी मिलों के किसानों के खाते में पहुंचे 200 करोड़
मेरठ। सहकारी शुगर मिलों के लिए प्रदेश सरकार से मिले 200 करोड़ रुपये गन्ना किसानों के खाते में पहुंच गए हैं। तीन दिन के अंदर हुए भुगतान से प्रदेश की 19 सहकारी शुगर मिलों के करीब 1 लाख 20 हजार गन्ना किसानों को लाभ पहुंचा है।
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प्रदेश की चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2016-17 का 90 फीसदी भुगतान किया है। करीब 2400 करोड़ रुपये मिलों पर बकाया हैं। इनमें प्रदेश की 19 सहकारी शुगर मिल भी शामिल थीं। जिन्होंने किसानों का संपूर्ण गन्ना मूल्य बकाया भुगतान नहीं किया है। घाटे का रोना रो रही इन मिलों को सरकार ने चार दिन पहले 200 करोड़ रुपये जारी किए थे। गन्ना विभाग ने धन मिलने के तीन दिन के अंदर ही रिकार्ड समय में इस धन को किसानों के खाते में स्थानांतरित कर दिया। गन्ना विभाग के मुख्य प्रचार अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि पेराई सत्र 2016-17 में सहकारी चीनी मिलों द्वारा 2434 करोड़ रुपये मूल्य का गन्ना क्रय किया गया था। जिसके सापेक्ष 2244 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जो कुल देय का 92 फीसदी है। प्रदेश में सहकारी क्षेत्र की कुल 24 मिलों में से 5 शुगर मिलों ने शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। 19 शुगर मिलों को राज्य सरकार ने विशेष सहायता के रूप आकस्मिकता निधि से 200 करोड़ रुपये जारी किए थे। इनको किसानों के खाते में पहुंचा दिया है।
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मुख्य बातें
सरकार ने मुहैया कराए थे 200 करोड़, मिलों ने बकाये का पूरा भुगतान किया
प्रदेश के 19 सहकारी मिलों के 1.20 लाख किसानों कोे मिली राहत
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