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हवाई अड्डे का काम अटका, मांगी 405 एकड़ भूमि
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हवाई अड्डे का काम अटका, मांगी 405 एकड़ जमीन
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र
स्पोर्ट्स कॉलेज और ईएसआई अस्पताल की मांग भी शामिल की
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। हवाई अड्डे का काम अब जमीन को लेकर अटक गया है। ऐसे में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें हवाई अड्डे के लिए प्राथमिकता पर 405 एकड़ जमीन दिलाने के साथ मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज और ईएसआई अस्पताल की मांग पूरी करने की बात कही है।
क्षेत्रीय हवाई उड़ान योजना के तहत मेरठ का चयन हो चुका है। जिसमें मेरठ से लखनऊ और प्रयागराज के लिए उड़ान भरी जाएंगी। इसके लिए वर्तमान हवाई पट्टी को विस्तार देने के साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग और जूम एयरवेज की तकनीकी टीम हवाई पट्टी का अप्रैल में निरीक्षण करके जा चुकी है। इस निरीक्षण के बाद संयुक्त टीम ने नया मास्टर प्लान बनाकर केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को भेज दिया है।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि इस नये प्लान के अंतर्गत मौजूदा हवाई पट्टी के रनवे की लंबाई और चौड़ाई को विस्तार दिया जाना है। वर्तमान स्थिति में हवाई पट्टी 46.77 एकड़ जमीन में स्थित है और इसके रनवे की लंबाई 1513 मीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी है। 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए रनवे को 2600 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा किया जाना है।
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इसके साथ ही नए मास्टर प्लान के तहत हवाई अड्डे का निर्माण दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में 282.73 एकड़ और दूसरे चरण में 122.40 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में कुल 405.13 एकड़ जमीन जो कि प्रदेश सरकार को उपलब्ध करानी है, वह प्राथमिकता पर दिलाई जाए ताकि छह माह के निर्धारित समय के भीतर मेरठ से हवाई उड़ान शुरू हो सके।
अस्पताल के लिए कराएं जमीन उपलब्ध
सांसद ने शहर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। महानगर के उद्योगपुरम, रिठानी, परतापुर, बागपत रोड, सूरजकुंड रोड आदि औद्योगिक इकाइयों में लगभग 80 हजार ईएसआई कार्ड धारक हैं। यहां कर्मचारी राज्य बीमा निगम का अस्पताल न होने के कारण औद्योगिक श्रमिकों को उचित चिकित्सा प्राप्त करने में भारी कठिनाई एवं विलंब का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए सांसद की मांग पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 100 बेड के अस्पताल निर्माण को मंजूरी दे दी है। लेकिन अभी तक इसके लिए जरूरी 5 हेक्टेयर जमीन की उपलब्धता नहीं हुई है।
स्पोर्ट्स कॉलेज को चाहिए 50 एकड़ जमीन
मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज भी लंबे समय से प्रस्तावित है। लेकिन इसके लिए अभी तक जमीन की तलाश ही पूरी नहीं हुई है। जबकि मेरठ सहित आसपास के जनपदों से पिछले कुछ वर्षों से विश्वस्तरीय खिलाड़ी निकल रहे हैं। ऐसे में स्पोर्ट्स कॉलेज का महत्व और बढ़ जाता है। सांसद ने मुख्यमंत्री से इसके लिए भी शीघ्र जमीन उपलब्ध कराने को कहा है।
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सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र
स्पोर्ट्स कॉलेज और ईएसआई अस्पताल की मांग भी शामिल की
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। हवाई अड्डे का काम अब जमीन को लेकर अटक गया है। ऐसे में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जिसमें हवाई अड्डे के लिए प्राथमिकता पर 405 एकड़ जमीन दिलाने के साथ मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज और ईएसआई अस्पताल की मांग पूरी करने की बात कही है।
क्षेत्रीय हवाई उड़ान योजना के तहत मेरठ का चयन हो चुका है। जिसमें मेरठ से लखनऊ और प्रयागराज के लिए उड़ान भरी जाएंगी। इसके लिए वर्तमान हवाई पट्टी को विस्तार देने के साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग और जूम एयरवेज की तकनीकी टीम हवाई पट्टी का अप्रैल में निरीक्षण करके जा चुकी है। इस निरीक्षण के बाद संयुक्त टीम ने नया मास्टर प्लान बनाकर केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को भेज दिया है।
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सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि इस नये प्लान के अंतर्गत मौजूदा हवाई पट्टी के रनवे की लंबाई और चौड़ाई को विस्तार दिया जाना है। वर्तमान स्थिति में हवाई पट्टी 46.77 एकड़ जमीन में स्थित है और इसके रनवे की लंबाई 1513 मीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी है। 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए रनवे को 2600 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा किया जाना है।
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इसके साथ ही नए मास्टर प्लान के तहत हवाई अड्डे का निर्माण दो चरणों में होगा। प्रथम चरण में 282.73 एकड़ और दूसरे चरण में 122.40 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में कुल 405.13 एकड़ जमीन जो कि प्रदेश सरकार को उपलब्ध करानी है, वह प्राथमिकता पर दिलाई जाए ताकि छह माह के निर्धारित समय के भीतर मेरठ से हवाई उड़ान शुरू हो सके।
अस्पताल के लिए कराएं जमीन उपलब्ध
सांसद ने शहर में 100 बेड के ईएसआई अस्पताल निर्माण के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। महानगर के उद्योगपुरम, रिठानी, परतापुर, बागपत रोड, सूरजकुंड रोड आदि औद्योगिक इकाइयों में लगभग 80 हजार ईएसआई कार्ड धारक हैं। यहां कर्मचारी राज्य बीमा निगम का अस्पताल न होने के कारण औद्योगिक श्रमिकों को उचित चिकित्सा प्राप्त करने में भारी कठिनाई एवं विलंब का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए सांसद की मांग पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 100 बेड के अस्पताल निर्माण को मंजूरी दे दी है। लेकिन अभी तक इसके लिए जरूरी 5 हेक्टेयर जमीन की उपलब्धता नहीं हुई है।
स्पोर्ट्स कॉलेज को चाहिए 50 एकड़ जमीन
मेरठ में स्पोर्ट्स कॉलेज भी लंबे समय से प्रस्तावित है। लेकिन इसके लिए अभी तक जमीन की तलाश ही पूरी नहीं हुई है। जबकि मेरठ सहित आसपास के जनपदों से पिछले कुछ वर्षों से विश्वस्तरीय खिलाड़ी निकल रहे हैं। ऐसे में स्पोर्ट्स कॉलेज का महत्व और बढ़ जाता है। सांसद ने मुख्यमंत्री से इसके लिए भी शीघ्र जमीन उपलब्ध कराने को कहा है।