{"_id":"5d1135cb8ebc3e2b022c343d","slug":"156140895416-meerut-news164","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निकांड में सामने आई विभाग की लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्निकांड में सामने आई विभाग की लापरवाही
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अग्निकांड में सामने आई विभाग की लापरवाही
विकास भवन में लगी आग की जांच पूरी, डीएम को भेजी रिपोर्ट
शार्ट सर्किट से लगी थी आग, पुरानी वायरिंग पर चल रहे थे एसी
डीपीआरओ कार्यालय में नहीं थे आग बुझाने के कोई इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
विकास भवन के जिला पंचायती राज कार्यालय में 28 मई को लगी आग का कारण जांच में शार्ट सर्किट पाया गया है। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। विभाग में आग से निपटने के कोई इंतजाम नहीं थे, ऊपर से पुरानी वायरिंग पर कई-कई टन के एसी चलाए जा रहे थे। सोमवार को पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी।
प्रभारी सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि विकास भवन में एक दर्जन से अधिक कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन अग्निशमन यंत्रों का न होना सवाल खड़े कर रहा है। सिर्फ सीडीओ कार्यालय के पास ही अग्निशमन यंत्र लगे हैं। वहीं 26 दिन बाद भी कार्यालय में मलवा फैला है। सिर्फ बैठने लायक ही सुचारू हो पाया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए बनाए गए वॉर रूम को दोबारा से बनाने में अभी समय लगेगा।
10-15 लाख का हुआ नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक आगजनी में 10-15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। करोड़ों रुपये से तैयार हुए शौचालयों का रिकॉर्ड भी जलकर राख हो गया। अधिकारियों का दावा है कि यह रिकॉर्ड कंप्यूटर में सुरक्षित हैं। आगजनी में लैपटॉप, कैमरे, कंप्यूटर भी जल गए। फर्नीचर सहित पंखों को भी नुकसान हुआ।
विज्ञापन
अग्निशमन विभाग देगा ट्रेनिंग
प्रभारी सीडीओ ने बताया कि कर्मचारियों को दमकल विभाग की ओर से अग्निशमन यंत्र चलाने के लिए कार्यशाला आयोजित कराई जाएगी। सभी विभागों में अग्निशमन यंत्र लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अग्निशमन यंत्र नहीं लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विकास भवन में लगी आग की जांच पूरी, डीएम को भेजी रिपोर्ट
शार्ट सर्किट से लगी थी आग, पुरानी वायरिंग पर चल रहे थे एसी
डीपीआरओ कार्यालय में नहीं थे आग बुझाने के कोई इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
विकास भवन के जिला पंचायती राज कार्यालय में 28 मई को लगी आग का कारण जांच में शार्ट सर्किट पाया गया है। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। विभाग में आग से निपटने के कोई इंतजाम नहीं थे, ऊपर से पुरानी वायरिंग पर कई-कई टन के एसी चलाए जा रहे थे। सोमवार को पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी।
प्रभारी सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि विकास भवन में एक दर्जन से अधिक कार्यालय मौजूद हैं, लेकिन अग्निशमन यंत्रों का न होना सवाल खड़े कर रहा है। सिर्फ सीडीओ कार्यालय के पास ही अग्निशमन यंत्र लगे हैं। वहीं 26 दिन बाद भी कार्यालय में मलवा फैला है। सिर्फ बैठने लायक ही सुचारू हो पाया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए बनाए गए वॉर रूम को दोबारा से बनाने में अभी समय लगेगा।
विज्ञापन
10-15 लाख का हुआ नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक आगजनी में 10-15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। करोड़ों रुपये से तैयार हुए शौचालयों का रिकॉर्ड भी जलकर राख हो गया। अधिकारियों का दावा है कि यह रिकॉर्ड कंप्यूटर में सुरक्षित हैं। आगजनी में लैपटॉप, कैमरे, कंप्यूटर भी जल गए। फर्नीचर सहित पंखों को भी नुकसान हुआ।
विज्ञापन
अग्निशमन विभाग देगा ट्रेनिंग
प्रभारी सीडीओ ने बताया कि कर्मचारियों को दमकल विभाग की ओर से अग्निशमन यंत्र चलाने के लिए कार्यशाला आयोजित कराई जाएगी। सभी विभागों में अग्निशमन यंत्र लगाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। अग्निशमन यंत्र नहीं लगाने पर कार्रवाई की जाएगी।