{"_id":"5cd49062bdec22072f09f79d","slug":"161557434466-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राशन एजेंसी दिलाने के नाम पर रुपये मांगने का ऑडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राशन एजेंसी दिलाने के नाम पर रुपये मांगने का ऑडियो वायरल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राशन की एजेंसी दिलाने के नाम पर रुपये मांगने का ऑडियो वायरल
परीक्षितगढ़। नगर के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा द्वारा चार ऑडियो वायरल की गईं। जिनमें उन्होंने अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष पर सस्ता राशन की दुकान दिलाने के नाम पर 1.55 लाख रुपये तहसीलदार के नाम पर मांगने के आरोप लगाए। वहीं, एक ऑडियो में विष्णु अवतार रुहेला कागज तैयार कराने के नाम पर रुपये लेने की बात स्वीकार करते सुनाई पड़ रहे हैं।
नगर के दंत रोग चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा ऑडियो में कह रहे हैं कि पिछले दिनों कस्बे में राशन की दुकान आवंटन के लिए विज्ञप्ति निकली थी। गंधार दरवाजा स्थित राशन की दुकान अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इसके लिए फार्म भरने के नाम पर अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला ने डॉ. अमित वर्मा से पहले दो हजार रुपये लिये। इसके बाद अमित वर्मा से कहा कि फार्म जमा नहीं हो पाया है। अब फार्म जमा करने के लिए ढाई हजार रुपये का ड्राफ्ट और बनवाना पडे़गा। डॉ. अमित वर्मा का आरोप है कि उन्होंने समिति के अध्यक्ष को ड्राफ्ट बनवाने के नाम पर रुपयेे दे दिए। ओडियो में अमित वर्मा कह रहे हैं कि विष्णु अवतार रुहेला ने कुछ दिन बाद से 1 लाख 55 हजार रुपये तहसीलदार को देने की बात कही और जल्द ही दुकान आवंटन होने की बात कही। अमित वर्मा ने 1 लाख 55 हजार रुपये तहसीलदार को अपने सामने देने के बात कही। इस पर विष्णु अवतार रुहेला घबरा गए। उन्होंने कहा कि अगर तुम तहसीलदार को अपने सामने पैसा दोगे तो आपका काम नहीं होगा। आरोप है कि विष्णु अवतार रुहेला ने उनसे कहा कि तहसीलदार ने आपके हाथ से रुपये लेने से इनकार कर दिया है। अमित वर्मा ने ऑडियो में कहा कि अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष ने नगर के कई लोगों से ठगी की है।
डॉ. अमित वर्मा और विष्णु अवतार रुहेला की ऑडियो वायरल के कुछ अंश-
डॉ. अमित वर्मा- विष्णु भाई कितना सताओगे अब।
विष्णु अवतार रुहेला- मैं बिल्कुल नहीं सता रहा हूं। मैं सारा काम साथ के साथ निपटा रहा हूं, जो भी मैंने आपका काम कराया है। मैं इसका व्हाटसएप भेज रहा हूं।
विज्ञापन
डॉ. अमित वर्मा-एक बात बताओ कि तहसीलदार साहब जो आपसे पहले तो एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। अब 1.55 लाख रुपये मांगने लगे। 55 हजार रुपये कैसे बढ़ा दिए।
विष्णुअवतार रुहेला। आप उस बात को छोड़ो। आपने 45 सौ रुपये कागजों के दिए हैं। वे काम में खर्च हो गए। मामले को ज्यादा मत बढ़ाओ, आपके 45 सौ रुपये वापस मिल जाएंगे। इस बारे में कोई बात मत करना।
अमित वर्मा- कागज में कोई बात नहीं पर तुम जो रिश्वत में 1.55 हजार रुपये ले रहे हैं वे किस बात के हैं।
विष्णु अवतार रुहेला- अब मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता। तुम्हारा जो भी पैसा है लौटा रहे हैं। अब हमको कोई बात नहीं करनी है।
इस संबंध में डॉ. अमित वर्मा ने कहा कि अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला से उनके करीब 20 साल पुराने संबंध है। उन्होंने नगर में राशन की एजेंसी दिलाने के नाम पर तहसीलदार को रिश्वत देने के लिए 1 लाख 55 हजार रुपये मांगे। इसकी ऑडियो मैंने सोशल मीडिया एवं सामाजिक संस्था के ग्रुप में भेज चुका है।
इस संबंध में अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णुअवतार रुहेला ने कहा कि डॉ. अमित वर्मा से राशन की दुकान आवंटन कराने के नाम पर चार हजार रुपये लिये थे। वे कागज तैयार कराने में खर्च हो गए। मैंने डॉ. अमित वर्मा को चार हजार रुपये वापस कर दिए। तहसीलदार के नाम पर मैंने रुपये नहीं मांगे। यह आरोप निराधार है।
विज्ञापन
परीक्षितगढ़। नगर के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा द्वारा चार ऑडियो वायरल की गईं। जिनमें उन्होंने अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष पर सस्ता राशन की दुकान दिलाने के नाम पर 1.55 लाख रुपये तहसीलदार के नाम पर मांगने के आरोप लगाए। वहीं, एक ऑडियो में विष्णु अवतार रुहेला कागज तैयार कराने के नाम पर रुपये लेने की बात स्वीकार करते सुनाई पड़ रहे हैं।
नगर के दंत रोग चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा ऑडियो में कह रहे हैं कि पिछले दिनों कस्बे में राशन की दुकान आवंटन के लिए विज्ञप्ति निकली थी। गंधार दरवाजा स्थित राशन की दुकान अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इसके लिए फार्म भरने के नाम पर अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला ने डॉ. अमित वर्मा से पहले दो हजार रुपये लिये। इसके बाद अमित वर्मा से कहा कि फार्म जमा नहीं हो पाया है। अब फार्म जमा करने के लिए ढाई हजार रुपये का ड्राफ्ट और बनवाना पडे़गा। डॉ. अमित वर्मा का आरोप है कि उन्होंने समिति के अध्यक्ष को ड्राफ्ट बनवाने के नाम पर रुपयेे दे दिए। ओडियो में अमित वर्मा कह रहे हैं कि विष्णु अवतार रुहेला ने कुछ दिन बाद से 1 लाख 55 हजार रुपये तहसीलदार को देने की बात कही और जल्द ही दुकान आवंटन होने की बात कही। अमित वर्मा ने 1 लाख 55 हजार रुपये तहसीलदार को अपने सामने देने के बात कही। इस पर विष्णु अवतार रुहेला घबरा गए। उन्होंने कहा कि अगर तुम तहसीलदार को अपने सामने पैसा दोगे तो आपका काम नहीं होगा। आरोप है कि विष्णु अवतार रुहेला ने उनसे कहा कि तहसीलदार ने आपके हाथ से रुपये लेने से इनकार कर दिया है। अमित वर्मा ने ऑडियो में कहा कि अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष ने नगर के कई लोगों से ठगी की है।
विज्ञापन
डॉ. अमित वर्मा और विष्णु अवतार रुहेला की ऑडियो वायरल के कुछ अंश-
डॉ. अमित वर्मा- विष्णु भाई कितना सताओगे अब।
विष्णु अवतार रुहेला- मैं बिल्कुल नहीं सता रहा हूं। मैं सारा काम साथ के साथ निपटा रहा हूं, जो भी मैंने आपका काम कराया है। मैं इसका व्हाटसएप भेज रहा हूं।
विज्ञापन
डॉ. अमित वर्मा-एक बात बताओ कि तहसीलदार साहब जो आपसे पहले तो एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे। अब 1.55 लाख रुपये मांगने लगे। 55 हजार रुपये कैसे बढ़ा दिए।
विष्णुअवतार रुहेला। आप उस बात को छोड़ो। आपने 45 सौ रुपये कागजों के दिए हैं। वे काम में खर्च हो गए। मामले को ज्यादा मत बढ़ाओ, आपके 45 सौ रुपये वापस मिल जाएंगे। इस बारे में कोई बात मत करना।
अमित वर्मा- कागज में कोई बात नहीं पर तुम जो रिश्वत में 1.55 हजार रुपये ले रहे हैं वे किस बात के हैं।
विष्णु अवतार रुहेला- अब मैं इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहता। तुम्हारा जो भी पैसा है लौटा रहे हैं। अब हमको कोई बात नहीं करनी है।
इस संबंध में डॉ. अमित वर्मा ने कहा कि अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला से उनके करीब 20 साल पुराने संबंध है। उन्होंने नगर में राशन की एजेंसी दिलाने के नाम पर तहसीलदार को रिश्वत देने के लिए 1 लाख 55 हजार रुपये मांगे। इसकी ऑडियो मैंने सोशल मीडिया एवं सामाजिक संस्था के ग्रुप में भेज चुका है।
इस संबंध में अखिल विद्या समिति के अध्यक्ष विष्णुअवतार रुहेला ने कहा कि डॉ. अमित वर्मा से राशन की दुकान आवंटन कराने के नाम पर चार हजार रुपये लिये थे। वे कागज तैयार कराने में खर्च हो गए। मैंने डॉ. अमित वर्मा को चार हजार रुपये वापस कर दिए। तहसीलदार के नाम पर मैंने रुपये नहीं मांगे। यह आरोप निराधार है।