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गोशाला में चार पशुओं की मौत, हंगामा
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गोशाला में चार पशुओं की मौत, हंगामा
गोशाला में क्षमता से अधिक पशु रख जाने से बिगड़ रही गोवंश की हालत
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। हस्तिनापुर रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में दो गाय समेत चार गोवंश की तीन दिन पहले मौत हो जाने का मामला रविवार को प्रकाश में आया। गोवंश में कीड़े पड़ चुके थे। इसके बाद भी किसी चिकित्सक या अधिकारी को जानकारी नहीं दी गई। गुपचुप तरीके से गोवंश को दबाने के लिए जेसीबी से संपर्क साधा जा रहा था। इसकी जानकारी पाकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। हालांकि इस दौरान किसी का फोन आने के बाद कार्यकर्ता गोशाला से चुपचाप निकल गए।
गोशाला में हैं 171 गोवंश
हस्तिनापुर रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में इन दिनों 171 गोवंश हैं। इनमें से 118 गोवंश को मवाना ब्लॉक के माध्यम से छोड़े गए हैं। ब्लॉक अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से तीस रुपये खर्च दिया जा रहा है। बाकी पशु चंदे की रकम के भरोसे हैं। गोशाला में पशुओं को रखने की जगह कम है, लेकिन अभियान के दौरान लगातार गोशाला में पशु छोड़े गए। जिसके बाद ब्लॉक ने यहां टिन शेड का निर्माण कराया। इससे पशुओं का चारा बोने वाली जमीन कम हुई।
तीन दिन से गोशाला में मृत पड़े थे गोवंश
गोशाला में पिछले तीन दिन से एक गाय समेत चार गोवंश मरे पड़े थे। इसकी जानकारी गोशाला समिति को थी। इसके बाद भी पशुओं को यहां से नहीं हटाया गया। उनमें कीड़े पड़ जाने से गोशाला में बदबू फैल गई। रविवार को मामले का खुलासा हुआ। हालांकि बाद में जेसीबी मंगाकर चारों पशुओं को दबा दिया गया।
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सूखे चारे के भरोसे गोवंश
गोशाला में छोड़े गए पशु हरा चारा कम व सूखा चारा खाने पर मजबूर हैं। पशुओं को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है, जबकि हरा चारा कभी कभार दिया जाता है। जिस कारण गोवंश कमजोर होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगता दिख रहा है। जगह-जगह गोवंश मरने की खबर आ रही है। देखभाल नहीं होने एवं सही समय पर उपचार नहीं मिलने के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं।
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गोशाला में क्षमता से अधिक पशु रख जाने से बिगड़ रही गोवंश की हालत
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। हस्तिनापुर रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में दो गाय समेत चार गोवंश की तीन दिन पहले मौत हो जाने का मामला रविवार को प्रकाश में आया। गोवंश में कीड़े पड़ चुके थे। इसके बाद भी किसी चिकित्सक या अधिकारी को जानकारी नहीं दी गई। गुपचुप तरीके से गोवंश को दबाने के लिए जेसीबी से संपर्क साधा जा रहा था। इसकी जानकारी पाकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। हालांकि इस दौरान किसी का फोन आने के बाद कार्यकर्ता गोशाला से चुपचाप निकल गए।
गोशाला में हैं 171 गोवंश
हस्तिनापुर रोड स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में इन दिनों 171 गोवंश हैं। इनमें से 118 गोवंश को मवाना ब्लॉक के माध्यम से छोड़े गए हैं। ब्लॉक अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से तीस रुपये खर्च दिया जा रहा है। बाकी पशु चंदे की रकम के भरोसे हैं। गोशाला में पशुओं को रखने की जगह कम है, लेकिन अभियान के दौरान लगातार गोशाला में पशु छोड़े गए। जिसके बाद ब्लॉक ने यहां टिन शेड का निर्माण कराया। इससे पशुओं का चारा बोने वाली जमीन कम हुई।
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तीन दिन से गोशाला में मृत पड़े थे गोवंश
गोशाला में पिछले तीन दिन से एक गाय समेत चार गोवंश मरे पड़े थे। इसकी जानकारी गोशाला समिति को थी। इसके बाद भी पशुओं को यहां से नहीं हटाया गया। उनमें कीड़े पड़ जाने से गोशाला में बदबू फैल गई। रविवार को मामले का खुलासा हुआ। हालांकि बाद में जेसीबी मंगाकर चारों पशुओं को दबा दिया गया।
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सूखे चारे के भरोसे गोवंश
गोशाला में छोड़े गए पशु हरा चारा कम व सूखा चारा खाने पर मजबूर हैं। पशुओं को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है, जबकि हरा चारा कभी कभार दिया जाता है। जिस कारण गोवंश कमजोर होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगता दिख रहा है। जगह-जगह गोवंश मरने की खबर आ रही है। देखभाल नहीं होने एवं सही समय पर उपचार नहीं मिलने के अभाव में गोवंश दम तोड़ रहे हैं।