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जेल के बाहर खड़े रहे सपा पदाधिकारी
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:36 AM IST
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जेल के बाहर खड़े रहे सपा नेता, नहीं होने दी अतुल से मुलाकात
मेरठ। सपा नेता बुधवार को अतुल प्रधान से मिलने जिला जेल पहुंचे। वे घंटेभर तक बाहर खड़े रहे, लेकिन उनकी मुलाकात अतुल से नहीं हो सकी। कई बार जेल के अंदर नाम लिखकर पर्चियां भिजवाई गईं, मगर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सपा युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रिजेश यादव, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आबाद और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान बुधवार दोपहर जेल पहुंचे थे। बाद में शहर विधायक रफीक अंसारी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह भी वहां पहुंच गए। विधायक ने जेल अधिकारियों को अपने लेटर हेड पर लिखकर भिजवाया। इसके बाद भी सपा नेताओं की अतुल से मुलाकात नहीं कराई गई। सपा नेता सीमा प्रधान का कहना है कि ये तानाशाही और हिटलरशाही जैसा रवैया है। उन्होंने मंगलवार को ही जेल अधीक्षक से फोन पर बात कर ली थी। उन्होंने बुधवार दोपहर 12 बजे का मुलाकात का समय दिया था। वह ठीक 12 बजे जेल पहुंच गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं कराई गई। उन्होंने जेल अधीक्षक और जेलर से बात करनी चाही, मगर उन्होंने फोन बंद कर लिए। उनका कहना है कि उन्होंने नाम लिखकर पर्ची भिजवाई गई, लेकिन जेल से कहलवाया गया कि ऊपर से दबाव है, मुलाकात नहीं होगी। एक घंटे तक इंतजार करने केबाद वे लौट गए। सीमा प्रधान का कहना है कि बीजेपी के दबाव में इस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है। अतुल प्रधान से अपराधियों से जैसा बर्ताव किया जा रहा है, जबकि उन्होंने किसानों, मजदूरों और गरीबों की आवाज उठाई है।
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मेरठ। सपा नेता बुधवार को अतुल प्रधान से मिलने जिला जेल पहुंचे। वे घंटेभर तक बाहर खड़े रहे, लेकिन उनकी मुलाकात अतुल से नहीं हो सकी। कई बार जेल के अंदर नाम लिखकर पर्चियां भिजवाई गईं, मगर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सपा युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रिजेश यादव, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद आबाद और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान बुधवार दोपहर जेल पहुंचे थे। बाद में शहर विधायक रफीक अंसारी, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह भी वहां पहुंच गए। विधायक ने जेल अधिकारियों को अपने लेटर हेड पर लिखकर भिजवाया। इसके बाद भी सपा नेताओं की अतुल से मुलाकात नहीं कराई गई। सपा नेता सीमा प्रधान का कहना है कि ये तानाशाही और हिटलरशाही जैसा रवैया है। उन्होंने मंगलवार को ही जेल अधीक्षक से फोन पर बात कर ली थी। उन्होंने बुधवार दोपहर 12 बजे का मुलाकात का समय दिया था। वह ठीक 12 बजे जेल पहुंच गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं कराई गई। उन्होंने जेल अधीक्षक और जेलर से बात करनी चाही, मगर उन्होंने फोन बंद कर लिए। उनका कहना है कि उन्होंने नाम लिखकर पर्ची भिजवाई गई, लेकिन जेल से कहलवाया गया कि ऊपर से दबाव है, मुलाकात नहीं होगी। एक घंटे तक इंतजार करने केबाद वे लौट गए। सीमा प्रधान का कहना है कि बीजेपी के दबाव में इस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है। अतुल प्रधान से अपराधियों से जैसा बर्ताव किया जा रहा है, जबकि उन्होंने किसानों, मजदूरों और गरीबों की आवाज उठाई है।
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