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टनल के अंदर वातावरण संतुलित करने पर खर्च होंगे 167.50 करोड़
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टनल के अंदर वातावरण संतुलित करने पर खर्च होंगे 167.50 करोड़
मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच बनाए जा रहे रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य जा रही है। अगले कुछ दिनों में शहर के बीचोंबीच भूमिगत टनल का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की तरफ से अन्य कार्य पूरे किए जा रहे हैं। टनल के अंदर वातावरण को संतुलित रखने के लिए 167.50 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड कर दिया गया है।
रैपिड रेल कॉरिडोर के 82 किमी में दो स्थानों पर भूमिगत ट्रैक बनाए जाने हैं। पहला न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद और दूसरा ब्रह्मपुरी से बेगमपुल तक किया जाना है। इन दोनों के लिए स्ट्राबग कंपनी को ये जिम्मेदारी दे दी गई है। ये कंपनी भूमिगत टनल के लिए अन्य उपकरण लगाकर यात्रियों को वातावरण संतुलित करने की जिम्मेदारी उठाएगी, जिससे टनल के अंदर किसी भी तरह की दिक्कत न आ सके। केसरगंज में टनल का वेंटीलेशन सॉफ्ट भी बनाया जाएगा। इसके लिए खासतौर पर केसरगंज स्कूल की जमीन को लिया जा रहा है। 5.8 किमी की इस टनल को बनाने के समय किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आ सके।
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मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच बनाए जा रहे रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य जा रही है। अगले कुछ दिनों में शहर के बीचोंबीच भूमिगत टनल का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की तरफ से अन्य कार्य पूरे किए जा रहे हैं। टनल के अंदर वातावरण को संतुलित रखने के लिए 167.50 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड कर दिया गया है।
रैपिड रेल कॉरिडोर के 82 किमी में दो स्थानों पर भूमिगत ट्रैक बनाए जाने हैं। पहला न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद और दूसरा ब्रह्मपुरी से बेगमपुल तक किया जाना है। इन दोनों के लिए स्ट्राबग कंपनी को ये जिम्मेदारी दे दी गई है। ये कंपनी भूमिगत टनल के लिए अन्य उपकरण लगाकर यात्रियों को वातावरण संतुलित करने की जिम्मेदारी उठाएगी, जिससे टनल के अंदर किसी भी तरह की दिक्कत न आ सके। केसरगंज में टनल का वेंटीलेशन सॉफ्ट भी बनाया जाएगा। इसके लिए खासतौर पर केसरगंज स्कूल की जमीन को लिया जा रहा है। 5.8 किमी की इस टनल को बनाने के समय किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आ सके।
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