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घोटाले के आरोपी चीनी मिल अफसर को हटाया
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आनन-फानन में शुगर मिल प्रशासन ने एचआर विभाग के अफसर को हटाया
मिल प्रशासन मामले को दबाने में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। मवाना शुगर मिल में एक और घोटाले की सुगबुगाहट है। इसकी जानकारी मिलते ही मिल प्रशासन ने एचआर विभाग में कई सालों से कार्यरत अधिकारी को हटा दिया है। वहीं, मिल प्रशासन अब इस मामले को दबाने में जुट गया है। वहीं, मिल अधिकारी इसे कर्मचारियों से विवाद बताकर पल्ला झाड़ रहा है।
विवादों में मवाना मिल
मवाना शुगर मिल का विवादों से पुराना नाता है। एक मामला ठंडा नहीं होता तो दूसरा सामने आ जाता है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर पहले से ही मवाना शुगर मिल की फजीहत हो रही है। भुगतान करने के मामले में मवाना शुगर मिल पहले से ही फिसड्डी रही है। इसके अतिरिक्त मवाना शुगर मिल में लाखों रुपये के घोटाले का मामला भी प्रकाश में आया था। इसमें शामिल लोग जेल जा चुके हैं। वर्ष 2018 में फिर मवाना शुगर मिल से घोटाले की जिन्न बाहर निकला और इस मामले में मिल प्रशासन ने लगभग पांच कर्मचारियों के खिलाफ घोटाले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी अभी तक पुलिस जांच कर रही है।
एक और घोटाले की सुगबुगाहट
पूर्व में दो बार घोटालों का मामला प्रकाश में आने के बाद मवाना शुगर मिल की जमकर फजीहत हुई थी। अभी इन घोटालों से मिल प्रशासन उबर नहीं पाया कि बुधवार को एक और घोटाला सामने आया। इस बार एचआर विभाग में तैनात एक अधिकारी द्वारा घोटाला करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां चर्चा यह भी है कि इस मामले की जानकारी मिलते ही मिल प्रशासन ने आनन-फानन में उक्त अधिकारी को नौकरी से हटा दिया। हालांकि यह अधिकारी वर्षों से मिल में कार्यरत था और कुछ वर्ष में ही सेवानिवृत्त होने वाला था।
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मामला दबाने में जुटा मिल प्रशासन
एचआर विभाग के अधिकारी द्वारा घोटाला करने का मामला प्रकाश में आने के बाद मिल प्रशासन इस मामले को दबाने में जुट गया है। जहां मिल के कर्मचारी दबी जुबान में घोटाले की बात कर रहे हैं। वहीं, मिल प्रशासन अधिकारी के नौकरी छोड़ने के पीछे कर्मचारियों से विवाद बता रहा हैं। चर्चा यह है कि इतने वर्ष नौकरी करने के बाद कोई अधिकारी दो-तीन कर्मचारियों से विवाद पर नौकरी क्यों छोड़ेगा? यह तर्क कर्मचारियों के गले से नहीं उतर रहा है। हालांकि मिल प्रशासन द्वारा अभी तक इस संबंध में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
स्वयं दिया इस्तीफा
घोटाले जैसी कोई बात नहीं है। दरअसल एचआर में कार्यरत अधिकारी का कर्मचारियों से विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। घोटाला करने की बात गलत है।
वीरेंद्र चौहान, उप महाप्रबंधक, मवाना शुगर मिल
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मिल प्रशासन मामले को दबाने में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। मवाना शुगर मिल में एक और घोटाले की सुगबुगाहट है। इसकी जानकारी मिलते ही मिल प्रशासन ने एचआर विभाग में कई सालों से कार्यरत अधिकारी को हटा दिया है। वहीं, मिल प्रशासन अब इस मामले को दबाने में जुट गया है। वहीं, मिल अधिकारी इसे कर्मचारियों से विवाद बताकर पल्ला झाड़ रहा है।
विवादों में मवाना मिल
मवाना शुगर मिल का विवादों से पुराना नाता है। एक मामला ठंडा नहीं होता तो दूसरा सामने आ जाता है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर पहले से ही मवाना शुगर मिल की फजीहत हो रही है। भुगतान करने के मामले में मवाना शुगर मिल पहले से ही फिसड्डी रही है। इसके अतिरिक्त मवाना शुगर मिल में लाखों रुपये के घोटाले का मामला भी प्रकाश में आया था। इसमें शामिल लोग जेल जा चुके हैं। वर्ष 2018 में फिर मवाना शुगर मिल से घोटाले की जिन्न बाहर निकला और इस मामले में मिल प्रशासन ने लगभग पांच कर्मचारियों के खिलाफ घोटाले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी अभी तक पुलिस जांच कर रही है।
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एक और घोटाले की सुगबुगाहट
पूर्व में दो बार घोटालों का मामला प्रकाश में आने के बाद मवाना शुगर मिल की जमकर फजीहत हुई थी। अभी इन घोटालों से मिल प्रशासन उबर नहीं पाया कि बुधवार को एक और घोटाला सामने आया। इस बार एचआर विभाग में तैनात एक अधिकारी द्वारा घोटाला करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां चर्चा यह भी है कि इस मामले की जानकारी मिलते ही मिल प्रशासन ने आनन-फानन में उक्त अधिकारी को नौकरी से हटा दिया। हालांकि यह अधिकारी वर्षों से मिल में कार्यरत था और कुछ वर्ष में ही सेवानिवृत्त होने वाला था।
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मामला दबाने में जुटा मिल प्रशासन
एचआर विभाग के अधिकारी द्वारा घोटाला करने का मामला प्रकाश में आने के बाद मिल प्रशासन इस मामले को दबाने में जुट गया है। जहां मिल के कर्मचारी दबी जुबान में घोटाले की बात कर रहे हैं। वहीं, मिल प्रशासन अधिकारी के नौकरी छोड़ने के पीछे कर्मचारियों से विवाद बता रहा हैं। चर्चा यह है कि इतने वर्ष नौकरी करने के बाद कोई अधिकारी दो-तीन कर्मचारियों से विवाद पर नौकरी क्यों छोड़ेगा? यह तर्क कर्मचारियों के गले से नहीं उतर रहा है। हालांकि मिल प्रशासन द्वारा अभी तक इस संबंध में कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
स्वयं दिया इस्तीफा
घोटाले जैसी कोई बात नहीं है। दरअसल एचआर में कार्यरत अधिकारी का कर्मचारियों से विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। घोटाला करने की बात गलत है।
वीरेंद्र चौहान, उप महाप्रबंधक, मवाना शुगर मिल