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पुलिस समर कैंप
Updated Wed, 27 Jun 2018 02:12 AM IST
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कंट्रोल रूम में जाकर देखा चार्ली कौन होता है
मेरठ। पुलिस लाइन में चल रहे तीन दिवसीय समर कैंप का मंगलवार को समापन हो गया। शिविर के आखिरी दिन पुलिस अफसर और बच्चे एक दूसरे से रू-ब-रू हुए। ये चार्ली कौन होता है। थर्ड डिग्री क्या होती है। जैसे सवाल बच्चों ने पूछे।
शिविर के आखिरी दिन बच्चों को यूपी 100 पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। उन्हें ड्रोन का प्रदर्शन दिखाकर बताया गया कि इसके जरिए पुलिस किसी भी आयोजन स्थल पर आसमानी नजर रखती है। शाम को पुलिस अफसर और बच्चों का आपसी संवाद हुआ। बच्चों ने अधिकारियों से कई सवाल पूछे । अफसरों ने भी सहजता से उनका जवाब दिया। समापन अवसर पर एसपी देहात राजेश कुमार, एएसपी सतपाल अंतिल, एसओ देहली गेट विजय गुप्ता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
अंकल ये चार्ली क्या होता है
शिविर के दौरान कुछ बच्चों ने लाइन में खड़ी अधिकारियों की गाड़ी के वायरलैस सैट पर चार्ली-चार्ली बोलते सुन लिया। फिर क्या था बच्चे वहां मौजूद एएसपी सतपाल अंतिल के पास पहुंच गए। बोले अंकल हमें बताओ चार्ली क्या होता है? एएसपी से उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन बच्चे चार्ली से मिलने की जिद पर अड़ गए। बाद में बच्चों को कंट्रोल रूम ले जाकर जानकारी दी गई। बताया गया कि कंट्रोल रूम में वायरलैस ड्यूटी पर रहने वाला पुलिस कर्मी ही चार्ली होता है।
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ये थर्ड डिग्री क्या होती है
एक लड़की ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि अंकल उसने सुना है कि पुलिस थर्ड डिग्री भी देती है? ये थर्ड डिग्री क्या होती है? बच्ची का सवाल सुनकर अफसर भी एक दूसरे का मुंह देखने लगे। बाद में एएसपी ने कहा कि ये सब अफवाह है। पुलिस किसी को थर्ड डिग्री नहीं देती।
इतनी गाड़ियां क्यों खरीदी अंकल
यूपी 100 बाइक सवार पुलिस कर्मियों के बारे में जानकारी के दौरान दो बच्चों ने पूछा कि इतनी ज्यादा बाइक क्यों खरीदी? क्या पहले से व्यवस्था अच्छी नहीं थी? इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि ये सब पब्लिक की मदद के लिए है। बाइक तंग गलियों में भी जा सकती है, जिससे अपराध कर भागने वालों को गलियों में जाकर भी पकड़ा जा सकता है।
ये फोन कहां जाता है
बच्चों ने ये जानने कि कोशिश की कि जब हम यूपी 100 गाड़ी को फोन करते हैं तो उसके बाद किस तरह कार्रवाई होती है। अधिकारियों ने बताया कि इन गाड़ियों का पूरा कंट्रोल लखनऊ से होता है।
कांवड़ यात्रा में भी उड़ेगा ड्रोन
ड्रोन के प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने पूछा कि क्या कांवड़ यात्रा के दौरान भी ड्रोन का प्रयोग किया जाएगा। या केवल चुनाव में ही इसका प्रयोग होता है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से हर बडे़ आयोजन पर इसका प्रयोग होता है।
सबसे अच्छी लगी साइबर क्राइम से बचने की जानकारी
शिविर समापन के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से पूछा कि तीन दिन के शिविर में उन्हें सबसे अच्छा क्या लगा। इस पर अधिकांश बच्चों ने बताया कि साइबर क्राइम वाले अंकल द्वारा दी गई जानकारी सबसे अच्छी लगी। क्योंकि इससे हमें बहुत कुछ पता चला।
आज हम आपको गुलाब देंगे पुलिस अंकल
समर कैंप के शुभारंभ के दिन आईजी रामकुमार और पुलिस अफसरों ने अपने हाथ से बच्चों को गुलाब के फूल देकर स्वागत किया था, लेकिन समापन अवसर पर बच्चों ने अधिकारियों को गुलाब के फूल देकर उन्हें कैंप के लिए धन्यवाद दिया। बोले अंकल जब हम आए थे तो आपने गुलाब दिया था अब हम जा रहे हैं तो हम आपको गुलाब से थैंक्स बोलेंगे।
प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
शिविर में भाग लेने वाले बच्चों के लिए डीजीपी ने अपने हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र भेजे थे। एसपी देहात राजेश कुमार ने शिविर समापन के दौरान ये प्रमाण पत्र बच्चों को वितरित किए। समापन के बाद बच्चे शिविर की अच्छी यादें लेकर अपने परिजनों के साथ घर लौटे। कुछ पुलिस अधिकारी भावुक भी हुए।
खास बातें:
- समर कैंप के आखिरी दिन बच्चों ने पुलिस अफसरों से पूछे सवाल
- अनूठी यादों के साथ संपन्न हुआ समर कैंप
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मेरठ। पुलिस लाइन में चल रहे तीन दिवसीय समर कैंप का मंगलवार को समापन हो गया। शिविर के आखिरी दिन पुलिस अफसर और बच्चे एक दूसरे से रू-ब-रू हुए। ये चार्ली कौन होता है। थर्ड डिग्री क्या होती है। जैसे सवाल बच्चों ने पूछे।
शिविर के आखिरी दिन बच्चों को यूपी 100 पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। उन्हें ड्रोन का प्रदर्शन दिखाकर बताया गया कि इसके जरिए पुलिस किसी भी आयोजन स्थल पर आसमानी नजर रखती है। शाम को पुलिस अफसर और बच्चों का आपसी संवाद हुआ। बच्चों ने अधिकारियों से कई सवाल पूछे । अफसरों ने भी सहजता से उनका जवाब दिया। समापन अवसर पर एसपी देहात राजेश कुमार, एएसपी सतपाल अंतिल, एसओ देहली गेट विजय गुप्ता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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अंकल ये चार्ली क्या होता है
शिविर के दौरान कुछ बच्चों ने लाइन में खड़ी अधिकारियों की गाड़ी के वायरलैस सैट पर चार्ली-चार्ली बोलते सुन लिया। फिर क्या था बच्चे वहां मौजूद एएसपी सतपाल अंतिल के पास पहुंच गए। बोले अंकल हमें बताओ चार्ली क्या होता है? एएसपी से उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन बच्चे चार्ली से मिलने की जिद पर अड़ गए। बाद में बच्चों को कंट्रोल रूम ले जाकर जानकारी दी गई। बताया गया कि कंट्रोल रूम में वायरलैस ड्यूटी पर रहने वाला पुलिस कर्मी ही चार्ली होता है।
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ये थर्ड डिग्री क्या होती है
एक लड़की ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि अंकल उसने सुना है कि पुलिस थर्ड डिग्री भी देती है? ये थर्ड डिग्री क्या होती है? बच्ची का सवाल सुनकर अफसर भी एक दूसरे का मुंह देखने लगे। बाद में एएसपी ने कहा कि ये सब अफवाह है। पुलिस किसी को थर्ड डिग्री नहीं देती।
इतनी गाड़ियां क्यों खरीदी अंकल
यूपी 100 बाइक सवार पुलिस कर्मियों के बारे में जानकारी के दौरान दो बच्चों ने पूछा कि इतनी ज्यादा बाइक क्यों खरीदी? क्या पहले से व्यवस्था अच्छी नहीं थी? इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि ये सब पब्लिक की मदद के लिए है। बाइक तंग गलियों में भी जा सकती है, जिससे अपराध कर भागने वालों को गलियों में जाकर भी पकड़ा जा सकता है।
ये फोन कहां जाता है
बच्चों ने ये जानने कि कोशिश की कि जब हम यूपी 100 गाड़ी को फोन करते हैं तो उसके बाद किस तरह कार्रवाई होती है। अधिकारियों ने बताया कि इन गाड़ियों का पूरा कंट्रोल लखनऊ से होता है।
कांवड़ यात्रा में भी उड़ेगा ड्रोन
ड्रोन के प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने पूछा कि क्या कांवड़ यात्रा के दौरान भी ड्रोन का प्रयोग किया जाएगा। या केवल चुनाव में ही इसका प्रयोग होता है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से हर बडे़ आयोजन पर इसका प्रयोग होता है।
सबसे अच्छी लगी साइबर क्राइम से बचने की जानकारी
शिविर समापन के दौरान अधिकारियों ने बच्चों से पूछा कि तीन दिन के शिविर में उन्हें सबसे अच्छा क्या लगा। इस पर अधिकांश बच्चों ने बताया कि साइबर क्राइम वाले अंकल द्वारा दी गई जानकारी सबसे अच्छी लगी। क्योंकि इससे हमें बहुत कुछ पता चला।
आज हम आपको गुलाब देंगे पुलिस अंकल
समर कैंप के शुभारंभ के दिन आईजी रामकुमार और पुलिस अफसरों ने अपने हाथ से बच्चों को गुलाब के फूल देकर स्वागत किया था, लेकिन समापन अवसर पर बच्चों ने अधिकारियों को गुलाब के फूल देकर उन्हें कैंप के लिए धन्यवाद दिया। बोले अंकल जब हम आए थे तो आपने गुलाब दिया था अब हम जा रहे हैं तो हम आपको गुलाब से थैंक्स बोलेंगे।
प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ समापन
शिविर में भाग लेने वाले बच्चों के लिए डीजीपी ने अपने हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र भेजे थे। एसपी देहात राजेश कुमार ने शिविर समापन के दौरान ये प्रमाण पत्र बच्चों को वितरित किए। समापन के बाद बच्चे शिविर की अच्छी यादें लेकर अपने परिजनों के साथ घर लौटे। कुछ पुलिस अधिकारी भावुक भी हुए।
खास बातें:
- समर कैंप के आखिरी दिन बच्चों ने पुलिस अफसरों से पूछे सवाल
- अनूठी यादों के साथ संपन्न हुआ समर कैंप