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होली पर महामूर्ख सम्मेलन आयोजित
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- होली पर महामूर्ख सम्मेलन आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। होली पर सहयोग सामाजिक संस्था की तरफ से बुधवार को दिल्ली चुंगी पर महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें श्याम सुंदर शर्मा को मूर्खाधिराज एवं राजरानी को मूर्खानी की उपाधि से विभूषित किया गया।
होली के कार्यक्रम में श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति अपने को बुद्धिमान और दूसरों को मूर्ख समझता है वह मूर्ख होता है। जो स्वयं को मूर्ख और दूसरे को बुद्धिमान समझता है वही वास्तव में बुद्धिमान होता है। उन्होंने कहा कि चुनावी मौसम में नेता जनता को मूर्ख बनाने में जुटे हुए हैं सोच समझकर पात्रता देखकर मतदान करें और मूर्ख ना बनें। इसी कड़ी में हास्य-व्यंग्य से परिपूर्ण हंसी का फव्वारा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचना सुनाकर माहौल खुशनुमा बनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडवोकेट एचके जैन ने किया। ब्रिजेश कुमार शर्मा ने रचना सुनाई, होली है त्योहार प्रेम का, डॉ. सुधाकर आशावादी ने कहा-रंगा रंग रंगोली में, रंग बरसे होली में। इसके अतिरिक्त अनुपम शर्मा ने हरियाणवी चुटकुले सुनाकर वाहवाही लूटी। मदन शर्मा ने हास्य के माध्यम से देवर-भाभी की होली से लोगों को गुदगुदाया। डॉ. शुभम शांडिल्य ने होली पर पानी की बर्बादी न करने की अपील की। डॉ. टीसी शर्मा ने बताया कि होली दुश्मनों को मित्र बनाने का पर्व है। अध्यक्षता डॉ. प्रेम कुमार शर्मा ने की और संचालन दिनेश कुमार शांडिल्य ने किया। अनिल कुमार सिंघल ने सभी को होली की शुभकामनाएं दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। होली पर सहयोग सामाजिक संस्था की तरफ से बुधवार को दिल्ली चुंगी पर महामूर्ख सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें श्याम सुंदर शर्मा को मूर्खाधिराज एवं राजरानी को मूर्खानी की उपाधि से विभूषित किया गया।
होली के कार्यक्रम में श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति अपने को बुद्धिमान और दूसरों को मूर्ख समझता है वह मूर्ख होता है। जो स्वयं को मूर्ख और दूसरे को बुद्धिमान समझता है वही वास्तव में बुद्धिमान होता है। उन्होंने कहा कि चुनावी मौसम में नेता जनता को मूर्ख बनाने में जुटे हुए हैं सोच समझकर पात्रता देखकर मतदान करें और मूर्ख ना बनें। इसी कड़ी में हास्य-व्यंग्य से परिपूर्ण हंसी का फव्वारा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचना सुनाकर माहौल खुशनुमा बनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडवोकेट एचके जैन ने किया। ब्रिजेश कुमार शर्मा ने रचना सुनाई, होली है त्योहार प्रेम का, डॉ. सुधाकर आशावादी ने कहा-रंगा रंग रंगोली में, रंग बरसे होली में। इसके अतिरिक्त अनुपम शर्मा ने हरियाणवी चुटकुले सुनाकर वाहवाही लूटी। मदन शर्मा ने हास्य के माध्यम से देवर-भाभी की होली से लोगों को गुदगुदाया। डॉ. शुभम शांडिल्य ने होली पर पानी की बर्बादी न करने की अपील की। डॉ. टीसी शर्मा ने बताया कि होली दुश्मनों को मित्र बनाने का पर्व है। अध्यक्षता डॉ. प्रेम कुमार शर्मा ने की और संचालन दिनेश कुमार शांडिल्य ने किया। अनिल कुमार सिंघल ने सभी को होली की शुभकामनाएं दी।
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