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चिकित्सक की कमी ने सरकार के प्रयासों को किया विफल
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मवाना क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में 1175 महिलाओं को ही मिल सका लाभ
एक वर्ष तक महिला चिकित्सक न होने के कारण योजना को लगा पलीता
महिला चिकित्सक की तैनाती हो जाने से प्रसव की संख्या बढ़ने की उम्मीद
शरद गुप्ता
मवाना। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को लेकर चलाई गई मातृ वंदना योजना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते परवान नहीं चढ़ सकी। हाल ही में सीएचसी मवाना के महिला अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती की गई है। पिछले एक वर्ष से महिला अस्पताल चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से महिलाओं को प्रसव के लिए प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा था। जिस कारण सरकार की यह योजना देहात क्षेत्र में परवान नहीं चढ़ सकी।
यह थी योजना
देहात क्षेत्र में महिला को प्रसव के दौरान सही देखभाल एवं बच्चे का टीकाकरण उचित समय पर हो इसके लिए सरकार ने मातृ वंदना योजना लागू की। इसके अंतर्गत पहली बार मां बनने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार अनुदान देने की घोषणा की गई थी। इसके लिए सरकार ने एएनएम, आशा व संगिनी से योजना को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए थे। मवाना सीएचसी में तैनात 25 एएनएम, 135 आशा व 6 संगिनी ने योजना का गांवों में प्रचार-प्रसार किया, परंतु महिला चिकित्सक नहीं होने से कोशिश कारगर नहीं रही।
नहीं चढ़ सकी योजना परवान
सीएचसी मवाना के महिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष पहले डॉ. सुमन की तैनाती थी। उस दौरान यहां प्रसव की संख्या लगभग 300-350 तक थी। इस दौरान कई महिलाओं ने पहले बच्चे को जन्म दिया। उनके स्थानांतरण के बाद यहां एक वर्ष तक महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। कई बार उच्चाधिकारियों से भी कहा गया, लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिस कारण सामान्य प्रसव ही यहां कराए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने से महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही मातृ वंदना योजना की भी जानकारी नहीं हो सकी, हजारों महिलाएं मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाले पांच हजार रुपये के अनुदान से वंचित रहीं।
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1175 महिलाओं को मिला लाभ
सीएचसी मवाना के महिला चिकित्सालय में पहली बार मां बनने वाली लगभग 1175 महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ मिला। दरअसल महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से यहां स्टॉफ नर्स ने सामान्य प्रसव आसानी से कराए। वहीं, जटिल प्रसव से नर्स को हाथ खींचने पड़े। जिस कारण यहां प्रसव के लिए आई महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल का रुख करना पड़ा। करीब 20 दिन पहले यहां डॉ. श्वेता चौहान की तैनाती की गई है। माना जा रहा है कि उनकी तैनाती के बाद अब यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। जिससे पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को सरकार से मिलने वाले अनुदान का लाभ मिलेगा।
यह है प्रक्रिया
योजना अंर्तगत प्रथम किस्त के रूप में एक हजार का अनुदान दिया जाएगा। जो किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में 150 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने व दस्तावेज जमा करने पर मिलेगी। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1ए, एमसीपी कार्ड, पहचान प्रमाणपत्र, बैंक की पासबुक की छायाप्रति देनी होगी। द्वितीय किस्त में दो हजार प्राप्त होगी। इसके लिए कम से कम प्रसव पूर्व जांच, गर्भावस्था से 180 दिन बाद दस्तावेज जमा करने पर भुगतान। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1बी, एमसीपी कार्ड देना होगा। तीसरी और आखिर किस्त दो हजार मिलेंगेे। इसके लिए शिशु जन्म का पंजीकरण, शिशु को प्रथम चक्र टीकाकरण होने के बाद दस्तावेजों के साथ जमा कराने पर होगा। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1सी, एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड अनिवार्य, शिशु जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है।
महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने के कारण सरकार की योजना से काफी संख्या में गर्भवती महिलाएं वंचित रहीं। इसके बावजूद सामान्य प्रसव यहां कराए गए और 1175 महिलाओं को अनुदान का लाभ भी मिला। वर्तमान में यहां महिला चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। अब यह आंकड़ा बढ़ने की पूरी संभावना है।-डॉ. अरुण कुमार, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी मवाना
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एक वर्ष तक महिला चिकित्सक न होने के कारण योजना को लगा पलीता
महिला चिकित्सक की तैनाती हो जाने से प्रसव की संख्या बढ़ने की उम्मीद
शरद गुप्ता
मवाना। जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को लेकर चलाई गई मातृ वंदना योजना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते परवान नहीं चढ़ सकी। हाल ही में सीएचसी मवाना के महिला अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती की गई है। पिछले एक वर्ष से महिला अस्पताल चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से महिलाओं को प्रसव के लिए प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा था। जिस कारण सरकार की यह योजना देहात क्षेत्र में परवान नहीं चढ़ सकी।
यह थी योजना
देहात क्षेत्र में महिला को प्रसव के दौरान सही देखभाल एवं बच्चे का टीकाकरण उचित समय पर हो इसके लिए सरकार ने मातृ वंदना योजना लागू की। इसके अंतर्गत पहली बार मां बनने वाली महिला को तीन किस्तों में पांच हजार अनुदान देने की घोषणा की गई थी। इसके लिए सरकार ने एएनएम, आशा व संगिनी से योजना को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए थे। मवाना सीएचसी में तैनात 25 एएनएम, 135 आशा व 6 संगिनी ने योजना का गांवों में प्रचार-प्रसार किया, परंतु महिला चिकित्सक नहीं होने से कोशिश कारगर नहीं रही।
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नहीं चढ़ सकी योजना परवान
सीएचसी मवाना के महिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष पहले डॉ. सुमन की तैनाती थी। उस दौरान यहां प्रसव की संख्या लगभग 300-350 तक थी। इस दौरान कई महिलाओं ने पहले बच्चे को जन्म दिया। उनके स्थानांतरण के बाद यहां एक वर्ष तक महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। कई बार उच्चाधिकारियों से भी कहा गया, लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिस कारण सामान्य प्रसव ही यहां कराए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं के प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने से महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही मातृ वंदना योजना की भी जानकारी नहीं हो सकी, हजारों महिलाएं मातृ वंदना योजना के तहत मिलने वाले पांच हजार रुपये के अनुदान से वंचित रहीं।
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1175 महिलाओं को मिला लाभ
सीएचसी मवाना के महिला चिकित्सालय में पहली बार मां बनने वाली लगभग 1175 महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ मिला। दरअसल महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से यहां स्टॉफ नर्स ने सामान्य प्रसव आसानी से कराए। वहीं, जटिल प्रसव से नर्स को हाथ खींचने पड़े। जिस कारण यहां प्रसव के लिए आई महिलाओं को प्राइवेट अस्पताल का रुख करना पड़ा। करीब 20 दिन पहले यहां डॉ. श्वेता चौहान की तैनाती की गई है। माना जा रहा है कि उनकी तैनाती के बाद अब यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। जिससे पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को सरकार से मिलने वाले अनुदान का लाभ मिलेगा।
यह है प्रक्रिया
योजना अंर्तगत प्रथम किस्त के रूप में एक हजार का अनुदान दिया जाएगा। जो किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में 150 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने व दस्तावेज जमा करने पर मिलेगी। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1ए, एमसीपी कार्ड, पहचान प्रमाणपत्र, बैंक की पासबुक की छायाप्रति देनी होगी। द्वितीय किस्त में दो हजार प्राप्त होगी। इसके लिए कम से कम प्रसव पूर्व जांच, गर्भावस्था से 180 दिन बाद दस्तावेज जमा करने पर भुगतान। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1बी, एमसीपी कार्ड देना होगा। तीसरी और आखिर किस्त दो हजार मिलेंगेे। इसके लिए शिशु जन्म का पंजीकरण, शिशु को प्रथम चक्र टीकाकरण होने के बाद दस्तावेजों के साथ जमा कराने पर होगा। इसके लिए आवेदन प्रपत्र 1सी, एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड अनिवार्य, शिशु जन्म प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है।
महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने के कारण सरकार की योजना से काफी संख्या में गर्भवती महिलाएं वंचित रहीं। इसके बावजूद सामान्य प्रसव यहां कराए गए और 1175 महिलाओं को अनुदान का लाभ भी मिला। वर्तमान में यहां महिला चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। अब यह आंकड़ा बढ़ने की पूरी संभावना है।-डॉ. अरुण कुमार, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी मवाना