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गन्ना कीर्तिमान
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:12 AM IST
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बिजनौर । जिले के किसानों ने गन्ना उत्पादन में कीर्तिमान बनाने जा रहे हैं। चालू पेराई सत्र में अब तक करीब आठ करोड़ 88 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन हो चुका है। पिछले साल आठ करोड़ 92 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हुई थी। पिछले साल पैदा हुए गन्ने का लक्ष्य एक दो दिन में ही पूरा हो जाएगा। इस बाद हर एक गन्ना कीर्तिमान में मिल का पत्थर साबित होगा।
चीनी रिकवरी में प्रदेश की टॉप-5 शुगर मिलों में सभी शुगर मिल बिजनौर की ही हैं। बिजनौर ने वेस्ट यूपी के बाकी जिलों को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है। जिले के किसान अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने और ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई करने में जागरूक हैं। विदेशों में के गन्ना वैज्ञानिक शोध के लिए बिजनौर के किसानों के खेतों में आ चुके हैं। जिले में इस बार गन्ना पेराई रिकॉर्ड स्तर पर होने जा रही है। इस साल अब तक आठ करोड़ 88 लाख क्विंटल गन्ना मिलों में जा चुका है। इससे अधिक गन्ना पिछले साल ही करीब आठ करोड़ 92 लाख क्विंटल हुआ था। खास बात यह है कि मिलों के पास अब भी इतना गन्ना है कि जिले की नौ शुगर मिलों में से शायद ही कोई मिल अप्रैल माह में बंद हो। साल 1951 में जिले में गन्ना विभाग की स्थापना हुई थी। गन्ना विभाग के इतिहास में इस साल होने वाला गन्ना उत्पादन नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
शुगर मिल पेराई
धामपुर 1.82 करोड़
स्योहारा 1.67 करोड़
बिलाई 1.16 करोड़
बहादरपुर .98 करोड़
बुंदकी .98 करोड़
बरकातपुर .96 करोड़
चांदपुर .55 करोड़
नजीबाबाद .41 करोड़
बिजनौर .32 करोड़
कुल गन्ना 8.88 करोड़
नोट: यह आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के स्त्रत्त्अनुसार विभाग ने किसानों को अर्ली प्रजाति का गन्ना ट्रैंच विधि से बोने के लिए जागरूक किया। किसानों ने भी इसे अपनाया और रिकॉर्ड गन्ना उत्पादन किया। गन्ने की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है।
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चीनी रिकवरी में प्रदेश की टॉप-5 शुगर मिलों में सभी शुगर मिल बिजनौर की ही हैं। बिजनौर ने वेस्ट यूपी के बाकी जिलों को पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है। जिले के किसान अर्ली प्रजाति का गन्ना बोने और ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई करने में जागरूक हैं। विदेशों में के गन्ना वैज्ञानिक शोध के लिए बिजनौर के किसानों के खेतों में आ चुके हैं। जिले में इस बार गन्ना पेराई रिकॉर्ड स्तर पर होने जा रही है। इस साल अब तक आठ करोड़ 88 लाख क्विंटल गन्ना मिलों में जा चुका है। इससे अधिक गन्ना पिछले साल ही करीब आठ करोड़ 92 लाख क्विंटल हुआ था। खास बात यह है कि मिलों के पास अब भी इतना गन्ना है कि जिले की नौ शुगर मिलों में से शायद ही कोई मिल अप्रैल माह में बंद हो। साल 1951 में जिले में गन्ना विभाग की स्थापना हुई थी। गन्ना विभाग के इतिहास में इस साल होने वाला गन्ना उत्पादन नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
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शुगर मिल पेराई
धामपुर 1.82 करोड़
स्योहारा 1.67 करोड़
बिलाई 1.16 करोड़
बहादरपुर .98 करोड़
बुंदकी .98 करोड़
बरकातपुर .96 करोड़
चांदपुर .55 करोड़
नजीबाबाद .41 करोड़
बिजनौर .32 करोड़
कुल गन्ना 8.88 करोड़
नोट: यह आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के स्त्रत्त्अनुसार विभाग ने किसानों को अर्ली प्रजाति का गन्ना ट्रैंच विधि से बोने के लिए जागरूक किया। किसानों ने भी इसे अपनाया और रिकॉर्ड गन्ना उत्पादन किया। गन्ने की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है।
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