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अब नहीं आएंगे डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाले
Updated Mon, 09 Jul 2018 02:52 AM IST
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मेरठ। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए नगर निगम अपने स्तर से कोई व्यवस्था नहीं कर पायी है। आई चेंज माय सिटी और इंदौर की कंपनी द्वारा तीन माह पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया डोर-टू-डोर कूड़ा उठान भी बंद हो गया है। अब उन सभी वार्डों की जनता के लिए बुरा संदेश है, जहां की जनता को तीन माह से इसकी सुविधा मिल रही थी। नगर निगम प्रशासन ने कंपनी को आगे काम नहीं दिया है। जनता को फिर वही पुरानी व्यवस्था में ही कूड़ा उठवाना होगा।
निगम प्रशासन ने सात अप्रैल 2018 को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का पायलट प्रोजेक्ट इंदौर की कंपनी को सौंपा था। तीन माह तक शहर के प्रह्लाद नगर, पूर्वी इस्लामाबाद, सूरजकुंड और कैलाशपुरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू करायी थी। इस दौरान संस्था के कर्मचारियों ने निगम की कूड़ा गाड़ियों के सहयोग से डोर-टू-डोर-कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की थी। सूखा और गीला कूड़ा उठाया गया था। साथ ही जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि शहर के इन चार वार्डों की जनता को कूड़ा गाड़ी में अपने घर का कूड़ा डालने की आदत पड़ गयी। इतना ही नहीं, लोगों ने अपने घरों पर लगाए प्राइवेट सफाई कर्मी भी हटा दिए। अब संस्था कार्य अवधि खत्म हो चुकी है। जिसके कारण जनता को समस्या झेलनी पड़ सकती है। कारण है कि नगर निगम प्रशासन ने अभी तक डोर-टू-डोर-कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू करने पर विचार ही नहीं किया है। जिसका खामियाजा शहर की जनता को भरना पड़ रहा है।
इस संबंध में आई चेंज माय सिटी के रामपाल वर्मा और इंदौर की कंपनी से विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मिला कार्य हम पूरा कर चुके हैं। आगे क्या किया जाना है, इस पर नगर निगम प्रशासन ने अभी निर्णय नहीं लिया है। इस अवसर पर गौरांग सिंघल, विवेक सिंहल, जागेश कुमार, पार्षद अंशुल गुप्ता, एहसान अंसारी, राकेश शर्मा आदि भी रहे।
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खास बातें:
- इंदौर की कंपनी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था तीन माह पहले कार्य
- डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के पायलट प्रोजेक्ट की समय अवधि खत्म
- आई चेंज माय सिटी और इंदौर की कंपनी की कार्य योजना
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निगम प्रशासन ने सात अप्रैल 2018 को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का पायलट प्रोजेक्ट इंदौर की कंपनी को सौंपा था। तीन माह तक शहर के प्रह्लाद नगर, पूर्वी इस्लामाबाद, सूरजकुंड और कैलाशपुरी क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू करायी थी। इस दौरान संस्था के कर्मचारियों ने निगम की कूड़ा गाड़ियों के सहयोग से डोर-टू-डोर-कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की थी। सूखा और गीला कूड़ा उठाया गया था। साथ ही जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। जिसका परिणाम यह हुआ कि शहर के इन चार वार्डों की जनता को कूड़ा गाड़ी में अपने घर का कूड़ा डालने की आदत पड़ गयी। इतना ही नहीं, लोगों ने अपने घरों पर लगाए प्राइवेट सफाई कर्मी भी हटा दिए। अब संस्था कार्य अवधि खत्म हो चुकी है। जिसके कारण जनता को समस्या झेलनी पड़ सकती है। कारण है कि नगर निगम प्रशासन ने अभी तक डोर-टू-डोर-कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू करने पर विचार ही नहीं किया है। जिसका खामियाजा शहर की जनता को भरना पड़ रहा है।
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इस संबंध में आई चेंज माय सिटी के रामपाल वर्मा और इंदौर की कंपनी से विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मिला कार्य हम पूरा कर चुके हैं। आगे क्या किया जाना है, इस पर नगर निगम प्रशासन ने अभी निर्णय नहीं लिया है। इस अवसर पर गौरांग सिंघल, विवेक सिंहल, जागेश कुमार, पार्षद अंशुल गुप्ता, एहसान अंसारी, राकेश शर्मा आदि भी रहे।
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खास बातें:
- इंदौर की कंपनी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था तीन माह पहले कार्य
- डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के पायलट प्रोजेक्ट की समय अवधि खत्म
- आई चेंज माय सिटी और इंदौर की कंपनी की कार्य योजना