फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   भाकियू में धरने पर खुलकर दिखी गुटबाजी

भाकियू में धरने पर खुलकर दिखी गुटबाजी

Fri, 28 Jun 2019 01:52 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 01:52 AM IST
विज्ञापन
भाकियू में धरने पर खुलकर दिखी गुटबाजी
भाकियू में धरने पर खुलकर दिखी गुटबाजी
विज्ञापन

सरधना/मवाना। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आह्वान पर संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों में गुटबाजी खुलकर नजर आई। दोनों ही गुटों ने संयुक्त रूप से मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। यहां संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भट्ठी चढ़ाकर दोपहर का भोजन भी किया।
सरधना तहसील मुख्यालय पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रस्तावित बिजली दरों को स्वीकृति नहीं देने, गत वर्ष के गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान तथा आवारा पशुओं के लिए गोशाला निर्माण तथा तालाबों की खुदाई कराने पर जोर दिया। यहां पर एक गुट की तरफ से अध्यक्षता बुद्ध सिंह बपारसी ने की तथा संचालन विनेश प्रधान छुर ने किया। धरने में मुख्य रूप से पर्यवेक्षक ओमपाल फुगाना, रविंद्र दौरालिया, मनोज त्यागी, मन्नू बहादरपुर, जगवीर दबथुवा, देशपाल सिंह, प्रमोद त्यागी, हरवीर पनवाड़ी, देवेंद्र सिंह आदि मौजदू रहे। वहीं, रामबोस गुट के धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता सुखवीर सिंह ने की तथा संचालन जगन सिंह दबथुवा ने किया। यहां प्रदेश सचिव ओमपाल सिंह, रामबोस दबथुवा, जगवीर सिंह, विनोद सुरानी, प्रधान उपेंद्र पवन, टीटू, रविंद्र दौरालिया, संजय दौरालिया, एसके जौहरी, जितेंद्र पांचाल, वेदपाल आदि मौजूद रहे। यहां एसडीएम अमित कुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। हालांकि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अनुुशासन में रहने की सलाह दी थी।
विज्ञापन

वहीं, मवाना में भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। उन्होंने किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, बिजली एवं अन्य समस्याओं को लेकर धरना दिया। इतना ही नहीं अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी। इस पर आनन-फानन में चीनी मिल से उप महाप्रबंधक वीरेंद्र चौहान, विद्युत निगम से एसडीओ योगेंद्र बजाज, सचिव प्रदीप शर्मा, सीओ यूएन मिश्रा पहुंचे। यहां एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव के समक्ष किसानों की समस्याएं रखीं। किसानों को निजी नलकूप के लिए बिजली नि:शुल्क उपलब्ध कराने, एनजीटी के पुराने वाहनों से संबंधित आदेश से ट्रैक्टर को मुक्त कराने एवं आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने समेत 16 मांगे रखीं। उधर, अधिकारियों ने किसानों की मांगों से उच्चाधिकारियों को जल्द अवगत कराने का आश्वासन दिया। वहीं, मवाना शुगर मिल ने किसानों की मांग पर एक सप्ताह का भुगतान कर दिया तथा 8 जुलाई तक एक और सप्ताह का भुगतान करने का आश्वान दिया। यहां नरेश चौधरी, शौ सिंह, डॉ. अभय, निश्चल चौहान, राशिद, टीटू, जगवीर, ओमपाल, परवेंद्र, तेजपाल, सचिन, विलियम प्रधान आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू भानू गुट के कार्यकर्ताओं ने तहसील में मेरठ महानगर अध्यक्ष हेमंत त्यागी के नेतृत्व में धरना दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उन्होंने किसान आयोग गठित करने, आयोग के अध्यक्ष एवं सभी सदस्य किसानों को बनाने, 60 साल की उम्र के बाद किसानों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दिलाने की मांगें रखीं। यहां अमित प्रधान, पवन त्यागी, राजीव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक मंच पर आए दोनों गुट
प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना के नेतृत्व में तहसील में धरना दिया गया। इस दौरान मवाना के नरेश चौधरी व शौ सिंह गुट मौजूद रहे। पवन खटाना ने दोनों गुटों में समझौता कराया और किसानों के हित की लड़ाई एक साथ लड़ने के लिए प्रेरित किया। इस पर बाद में दोनों गुटों ने आपस में समझौता कर तहसील में एक साथ धरना दिया।

गन्ना किसानों का एक सप्ताह का भुगतान करा दिया है। आठ जुलाई तक एक और सप्ताह का भुगतान शुगर मिल करेगी। अन्य मांगों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। -अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed