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बहन की सगाई से एक दिन पहले जुनेद की हत्या
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बहन की सगाई से एक दिन पहलेे जुनेद की हत्या
मेरठ। बहन की सगाई से एक दिन पहले भाई जुनेद (सराफा कारीगर) और ड्राइवर दानिश की गाजियाबाद में हुई हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस देर रात तक जुटी रही। हत्या करने का आरोपी अजीम निवासी कोतवाली है, जोकि जुनेद का फुफेरा भाई बताया गया। मेरठ कोतवाली पुलिस ने अजीम को पकड़कर गाजियाबाद पुलिस को सौंप दिया। देर रात तक पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी रही। आरोपी नशे में धुत होना बताया गया। देर रात दूसरा आरोपी सलीम भी पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ीगेट अहमदनगर निवासी जुनेद अपने फुफेरे भाई अजीम के साथ गाजियाबाद में बहन की ससुराल गया था। जुनेद को वहां से पैसा लाना था। दोनों ने किराये पर कार की थी, जिसे ड्राइवर दानिश चला रहा था। दानिश भी जुनेद का पड़ोसी है। वापस लौटते समय लोनी में पहले जुनेद और फिर दानिश की हत्या कर दी गई। दोनों के शव कार में छोड़कर अजीम वहां से मेरठ आ गया। गाजियाबाद पुलिस ने जांच पड़ताल की, जिसमें पता चला कि मरने वाले दोनों युवक मेरठ के हैं। जुनेद और दानिश की हत्या के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। जुनेद के शादी वाले घर में मातम छा गया।
पहचान होते ही दबोचा अजीम
गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ पुलिस से संपर्क किया। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और लिसाड़ीगेट पुलिस के साथ मिलकर दबिश दी। पीड़ित परिवार से बातचीत कर पुलिस ने अजीम को कोतवाली क्षेत्र से दबोच लिया। अजीम नशे में धुत था और कपड़े खून से सने थे। इसकी जानकारी पर गाजियाबाद पुलिस मेरठ पहुंची। आरोपी अजीम को लेकर गाजियाबाद पुलिस रवाना हो गई।
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पिछली सीट पर बैठा था अजीम
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के मुताबिक अजीम ने बताया कि वह कार में पिछली सीट पर बैठा हुआ था। दानिश गाड़ी चला रहा था और जुनेद ड्राइवर की बगल वाली सीट पर था। बदमाशों आए और गोलियां बरसाकर फरार हो गए। गोलियों चलते ही वह कार से कूदकर भाग गया। रोडवेज बस में बैठकर मेरठ आ गया। पुलिस ने बताया कि अजीम झूठ बोल रहा है। अजीम हत्या करने में शामिल था। क्योंकि उसने वारदात के बाद किसी को बताना मुनासिब नहीं समझा। उसके साथ तीन और युवक होने बताए हैं।
सगाई से पहले हत्या क्यों हुई
पुलिस के मुताबिक हत्या करने का आरोप जुनेद के फुफेरे भाई अजीम पर है। घर में शादी का माहौल है। जुनेद की बहन की आज (रविवार) सगाई होनी तय थी। सगाई से पहले जुनेद व ड्राइवर दानिश की हत्या हुई, इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। जुनेद के परिवार की एक महिला व अजीम समेत कई लोगों के मोबाइल की सीडीआर भी निकालने की बात चल रही है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में जुटी है। सगाई से पहले हत्या मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि अभी पुलिस जांच करने का दावा कर रही है।
गाड़ी की जांच कराई गई
पुलिस ने बताया कि यह गाड़ी तारिक पुत्र इश्तियाक निवासी इमलियान कोतवाली के नाम है। तारिक से दो साल पहले असरफ अली निवासी लिसाड़ीगेट ने गाड़ी खरीद ली थी। गाड़ी टैक्सी में चलती है। गाड़ी दानिश चलाता था। गाड़ी पर लोन जम्मू एंड कश्मीर बैक यूनिवर्सिटी रोड मेरठ शाखा से बताया गया है। बताया गया कि गोली गाड़ी में अंदर बैठे व्यक्ति द्वारा चलाई गई क्योंकि जुनेद और दानिश के सिर में पीछे से मारी गई जो कि कार के अगले शीशे से पार हो गईं। जिसके चलते अजीम पर हत्या का अंदेशा जताया गया।
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मेरठ। बहन की सगाई से एक दिन पहले भाई जुनेद (सराफा कारीगर) और ड्राइवर दानिश की गाजियाबाद में हुई हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस देर रात तक जुटी रही। हत्या करने का आरोपी अजीम निवासी कोतवाली है, जोकि जुनेद का फुफेरा भाई बताया गया। मेरठ कोतवाली पुलिस ने अजीम को पकड़कर गाजियाबाद पुलिस को सौंप दिया। देर रात तक पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी रही। आरोपी नशे में धुत होना बताया गया। देर रात दूसरा आरोपी सलीम भी पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ीगेट अहमदनगर निवासी जुनेद अपने फुफेरे भाई अजीम के साथ गाजियाबाद में बहन की ससुराल गया था। जुनेद को वहां से पैसा लाना था। दोनों ने किराये पर कार की थी, जिसे ड्राइवर दानिश चला रहा था। दानिश भी जुनेद का पड़ोसी है। वापस लौटते समय लोनी में पहले जुनेद और फिर दानिश की हत्या कर दी गई। दोनों के शव कार में छोड़कर अजीम वहां से मेरठ आ गया। गाजियाबाद पुलिस ने जांच पड़ताल की, जिसमें पता चला कि मरने वाले दोनों युवक मेरठ के हैं। जुनेद और दानिश की हत्या के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। जुनेद के शादी वाले घर में मातम छा गया।
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पहचान होते ही दबोचा अजीम
गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ पुलिस से संपर्क किया। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और लिसाड़ीगेट पुलिस के साथ मिलकर दबिश दी। पीड़ित परिवार से बातचीत कर पुलिस ने अजीम को कोतवाली क्षेत्र से दबोच लिया। अजीम नशे में धुत था और कपड़े खून से सने थे। इसकी जानकारी पर गाजियाबाद पुलिस मेरठ पहुंची। आरोपी अजीम को लेकर गाजियाबाद पुलिस रवाना हो गई।
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पिछली सीट पर बैठा था अजीम
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के मुताबिक अजीम ने बताया कि वह कार में पिछली सीट पर बैठा हुआ था। दानिश गाड़ी चला रहा था और जुनेद ड्राइवर की बगल वाली सीट पर था। बदमाशों आए और गोलियां बरसाकर फरार हो गए। गोलियों चलते ही वह कार से कूदकर भाग गया। रोडवेज बस में बैठकर मेरठ आ गया। पुलिस ने बताया कि अजीम झूठ बोल रहा है। अजीम हत्या करने में शामिल था। क्योंकि उसने वारदात के बाद किसी को बताना मुनासिब नहीं समझा। उसके साथ तीन और युवक होने बताए हैं।
सगाई से पहले हत्या क्यों हुई
पुलिस के मुताबिक हत्या करने का आरोप जुनेद के फुफेरे भाई अजीम पर है। घर में शादी का माहौल है। जुनेद की बहन की आज (रविवार) सगाई होनी तय थी। सगाई से पहले जुनेद व ड्राइवर दानिश की हत्या हुई, इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। जुनेद के परिवार की एक महिला व अजीम समेत कई लोगों के मोबाइल की सीडीआर भी निकालने की बात चल रही है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में जुटी है। सगाई से पहले हत्या मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि अभी पुलिस जांच करने का दावा कर रही है।
गाड़ी की जांच कराई गई
पुलिस ने बताया कि यह गाड़ी तारिक पुत्र इश्तियाक निवासी इमलियान कोतवाली के नाम है। तारिक से दो साल पहले असरफ अली निवासी लिसाड़ीगेट ने गाड़ी खरीद ली थी। गाड़ी टैक्सी में चलती है। गाड़ी दानिश चलाता था। गाड़ी पर लोन जम्मू एंड कश्मीर बैक यूनिवर्सिटी रोड मेरठ शाखा से बताया गया है। बताया गया कि गोली गाड़ी में अंदर बैठे व्यक्ति द्वारा चलाई गई क्योंकि जुनेद और दानिश के सिर में पीछे से मारी गई जो कि कार के अगले शीशे से पार हो गईं। जिसके चलते अजीम पर हत्या का अंदेशा जताया गया।