{"_id":"5ceee8f3bdec2207863ac34f","slug":"15591611226-meerut-news32","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘पहले दो जमीन फिर जाएंगे शहर से बाहर’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘पहले दो जमीन फिर जाएंगे शहर से बाहर’
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘पहले दो जमीन फिर जाएंगे शहर से बाहर’
मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक नगर निगम प्रशासन शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। लेकिन डेयरी संचालकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को ईदगाह पर हुई बैठक में डेयरी संचालकों ने चेतावनी दी कि अगर बगैर जमीन दिए उनको शहर से खदेड़ा गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
महानगर में करीब 2200 डेयरियां हैं। इनमें लगभग 35 हजार पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाले गोबर से शहर के नाले-नाली चोक हो जाते हैं। शहर से डेयरियों को बाहर करने की एक यचिका हाईकोर्ट में दाखिल है। मामले में हाईकोर्ट ने नगरायुक्त को 30 जून तक शहर से डेयरियों को बाहर कर एक जुलाई को रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। निगम प्रशासन जून के प्रथम सप्ताह में डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए अभियान शुरू करने की रणनीति बना रहा है। उससे पहले ही डेयरी संचालक एसोसिएशन ने बुधवार को दिल्ली रोड स्थित ईदगाह पर बैठक की।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष महेन्द्र उपाध्याय, हाजी असलम, प्रवेश त्यागी, अमरीश, अमित आदि ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर हमें डेयरियों को शहर से बाहर ले जाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कैटल कॉलोनी विकसित कर उसमें सभी को भूमि दी जाए। सभी ने भूमि के लिए आवेदन किया है, लेकिन जिला प्रशासन भूमि देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जमीन दिए बगैर डेयरियों को बाहर किया गया तो हम भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालकों की तरफ से हाईकोर्ट में डाली गई याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। उस पर एक जुलाई को सुनवाई होनी है। उधर डीएम और नगरायुक्त पहले ही भूमि न देने पर बात कर चुके हैं। चेतावनी भी दे चुके हैं कि शहर से सभी डेयरियों को बाहर करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक नगर निगम प्रशासन शहर से डेयरियों को बाहर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। लेकिन डेयरी संचालकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को ईदगाह पर हुई बैठक में डेयरी संचालकों ने चेतावनी दी कि अगर बगैर जमीन दिए उनको शहर से खदेड़ा गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
महानगर में करीब 2200 डेयरियां हैं। इनमें लगभग 35 हजार पशु हैं। डेयरियों से निकलने वाले गोबर से शहर के नाले-नाली चोक हो जाते हैं। शहर से डेयरियों को बाहर करने की एक यचिका हाईकोर्ट में दाखिल है। मामले में हाईकोर्ट ने नगरायुक्त को 30 जून तक शहर से डेयरियों को बाहर कर एक जुलाई को रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। निगम प्रशासन जून के प्रथम सप्ताह में डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए अभियान शुरू करने की रणनीति बना रहा है। उससे पहले ही डेयरी संचालक एसोसिएशन ने बुधवार को दिल्ली रोड स्थित ईदगाह पर बैठक की।
विज्ञापन
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष महेन्द्र उपाध्याय, हाजी असलम, प्रवेश त्यागी, अमरीश, अमित आदि ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर हमें डेयरियों को शहर से बाहर ले जाने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कैटल कॉलोनी विकसित कर उसमें सभी को भूमि दी जाए। सभी ने भूमि के लिए आवेदन किया है, लेकिन जिला प्रशासन भूमि देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जमीन दिए बगैर डेयरियों को बाहर किया गया तो हम भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि डेयरी संचालकों की तरफ से हाईकोर्ट में डाली गई याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। उस पर एक जुलाई को सुनवाई होनी है। उधर डीएम और नगरायुक्त पहले ही भूमि न देने पर बात कर चुके हैं। चेतावनी भी दे चुके हैं कि शहर से सभी डेयरियों को बाहर करना होगा।
विज्ञापन