फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   भगवान में श्रद्धा से ही उद्धार संभव

भगवान में श्रद्धा से ही उद्धार संभव

Sat, 22 Jun 2019 02:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 02:08 AM IST
विज्ञापन
भगवान में श्रद्धा से ही उद्धार संभव
भगवान में श्रद्धा से ही उद्धार संभव
विज्ञापन

हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के भव्य स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान में आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने मंगल आशीर्वाद दिया।

शांतिधारा करने का अवसर श्रावक श्रेष्ठी अनिल जैन, अर्पित जैन, नेहा, नायरा, अमन एवं मानसी जैन को प्राप्त हुआ। भगवान को चंवर ढुलाते हुए झालर, घंटा के दिव्यघोष के साथ जी को पांडुकशिला पर विराजमान किया गया था। आचार्य भारत भूषण जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से चल रहे इस अनुष्ठान में आर्यिका विज्ञानमती माता जी ने भक्तों को संबोधित किया। उन्हाेंने कहा कि राजगि नग में भगवान महावीर का समोशरण आया हुआ था। लोगों को भगवान महावीर के समोशरण की जानकारी हुई सभी भक्त अपनी-अपनी शक्ति अनुसार पूजन के लिए सामग्री ले जाकर भगवान महावीर की अर्चना कर रहे थे। ऐसे खुशी के माहौल में गंदे पानी में पला मेढक को भी आवाज सुनाई दी। उसके भाव भी भगवान महावीर के समोशरण में जाने के लिए हुए। मन में खुशियां थीं आंखों में भगवान को देखने की झलक थी। हृदय गदगद हो रहा था कि कब भगवान के दर्शन करूं। वह अपने मन में कमल की पंखुड़ी लिए हुए भगवान के समोशरण की ओर चलता है। धीरे-धीरे उछलते-कूदते हुए राजा श्रेणिक के हाथी के पैर के नीचे आ जाता है और उस मेढक के प्राण पखेरू उड़ जाते हैं। उसके अंदर भगवान की भक्ति थी और भक्ति के प्रभाव से वह स्वर्ग में जाकर देव होता है। वह मेढक पूर्व भव में एक सेठ था। सेठ भी जिनेंद्र भगवान का भक्त था। उसका जो अंतिम समय था प्यास की आकुलता के कारण उसका मरण हुआ। वह मरकर मेढक रूप में जन्मा था। देखिए जिनेंद्र भगवान की भक्ति का प्रभाव भावों की निर्मलता से वह मेढक इस जन्म में देव हुआ। पूर्व जन्म में प्यास की आकुलता से मेढक हुआ। इसलिए भक्तों जिनेन्द्र भगवान की भक्ति पर श्रद्धा रखो। इस कार्यक्रम को सफल बनानें में तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, उपाध्यक्ष जीवेन्द्र जैन, मंत्री प्रद्युमन कुमार, मंत्री राजीव, नीवन कुमार, देवेन्द्र कुमार, राकेश जैन, सुशील, शंशाक, विजय जैन आदि समस्त पदधिकागण सहयोग मिल रहा हैै। यहां मुकेश जैन महाप्रबंधक, अशोक जैन, अतुल जैन, कमल जैन, मणिचन्द, उमेश आदि का सहयोग रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed