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राशन कार्ड आवेदनों की जांच में लापरवाही पर नपेंगे इंस्पेक्टर
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राशन कार्ड के आवेदनों की जांच में लापरवाही की तो फंसेंगे इंस्पेक्टर
मेरठ। राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान जनता को अब शीघ्र ही राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि ऑनलाइन आवेदनों पर सप्लाई इंस्पेक्टरों द्वारा समय से सत्यापन किया जाएगा। जन सुविधा केन्द्रों पर भी छापेमारी की जाएगी। निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में 20 हजार राशन कार्ड आवेदकों की समस्या को प्रमुखता पर प्रकाशित किया। जिसके बाद जिला पूर्ति विभाग ने मामले पर संज्ञान लिया। डीएसओ विकास गौतम ने जहां सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों की बैठक बुलायी वहीं सभी आवेदनों की जांच करने और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट लगाकर फाइनल करने के निर्देश दिए। सभी आवेदनों का रिकॉर्ड भी मांग लिया है।
नियमानुसार राशन कार्ड आवेदनों की जांच सत्यापन करने की जिम्मेदारी सप्लाई इंस्पेक्टरों की होती है। खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम की शर्तों के मुताबिक राशन कार्ड जारी करने से पहले उसके सभी मानकों को देखा जाता है। साइबर कैफे और जन सुविधा केन्द्रों से ऑनलाइन आवेदन करने के उपरांत सप्लाई इंस्पेक्टरों द्वारा इसका सत्यापन किया जाता है, लेकिन यह कार्य समय से नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा जनपद के 20 हजार परिवार भुगत रहे हैं।
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- सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों से आवेदनों का रिकॉर्ड मांग लिया है। एक एक आवेदन का निस्तारण किया जाएगा। जिस स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन के भीतर सभी पात्र परिवारों के राशन कार्ड जारी करा दिए जाएंगे। - विकास गौतम, जिलापूर्ति अधिकारी।
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मेरठ। राशन कार्ड बनवाने के लिए परेशान जनता को अब शीघ्र ही राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि ऑनलाइन आवेदनों पर सप्लाई इंस्पेक्टरों द्वारा समय से सत्यापन किया जाएगा। जन सुविधा केन्द्रों पर भी छापेमारी की जाएगी। निर्धारित फीस से अधिक राशि वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में 20 हजार राशन कार्ड आवेदकों की समस्या को प्रमुखता पर प्रकाशित किया। जिसके बाद जिला पूर्ति विभाग ने मामले पर संज्ञान लिया। डीएसओ विकास गौतम ने जहां सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों की बैठक बुलायी वहीं सभी आवेदनों की जांच करने और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट लगाकर फाइनल करने के निर्देश दिए। सभी आवेदनों का रिकॉर्ड भी मांग लिया है।
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नियमानुसार राशन कार्ड आवेदनों की जांच सत्यापन करने की जिम्मेदारी सप्लाई इंस्पेक्टरों की होती है। खाद्य सुरक्षा अधिकार अधिनियम की शर्तों के मुताबिक राशन कार्ड जारी करने से पहले उसके सभी मानकों को देखा जाता है। साइबर कैफे और जन सुविधा केन्द्रों से ऑनलाइन आवेदन करने के उपरांत सप्लाई इंस्पेक्टरों द्वारा इसका सत्यापन किया जाता है, लेकिन यह कार्य समय से नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा जनपद के 20 हजार परिवार भुगत रहे हैं।
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- सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों से आवेदनों का रिकॉर्ड मांग लिया है। एक एक आवेदन का निस्तारण किया जाएगा। जिस स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन के भीतर सभी पात्र परिवारों के राशन कार्ड जारी करा दिए जाएंगे। - विकास गौतम, जिलापूर्ति अधिकारी।