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गेहूं की फसल पक कर तैयार, कार्रवाई से पीछे राजस्व विभाग
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। खादर क्षेत्र में ग्राम समाज एवं राजस्व की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया द्वारा उगाई गेहूं की फसल लहलहा रही है। यह पककर कटने के लिए तैयार है। इसके बावजूद अभी तक तहसील के अधिकारियों ने अवैध रूप से बोई गई फसल की ओर ध्यान देना गवारा नहीं किया है। जिस कारण सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की हानि सरकार को होगी।
बताते चलें कि खादर क्षेत्र में राजस्व विभाग एवं ग्राम समाज की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया ने कई दशकों से कब्जा कर रखा है। जिस पर भूमाफिया गेहूं, धान, ज्वार एवं गन्ना आदि की बुआई कर लाखों, करोड़ों रुपये का प्रतिवर्ष वारे-न्यारे कर रहे हैं। एक दशक पूर्व तक तहसील प्रशासन खादर में ग्राम समाज और राजस्व की भूमि पर फसल उगाने वाले माफिया पर कार्रवाई कर फसल के आधार पर नोटिस जारी कर लाखों रुपये का जुर्माना वसूल करता था। बिजनौर के एक बडे़ भूमाफिया द्वारा एक दशक पूर्व तत्कालीन एसडीएम मानवेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले तथा उसके बाद खादर में जुर्माना वसूली को गए नायब तहसीलदार एवं कर्मचारियों को धनौरा तहसील के एक सत्तारूढ़ नेता द्वारा बंधक बना लेने के बाद से तहसील ने भूमाफिया पर अपनी पकड़ ढीली कर दी। इस घटना के बाद से भूमाफिया से लाखों रुपये जुर्माने के रूप में वसूल की जाती है। वह बंद हो गई है। पूर्व में यह राशि 45 से 50 लाख तक होती थी।
अब खादर में हजारों हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लहलहा रही है। यह पककर तैयार है। इसे काटने के लिए भूमाफिया कंबाइन मशीन का इस्तेमाल करता है। सब कुछ जानते हुए तहसील प्रशासन इस ओर से आंखे मूंदे बैठा है। जिससे भूमाफिया बेखौफ होकर फसल काटने की तैयारी में जुटे हैं। इस संबंध में तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि उच्चाधिकारी से बात कर कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य बातें
खादर क्षेत्र में राजस्व विभाग एवं ग्राम समाज की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया का कब्जा
पूर्व में 45 से 50 लाख रुपये तक जुर्माना वसूलता था राजस्व विभाग
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मवाना। खादर क्षेत्र में ग्राम समाज एवं राजस्व की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया द्वारा उगाई गेहूं की फसल लहलहा रही है। यह पककर कटने के लिए तैयार है। इसके बावजूद अभी तक तहसील के अधिकारियों ने अवैध रूप से बोई गई फसल की ओर ध्यान देना गवारा नहीं किया है। जिस कारण सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की हानि सरकार को होगी।
बताते चलें कि खादर क्षेत्र में राजस्व विभाग एवं ग्राम समाज की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया ने कई दशकों से कब्जा कर रखा है। जिस पर भूमाफिया गेहूं, धान, ज्वार एवं गन्ना आदि की बुआई कर लाखों, करोड़ों रुपये का प्रतिवर्ष वारे-न्यारे कर रहे हैं। एक दशक पूर्व तक तहसील प्रशासन खादर में ग्राम समाज और राजस्व की भूमि पर फसल उगाने वाले माफिया पर कार्रवाई कर फसल के आधार पर नोटिस जारी कर लाखों रुपये का जुर्माना वसूल करता था। बिजनौर के एक बडे़ भूमाफिया द्वारा एक दशक पूर्व तत्कालीन एसडीएम मानवेंद्र सिंह पर हुए जानलेवा हमले तथा उसके बाद खादर में जुर्माना वसूली को गए नायब तहसीलदार एवं कर्मचारियों को धनौरा तहसील के एक सत्तारूढ़ नेता द्वारा बंधक बना लेने के बाद से तहसील ने भूमाफिया पर अपनी पकड़ ढीली कर दी। इस घटना के बाद से भूमाफिया से लाखों रुपये जुर्माने के रूप में वसूल की जाती है। वह बंद हो गई है। पूर्व में यह राशि 45 से 50 लाख तक होती थी।
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अब खादर में हजारों हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल लहलहा रही है। यह पककर तैयार है। इसे काटने के लिए भूमाफिया कंबाइन मशीन का इस्तेमाल करता है। सब कुछ जानते हुए तहसील प्रशासन इस ओर से आंखे मूंदे बैठा है। जिससे भूमाफिया बेखौफ होकर फसल काटने की तैयारी में जुटे हैं। इस संबंध में तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि उच्चाधिकारी से बात कर कार्रवाई की जाएगी।
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खादर क्षेत्र में राजस्व विभाग एवं ग्राम समाज की हजारों हेक्टेयर भूमि पर भूमाफिया का कब्जा
पूर्व में 45 से 50 लाख रुपये तक जुर्माना वसूलता था राजस्व विभाग