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पिछले चार दिन से पेय जल को तरस रहे है ग्रामीण, ग्रांम पंचाय की है जिम्मेदारी
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सप्लाई वाल्व खराब, चार दिन से पानी को तरस रहे कैली के ग्रामीण
खरखौदा। चार दिन पहले टंकी का सप्लाई वाल्व खराब हो गया। जिससे पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्राम प्रधान के मुताबिक उसे ठीक कराने की कोशिश भी की गई पर कामयाबी नहीं मिल सकी। इस समस्या के चलते ग्रामीण पीने के पानी को तरस गए हैं। लोगों की माने तो उनहें पानी प्लांट से खरीदना पड़ रहा है।
कैली गांव के पास धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते नलों से दूषित पानी निकलता है। ग्रामीणों के अनुसार दो वर्ष पहले तक क्षेत्र में जल निकासी का कोई उचित साधन नहीं था। जिस कारण फैक्ट्रियों से निकला दूषित पानी खुले में भरा रहता था या रिबोर कर जमीन में छोड़ दिया जाता था। करीब दस वर्ष पहले गांव के भूजल की जांच कराकर जल निगम ने गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया था। गांव की करीब 10 हजार की आबादी है। पीने के लिए टंकी के पानी का प्रयोग किया जाता है। घरों में नल भी लगे हैं लेकिन पानी दूषित निकलता है। जो पीने लायक नहीं है। बताया कि चार दिन पहले टंकी की जल आपूर्ति ठप पड़ गई। पूछताछ में बताया कि पाइप लाइन में तकनीकी खराबी है। चार दिन बाद भी उसे ठीक नहीं कराया जा सका है। जिसके चलते लोग पीने के पानी को परेशान हैं। ग्रामीणों की माने तो पीने का पानी या तो वाटर प्लांटों सेे खरीदना पड़ रहा है या वही नल का दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
सप्लाई वाल्व में खराबी
टंकी के सप्लाई वाल्व में खराबी है। जिसे मिस्त्री से ठीक कराने का भी प्रयास कराया गया है लेकिन ठीक नहीं हो सकी। अभी पानी की आपूर्ति में एक दिन का समय और लगेगा। अमित त्यागी, ग्राम प्रधान कैली।
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खरखौदा। चार दिन पहले टंकी का सप्लाई वाल्व खराब हो गया। जिससे पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई। ग्राम प्रधान के मुताबिक उसे ठीक कराने की कोशिश भी की गई पर कामयाबी नहीं मिल सकी। इस समस्या के चलते ग्रामीण पीने के पानी को तरस गए हैं। लोगों की माने तो उनहें पानी प्लांट से खरीदना पड़ रहा है।
कैली गांव के पास धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के चलते नलों से दूषित पानी निकलता है। ग्रामीणों के अनुसार दो वर्ष पहले तक क्षेत्र में जल निकासी का कोई उचित साधन नहीं था। जिस कारण फैक्ट्रियों से निकला दूषित पानी खुले में भरा रहता था या रिबोर कर जमीन में छोड़ दिया जाता था। करीब दस वर्ष पहले गांव के भूजल की जांच कराकर जल निगम ने गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया था। गांव की करीब 10 हजार की आबादी है। पीने के लिए टंकी के पानी का प्रयोग किया जाता है। घरों में नल भी लगे हैं लेकिन पानी दूषित निकलता है। जो पीने लायक नहीं है। बताया कि चार दिन पहले टंकी की जल आपूर्ति ठप पड़ गई। पूछताछ में बताया कि पाइप लाइन में तकनीकी खराबी है। चार दिन बाद भी उसे ठीक नहीं कराया जा सका है। जिसके चलते लोग पीने के पानी को परेशान हैं। ग्रामीणों की माने तो पीने का पानी या तो वाटर प्लांटों सेे खरीदना पड़ रहा है या वही नल का दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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सप्लाई वाल्व में खराबी
टंकी के सप्लाई वाल्व में खराबी है। जिसे मिस्त्री से ठीक कराने का भी प्रयास कराया गया है लेकिन ठीक नहीं हो सकी। अभी पानी की आपूर्ति में एक दिन का समय और लगेगा। अमित त्यागी, ग्राम प्रधान कैली।
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