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छह साल के कर्ण के लिए फरिश्ता बनी मेडिकल पुलिस
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छह साल के कर्ण के लिए फरिश्ता बनी मेडिकल पुलिस
मेरठ। छह साल के कर्ण के लिए मेडिकल पुलिस फरिश्ता बन गई। यह बच्चा पैर में चोट लगने से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। हालत भी ऐसी कि जरा सी देरी हो जाती तो उसका एक पैर काटना पड़ जाता। कर्ण के पिता को पत्नी से मारपीट के चलते पुलिस ने थाने में बैठा लिया था, लेकिन बच्चे की हालत देखते हुए पुलिस ने न सिर्फ उसके पति को छोड़ा, बल्कि बच्चे के लिए खून की व्यवस्था भी कराई।
हापुड़ के गढ़ थाना क्षेत्र के अटसेनी गांव निवासी चरण सिंह पेशे से मजदूर है। कुछ दिन चरण के छह साल के बेटे कर्ण को जीने से गिरने पर चोट लग गई थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर मासूम का इलाज नहीं हुआ तो एक पैर की स्थिति बिगड़ गई। परिजनों ने बच्चे को तीन दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया।
बुधवार को बच्चे को खून की जरूरत थी, इसके लिए पिता चरण और मां कृष्णा ने खूब प्रयास किया, लेकिन कहीं ब्लड नहीं मिला। इस दौरान दंपती में कहासनी होे गई। जिसे बाद चरण ने पत्नी कृष्णा के साथ मेडिकल कॉलेज में ही मारपीट कर दी। सूचना पर पुलिस चरण को ले गई और थाने में बैठा लिया।
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बृहस्पतिवार को कृष्णा मेडिकल थाने पहुंची और इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र के सामने हाथ जोड़कर बिलख पड़ी। पीड़िता ने कहा यदि उसके बच्चे को ब्लड नहीं मिला, तो उसके बच्चे का पैर भी काटना पड़ सकता है। इस पर मेडिकल इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र ने फैंटम को मौके पर भेजा और घायल बच्चे की स्थिति की जानकारी ली। बाद में इंस्पेक्टर ने महिला कृष्णा की सुपुर्दगी में उसके पति चरण को थाने से छोड़ दिया। इंस्पेक्टर ने बच्चे के लिए ब्लड की भी व्यवस्था करवाई।
याद रहेगा अहसान
थाने में महिला कृष्णा ने इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों से कहा कि वह पुलिस का जिंदगी भर का अहसान नहीं भूलेगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों से कहा कि किसी की जिंदगी बचाना या इलाज कराना पुलिस का कर्तव्य है।
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मेरठ। छह साल के कर्ण के लिए मेडिकल पुलिस फरिश्ता बन गई। यह बच्चा पैर में चोट लगने से गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। हालत भी ऐसी कि जरा सी देरी हो जाती तो उसका एक पैर काटना पड़ जाता। कर्ण के पिता को पत्नी से मारपीट के चलते पुलिस ने थाने में बैठा लिया था, लेकिन बच्चे की हालत देखते हुए पुलिस ने न सिर्फ उसके पति को छोड़ा, बल्कि बच्चे के लिए खून की व्यवस्था भी कराई।
हापुड़ के गढ़ थाना क्षेत्र के अटसेनी गांव निवासी चरण सिंह पेशे से मजदूर है। कुछ दिन चरण के छह साल के बेटे कर्ण को जीने से गिरने पर चोट लग गई थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर मासूम का इलाज नहीं हुआ तो एक पैर की स्थिति बिगड़ गई। परिजनों ने बच्चे को तीन दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया।
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बुधवार को बच्चे को खून की जरूरत थी, इसके लिए पिता चरण और मां कृष्णा ने खूब प्रयास किया, लेकिन कहीं ब्लड नहीं मिला। इस दौरान दंपती में कहासनी होे गई। जिसे बाद चरण ने पत्नी कृष्णा के साथ मेडिकल कॉलेज में ही मारपीट कर दी। सूचना पर पुलिस चरण को ले गई और थाने में बैठा लिया।
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बृहस्पतिवार को कृष्णा मेडिकल थाने पहुंची और इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र के सामने हाथ जोड़कर बिलख पड़ी। पीड़िता ने कहा यदि उसके बच्चे को ब्लड नहीं मिला, तो उसके बच्चे का पैर भी काटना पड़ सकता है। इस पर मेडिकल इंस्पेक्टर प्रशांत मिश्र ने फैंटम को मौके पर भेजा और घायल बच्चे की स्थिति की जानकारी ली। बाद में इंस्पेक्टर ने महिला कृष्णा की सुपुर्दगी में उसके पति चरण को थाने से छोड़ दिया। इंस्पेक्टर ने बच्चे के लिए ब्लड की भी व्यवस्था करवाई।
याद रहेगा अहसान
थाने में महिला कृष्णा ने इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मियों से कहा कि वह पुलिस का जिंदगी भर का अहसान नहीं भूलेगी। इस दौरान पुलिसकर्मियों से कहा कि किसी की जिंदगी बचाना या इलाज कराना पुलिस का कर्तव्य है।