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कान्हा उपवन में सुविधाएं अधूरी, योजना कैसे होंगी पूरी
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कान्हा उपवन में सुविधाएं अधूरी, योजना कैसे होंगी पूरी
- बराल परतापुर में बनाया जा रहा कान्हा उपवन
- निगम ने अभी तक नहीं कराया बिजली कनेक्शन
- एक करोड़ 15 लाख रुपये हो चुके हैं खर्च
- 800 से अधिक गोवंश को रखने की होनी है व्यवस्था
- 100 से अधिक गोवंश कान्हा उपवन पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कान्हा उपवन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल हैं। सरकार ने कान्हा उपवन निर्माण के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए चारे आदि का बजट भी घोषित कर दिया है। अब सीएम ने एक माह में स्वयं प्रदेश के कान्हा उपवनों को देखने का मन बनाया है। इसके बाद से नगर निगम और जिला प्रशासन की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। नगरायुक्त एक सप्ताह के भीतर सभी अस्थायी गौशालाओं से गोवंश को कान्हा उपवन में भेजने की बात कह रहे हैं।
15 करोड़ की बनाई थी डीपीआर
कान्हा उपवन के लिए नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी। जो शासन को भेजी गई थी। इसमें गोवंश के लिए शेड, पानी के लिए चर, चारे के लिए स्टोर, नहाने के लिए तालाब, फव्वारे, पशु चिकित्सालय, सबमर्सिबल, लाइट, गोबर से वर्मी कंपोस्ट प्लांट की व्यवस्था की जानी है। शासन से अभी डीपीआर स्वीकृत नहीं हुई है। यदि निगम की इस डीपीआर के अनुसार कान्हा उपवन बनता है तो इससे काफी राहत मिलेगी।
बराल परतापुर में है कान्हा उपवन
कान्हा उपवन का निर्माण परतापुर के बराल गांव में तैयार किया जा रहा है। यहां 800 से अधिक गौवंश को रखने की व्यवस्था की जानी है। चार दीवारी होने के बाद गोवंश के लिए शेड भी डल चुका है। पानी की दो चर भी बन चुकी हैं, लेकिन अभी तक कान्हा उपवन में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इस कारण पानी की भी दिक्कत है।
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100 से अधिक गोवंश कान्हा उपवन पहुंचे
नगर निगम ने पिछले सप्ताह कान्हा उपवन में 100 से अधिक गोवंश को पहुंचा दिया है। उनके चारे और पानी की व्यवस्था एक ठेकेदार को दी गई है। अभी तक तो निर्माण ठेकेदार अपने जनरेटर से ही सबमर्सिबल चलाकर गोवंश को पीने का पानी दे रहा है। वहीं एक सप्ताह के भीतर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में सूरजकुंड पर संचालित कांजी हाउस और वाहन डिपो परिसर में अस्थायी गोशाला से लगभग 185 गोवंश को कान्हा उपवन भेजना है। यदि समय रहते सुविधाएं पूरी नहीं की गई तो गोवंश को काफी परेशानी होगी।
गोवंश को नहीं मिल रहा उपचार
गोशालाओं में बीमार और कमजोर गोवंश को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि गोवंश लगातार दम तोड़ रहे हैं। यदि हम सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर में अस्थायी गोशाला में बीमार गोवंश की बात करें तो अभी भी संख्या आधा दर्जन है। इनको देखने वाला कोई नहीं है। गोशाला में काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि जब भी पशु चिकित्सकों को फोन करते हैं तो वह आते हैं और दवाई भी देते हैं। बता दें कि इस अकेली गोशाला में तीन माह में डेढ़ दर्जन गोवंश दम तोड़ चुके हैं।
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लापवाही पर होगी कार्रवाई
कान्हा उपवन में कहीं पर भी लपरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह के भीतर सभी गोवंश कान्हा उपवन में होंगे। बिजली कनेक्शन के साथ सौर ऊर्जा का प्लांट भी लगवाने की योजना है। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
जल्द काम होगा पूरा
निर्माण का कार्य लगभग पूरा है। कान्हा उपवन परिसर में ईंटे बिछाने का काम चल रहा है। एक सप्ताह मेें कार्य पूरा करा दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए पथ प्रकाश विभाग के इंस्पेक्टर को बता दिया गया है। -राजपाल यादव, सहायक अभियंता, नगर निगम
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- बराल परतापुर में बनाया जा रहा कान्हा उपवन
- निगम ने अभी तक नहीं कराया बिजली कनेक्शन
- एक करोड़ 15 लाख रुपये हो चुके हैं खर्च
- 800 से अधिक गोवंश को रखने की होनी है व्यवस्था
- 100 से अधिक गोवंश कान्हा उपवन पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कान्हा उपवन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल हैं। सरकार ने कान्हा उपवन निर्माण के लिए ही नहीं बल्कि पशुओं के लिए चारे आदि का बजट भी घोषित कर दिया है। अब सीएम ने एक माह में स्वयं प्रदेश के कान्हा उपवनों को देखने का मन बनाया है। इसके बाद से नगर निगम और जिला प्रशासन की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। नगरायुक्त एक सप्ताह के भीतर सभी अस्थायी गौशालाओं से गोवंश को कान्हा उपवन में भेजने की बात कह रहे हैं।
15 करोड़ की बनाई थी डीपीआर
कान्हा उपवन के लिए नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी। जो शासन को भेजी गई थी। इसमें गोवंश के लिए शेड, पानी के लिए चर, चारे के लिए स्टोर, नहाने के लिए तालाब, फव्वारे, पशु चिकित्सालय, सबमर्सिबल, लाइट, गोबर से वर्मी कंपोस्ट प्लांट की व्यवस्था की जानी है। शासन से अभी डीपीआर स्वीकृत नहीं हुई है। यदि निगम की इस डीपीआर के अनुसार कान्हा उपवन बनता है तो इससे काफी राहत मिलेगी।
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बराल परतापुर में है कान्हा उपवन
कान्हा उपवन का निर्माण परतापुर के बराल गांव में तैयार किया जा रहा है। यहां 800 से अधिक गौवंश को रखने की व्यवस्था की जानी है। चार दीवारी होने के बाद गोवंश के लिए शेड भी डल चुका है। पानी की दो चर भी बन चुकी हैं, लेकिन अभी तक कान्हा उपवन में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इस कारण पानी की भी दिक्कत है।
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100 से अधिक गोवंश कान्हा उपवन पहुंचे
नगर निगम ने पिछले सप्ताह कान्हा उपवन में 100 से अधिक गोवंश को पहुंचा दिया है। उनके चारे और पानी की व्यवस्था एक ठेकेदार को दी गई है। अभी तक तो निर्माण ठेकेदार अपने जनरेटर से ही सबमर्सिबल चलाकर गोवंश को पीने का पानी दे रहा है। वहीं एक सप्ताह के भीतर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में सूरजकुंड पर संचालित कांजी हाउस और वाहन डिपो परिसर में अस्थायी गोशाला से लगभग 185 गोवंश को कान्हा उपवन भेजना है। यदि समय रहते सुविधाएं पूरी नहीं की गई तो गोवंश को काफी परेशानी होगी।
गोवंश को नहीं मिल रहा उपचार
गोशालाओं में बीमार और कमजोर गोवंश को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि गोवंश लगातार दम तोड़ रहे हैं। यदि हम सूरजकुंड वाहन डिपो परिसर में अस्थायी गोशाला में बीमार गोवंश की बात करें तो अभी भी संख्या आधा दर्जन है। इनको देखने वाला कोई नहीं है। गोशाला में काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि जब भी पशु चिकित्सकों को फोन करते हैं तो वह आते हैं और दवाई भी देते हैं। बता दें कि इस अकेली गोशाला में तीन माह में डेढ़ दर्जन गोवंश दम तोड़ चुके हैं।
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लापवाही पर होगी कार्रवाई
कान्हा उपवन में कहीं पर भी लपरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह के भीतर सभी गोवंश कान्हा उपवन में होंगे। बिजली कनेक्शन के साथ सौर ऊर्जा का प्लांट भी लगवाने की योजना है। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त
जल्द काम होगा पूरा
निर्माण का कार्य लगभग पूरा है। कान्हा उपवन परिसर में ईंटे बिछाने का काम चल रहा है। एक सप्ताह मेें कार्य पूरा करा दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन के लिए पथ प्रकाश विभाग के इंस्पेक्टर को बता दिया गया है। -राजपाल यादव, सहायक अभियंता, नगर निगम