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भरी बैठक पार्षद ने उड़ेला केरोसिन, आत्मदाह का प्रयास
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भरी बैठक पार्षद ने उड़ेला केरोसिन, आत्मदाह का प्रयास
मेरठ। नगर निगम अधिकारियों पर काम न करने का आरोप लगाते हुए एक पार्षद ने सदन में ही अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महापौर और नगरायुक्त सहित निगम के सभी अधिकारियों का पसीना छूट गया। आननफानन में पार्षदों ने साथी पार्षद को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। सदन में आत्मदाह के प्रयास के तुरंत बाद ही राष्ट्रगान शुरू करके बोर्ड बैठक का समापन करा दिया।
महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के संचालन में हुई बैठक में बसपा और भाजपा पार्षद प्रस्ताव रखने को लेकर भिड़ते रहे। शाम लगभग 4:45 बजे वार्ड 29 से निर्दलीय पार्षद पवन चौधरी ने अपना प्रस्ताव रखने के लिए माइक संभाल लिया। पवन चौधरी ने कहा कि वार्ड में न तो सड़क और नालों का निर्माण किया जा रहा है, और न सफाई। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। जनता दिन निकलते ही घर के बाहर हंगामा कर रही है। पार्षद को बुरा-भला कहा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। जो प्रस्ताव बोर्ड में रखे जाते हैं, उनपर पर भी कोई काम नहीं हो रहा है। निर्माण विभाग के अधिकारियों को अनेक बार टूटी पुलिया, नाली और सड़क बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षद के सवालों का जवाब देने के लिए चीफ इंजीनियर जितेन्द्र कैन ने अपनी बात कहनी शुरू ही की थी कि पार्षद ने उनके जवाब से असंतुष्टता जताते हुए सदन में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। महापौर सुनीता वर्मा, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह सहित निगम के अन्य अधिकारी व पार्षद साथी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही पवन चौधरी ने अपने पास से केरोसिन की बोतल निकालकर उड़ेल ली। साथ ही आत्मदाह का प्रयास किया। पार्षद के इस कदम को देखकर सदन में भगदड़ मच गयी। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गए। सभी पार्षदों ने समझा बुझाकर पवन को शांत कराया।
बहुत बेइज्जती हो चुकी, अब आत्मदाह ही रास्ता
पार्षद पावन चौधरी का कहना है कि पार्षद बनने के बाद जनता और निगम अधिकारी बहुत बेइज्जती कर चुके हैं। अधिकारी सुनते नहीं, जनता गालियां देती हैं। ऐसी जिंदगी से तो मर जाना ही बेहतर है। नगर निगम के अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। अब चुप बैठने वाला नहीं हूं। जनता की समस्याओं के लिए भूख हड़ताल करूंगा। जेल भी जाना पड़ा, तो पीछे नहीं हटूंगा।
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मेरठ। नगर निगम अधिकारियों पर काम न करने का आरोप लगाते हुए एक पार्षद ने सदन में ही अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। महापौर और नगरायुक्त सहित निगम के सभी अधिकारियों का पसीना छूट गया। आननफानन में पार्षदों ने साथी पार्षद को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। सदन में आत्मदाह के प्रयास के तुरंत बाद ही राष्ट्रगान शुरू करके बोर्ड बैठक का समापन करा दिया।
महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के संचालन में हुई बैठक में बसपा और भाजपा पार्षद प्रस्ताव रखने को लेकर भिड़ते रहे। शाम लगभग 4:45 बजे वार्ड 29 से निर्दलीय पार्षद पवन चौधरी ने अपना प्रस्ताव रखने के लिए माइक संभाल लिया। पवन चौधरी ने कहा कि वार्ड में न तो सड़क और नालों का निर्माण किया जा रहा है, और न सफाई। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। जनता दिन निकलते ही घर के बाहर हंगामा कर रही है। पार्षद को बुरा-भला कहा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। जो प्रस्ताव बोर्ड में रखे जाते हैं, उनपर पर भी कोई काम नहीं हो रहा है। निर्माण विभाग के अधिकारियों को अनेक बार टूटी पुलिया, नाली और सड़क बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पार्षद के सवालों का जवाब देने के लिए चीफ इंजीनियर जितेन्द्र कैन ने अपनी बात कहनी शुरू ही की थी कि पार्षद ने उनके जवाब से असंतुष्टता जताते हुए सदन में ही आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। महापौर सुनीता वर्मा, नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान, अपर नगरायुक्त अमित सिंह सहित निगम के अन्य अधिकारी व पार्षद साथी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही पवन चौधरी ने अपने पास से केरोसिन की बोतल निकालकर उड़ेल ली। साथ ही आत्मदाह का प्रयास किया। पार्षद के इस कदम को देखकर सदन में भगदड़ मच गयी। थाना देहली गेट इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंच गए। सभी पार्षदों ने समझा बुझाकर पवन को शांत कराया।
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बहुत बेइज्जती हो चुकी, अब आत्मदाह ही रास्ता
पार्षद पावन चौधरी का कहना है कि पार्षद बनने के बाद जनता और निगम अधिकारी बहुत बेइज्जती कर चुके हैं। अधिकारी सुनते नहीं, जनता गालियां देती हैं। ऐसी जिंदगी से तो मर जाना ही बेहतर है। नगर निगम के अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। अब चुप बैठने वाला नहीं हूं। जनता की समस्याओं के लिए भूख हड़ताल करूंगा। जेल भी जाना पड़ा, तो पीछे नहीं हटूंगा।
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